नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस के विजिलेंस डिपार्टमेंट ने मिजोरम में तैनात IPS ऑफिसर शंकर चौधरी (SP नारकोटिक्स) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शंकर चौधरी के ऊपर दक्षिणी दिल्ली साल 2023 में नारकोटिक्स ऑपरेशन के दौरान अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल करने का आरोप है। साथ ही उनपर गैर-कानूनी तरीके से विदेशी शख्स को हिरासत में लेने, बिना इजाजत छापा मारने और जब्त की गई संपत्ति की हेराफेरी करने जैसे गंभीर आरोप हैं।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार जानकारी देते हुए बताया कि शंकर चौधरी 2011 बैच के AGMUT कैडर के अधिकारी हैं। वह दिल्ली के द्वारका के पूर्व डीसीपी रह चुके हैं। एफआईआर के अनुसार, शंकर चौधरी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 166 (लोक सेवक द्वारा कानून का उल्लंघन), 341 (अवैध रूप से रोकना), 342 (अवैध रूप से कैद करना) और 409 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सतर्कता पुलिस थाने में केस दर्ज
यह मामला पांच फरवरी को सतर्कता पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा की गई जांच के बाद एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश की गई थी।
मामला क्या है?
एफआईआर के अनुसार, शंकर चौधरी ने कथित तौर पर बिना किसी लिखित अनुमति के और अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर मिजोरम से आकर दिल्ली में छापेमारी की थी। इस अभियान के दौरान, नाइजीरिया के हैरिसन नाम के विदेशी नागरिक को कथित तौर पर चार दिनों तक दिल्ली में ही मिजोरम हाउस में अवैध रूप से हिरासत में रखा था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हैरिसन को न तो औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया और न ही कानून के तहत अनिवार्य 24 घंटे की अवधि के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।
वहीं, विजिलेंस ने इस शिकायत की जांच की। इस केस में दिल्ली पुलिस के तीन कांस्टेबलों ने भी शंकर चौधरी का साथ दिया। उनके खिलाफ भी अब एक्शन होगा।







