शिमला : कांग्रेस ने शिमला स्थित प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है। घोषणा पत्र में जनता से कई वादे किए गए हैं। मंत्रिमंडल की पहली बैठक में एक लाख सरकारी नौकरियां देने का फैसला लिया जाएगा। जयराम सरकार द्वारा राजनीतिक आधार पर कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के लिए किए गए सभी स्थानांतरण रद्द किए जाएंगे। ग्रामीण इलाकों में सड़कें बनाने के लिए अभी ग्रामीणों को गिफ्ट-डीड बनाकर देना पड़ता है।
कांग्रेस की सरकार ग्रामीण सड़कों के लिए भू-अधिग्रहण कानून लागू कर भू-स्वामियों को चार गुना मुआवज़ा देने का प्रावधान करेगी। कांग्रेस सरकार महंगाई से निपटने के लिए लोगों की जेबों में पैसा डालने का कार्य करेगी। पुरानी पेंशन योजना लागू करके, महिलाओं को 1500 रुपए प्रति माह देकर और 300 यूनिट बिजली मुफ्त देकर लोगों की जेबों में पैसा डालने का प्रयास कर रहे हैं।
कांग्रेस की सरकार कृषि एवं बागवानी आयोग का गठन करेगी जिसमें किसानों और बागवानों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। किसानों और बागवानों की सलाह से यह आयोग फलों की कीमत तय करेगा। आयोग की सलाह पर हर कैटेगरी के सेब के लिए एक न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया जाएगा। इससे कम दाम पर किसी को भी सेब खरीदने पर रोक लगा दी जाएगी चाहे वह अडानी की कंपनी ही क्यों न हो। सोलन जिले में एक फूड प्रोसेसिगं पार्क बनाया जाएगा।
कांग्रेस सरकार हिमाचल में युवा आयोग का गठन करेगी। प्रदेश भर में पारंपरिक खेलों का एक वार्षिक आयोजन किया जाएगा। सरकार बनते ही कैबि नेट की पहली मीटिंग में एक लाख सरकारी नौकरियां दी जाएंगीं। इससे प्रदेश में रिक्त पड़े सरकारी पद भी भर जाएंगे और युवाओं को नए अवसर मिलेंगे। प्रदेश में कुल पांच लाख युवाओं को रोजगार दिलवाया जाएगा। हर विधानसभा में 10 करोड़ रुपये यानी पूरे प्रदेश में 680 करोड़ रुपये के युवा स्टार्ट-अप फंड की स्थापना की जाएगी।
इससे अपना उद्योग या कारोबार स्थापित करने वाले युवाओं को शून्य प्रतिशत ब्याज पर धन उपलब्ध हो सकेगा। एक भर्ती विधान तैयार किया जाएगा जिसमें किसी नौकरी के लिए वि ज्ञापन जारी होने के छह महीनों के भीतर नियुक्तियां देना अनिवार्य बनाया जाएगा। प्रदेश के निजी उद्योगों में 80 फीसदी हिमाचल के युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने की नीति को प्रभावी रूप से लागू करवाया जाएगा। विभागों, निगमों, बोर्डों में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए अलग से नीति बनाई जाएगी।
सरकार के गठन के तुरंत बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करेंगे। कर्मचारियों को देय एरियर का निश्चित समयावधि में भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक नई पारदर्शी नीति बनाई जाएगी। संविदा या कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमित भर्ती में बोनस अंक देकर प्राथमिकता दी जाएगी। कर्मचारियों के वेतन, भतों की बढ़ोतरी व पदोन्नति को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पुलिस की समस्त कॉन्ट्रैक्ट नियुक्तियां आठ वर्ष की जगह दो वर्ष में नियमित की जाएंगीं।
निजी शिक्षण संस्थानों में फीस को नियंत्रित किया जाएगा और समाज के पिछड़े वर्गों (बीपीएल/ईडब्ल्यूएस) की फीस में कमी की जाएगी। हिमाचल में नशे के खिलाफ अभियान को मजबूत बनाने के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक नशारोधी प्रवर्तन प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। हर उपमंडल में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पिछले पांच साल में भाजपा सरकार खुद खनन माफिया बन बैठी और तमाम खनन अपराधियों को संरक्षण देती रही। अवैध खनन की वजह से चक्की का पुल जिस तरह से गिरा है वह इसका उदाहरण है।
कांग्रेस की सरकार में इन खनन माफियाओं को ठिकाने लगाया जाएगा और प्राकृतिक संसाधनों की लूट बंद की जाएगी। अवैध खनन में शामिल किसी भी व्यक्ति पर कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। कांग्रेस सरकार हिमाचल में खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिगं) के छोटे, मंझोले और बड़े उद्योग स्थापित करेगी। इसके लिए विशेष औद्योगिक पैकेज दिए जाएंगे।
सोलन में मशरूम, सेब और टमाटर व साग-सब्जियों के प्रसंस्करण के लिए स्पेशल फूड पार्क की स्थापना की जाएगी। उद्योगों को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी। न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 500 रुपए प्रतिदिन की जाएगी। फल व सब्जियों को बाजार तक सुचारू रूप से पहुंचाकर उत्पादकों को लाभ पहुंचाने के लिए वेजिटेबल एंड हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग फेडरेशन का गठन किया जाएगा।







