नई दिल्ली। कांग्रेस ने केरल, असम, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को असम के लिए बनाई गई स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्षता सौंपी गई है। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, असम से संबंधित स्क्रीनिंग कमेटी में प्रियंका गांधी के साथ सप्तगिरि उलाका, इमरान मसूद और श्रीवेला प्रसाद को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री की अध्यक्षता में केरल के लिए गठित स्क्रीनिंग कमेटी में सैयद नासिर हुसैन, नीरज डांगी और अभिषेक दत्त को शामिल किया गया है। जबकि छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव को तमिलनाडु और पुडुचेरी से संबंधित स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। यशोमती ठाकुर, जीसी चंद्रशेखर और अनिल कुमार यादव को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बी के हरिप्रसाद को पश्चिम बंगाल के लिए बनी स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्षता सौंपी गई है। मोहम्मद जावेद, ममता देवी और बी पी सिंह को भी इस कमेटी में जगह दी गई है। स्क्रीनिंग कमेटी हर सीट पर टिकट के लिए दावेदारी करने वालों में से कुछ लोगों के नाम पार्टी केंद्रीय चुनाव समिति के पास भेजती है, जहां उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगती है।
इन राज्यों में इस साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव संभावित है। 126 सदस्यीय असम विधानसभा के चुनाव इस साल मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है। पिछले महीने कांग्रेस, CPI(M), राइजर दल, असम जातीय परिषद (AJP), CPI, CPI(ML) लिबरेशन, जातीय दल-असोम (JDA) और कार्बी आंगलोंग स्थित ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (APHLC) ने एक कॉमन प्लेटफॉर्म से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए हाथ मिलाया था।
फिलहाल, 126 सदस्यों वाली असम विधानसभा में सत्ताधारी BJP की ताकत 64 है। जबकि उसके सहयोगी AGP के पास 9 विधायक, UPPL के पास सात और BPF के पास तीन सदस्य हैं। विपक्ष खेमे में कांग्रेस की 26 सीट है। जबकि AIUDF के पास 15 सदस्य और CPI(M) के पास एक विधायक है। वहीं, एक निर्दलीय विधायक भी है।
कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को ऐसे समय में बड़ी जिम्मेदारी दी है जब पार्टी के कुछ नेता उनको संभावित प्रधानमंत्री चेहरा बनाने की मांग कर रहे हैं। सहारनपुर से कांग्रेस सांसद और पार्टी के सीनियर नेता इमरान मसूद ने हाल ही में यह मांग की थी।
इमरान मसूद ने पिछले महीने कहा था कि अगर प्रियंका गांधी वाड्रा प्रधानमंत्री बनती हैं, तो वह अपनी दादी और पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की तरह ही कड़ा रुख अपनाएंगी। वह बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर प्रियंका गांधी की टिप्पणियों का बचाव कर रहे थे।







