नई दिल्ली। भारत में अगले महीने होने वाली जी-20 समिट से पहले प्रतिबंधित खालिस्तानी आतंकी संगठन द्वारा राजधानी दिल्ली का माहौल बिगाड़ने की कोशिश हो रही है। इस बार कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था के बावजूद दिल्ली में कई मेट्रो स्टेशनों की दीवारों समेत कई जगहों पर काले रंग से राष्ट्र विरोधी और खालिस्तान समर्थित नारे लिखे जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल सहित स्थानीय जिलों की टीमें अलर्ट मोड में आ गई हैं और मामले की तफ्तीश जारी है।
दिल्ली पुलिस ने रविवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कथित तौर पर सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के कार्यकर्ताओं या समर्थकों द्वारा दिल्ली में कई मेट्रो स्टेशनों की दीवारों पर ‘दिल्ली बनेगा खालिस्तान’, ‘खालिस्तान जिंदाबाद’, ‘खालिस्तान जनमत संग्रह जिंदाबाद’ और ‘मोदी के भारत ने सिखों का नरसंहार किया’ जैसे विवादास्पद नारे लिख दिए। इसकी जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची दिल्ली पुलिस ने दीवारों को धोकर साफ कर दिया है। इसके साथ ही इस मामले में कानूनी कार्रवाई कर रही है। बताया जा रहा है कि इसके पीछे प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) का हाथ है।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि G20 समिट से पहले, सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने दिल्ली मेट्रो स्टेशनों के रॉ फुटेज जारी किए हैं, जहां खालिस्तान समर्थक नारे लिखे हुए हैं। इन फुटेज में दिल्ली के कई मेट्रो स्टेशनों पर शिवाजी पार्क से पंजाबी बाग तक एसएफजे कार्यकर्ताओं को खालिस्तान समर्थक नारे के साथ दिखाया गया है।
एसएफजे द्वारा जिन मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान समर्थक और भारत विरोधी नारे लिखे हैं उनमें- ग्रीन लाइन कॉरिडोर पर स्थित शिवाजी पार्क, मादीपुर, पश्चिम विहार, उद्योग नगर, महाराजा सूरजमल स्टेडियम, पंजाबी बाग, नांगलोई मेट्रो स्टेशन और नांगलोई का सर्वोदय बाल विद्यालय शामिल हैं।
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस उपायुक्त (मेट्रो) जी राम गोपाल नाइक ने कहा कि घटना के संबंध में भारतीय दंड संहिता और अन्य कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। डीसीपी के अनुसार, शिवाजी पार्क, मादीपुर, पशिम विहार और नांगलोई जैसे मेट्रो स्टेशनों की संपत्ति पर आपत्तिजनक भित्तिचित्र पाए गए।
डीसीपी नाइक ने कहा, “हम मामला दर्ज कर रहे हैं और दीवारों को ऐसे नारों से रंगने वाले संदिग्ध की पहचान करने और उसे पकड़ने के लिए टीमें गठित कर रहे हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
सोशल मीडिया में पन्नू का वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में विदेश में रहने वाले एसएफजे चीफ गुरपतवंत सिंह पन्नू ने इन घटनाओं की जिम्मेदारी ली है और उसे यह कहते हुए सुना जा सकता है, “भारत के प्रगति मैदान में जी-20 की लड़ाई आज से शुरू हो गई है…सच्चे खालिस्तानियों ने दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों पर नारे लगाए हैं…और यह सभी जी-20 देशों के लिए एक संदेश है…”
एचटी स्वतंत्र रूप से सोशल मीडिया वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है, जिसमें पन्नू को भारत विरोधी टिप्पणी करते हुए दिखाया गया है। घटना से वाकिफ एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह नारे रविवार तड़के दीवारों पर लिखे गए, जब मेट्रो ट्रेन सेवाएं और स्टेशन बंद थे। अधिकारी ने कहा, “हम संदिग्धों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रहे हैं।”
एसएफजे का संचालन अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन में रहने वाले कुछ कट्टरपंथी सिख करते हैं। इस संगठन को भारत सरकार ने 2019 में गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून के तहत प्रतिबंधित कर दिया था।
इस साल गणतंत्र दिवस से पहले भी लिखे गए थे नारे
बता दें कि, यह कोई पहला मामला नहींं है। इससे पहले इसी साल की शुरुआत में गणतंत्र दिवस से पहले भी पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी, जनकपुरी, पश्चिम विहार, पीरागढ़ी और पश्चिमी दिल्ली के अन्य हिस्सों में दीवारों पर पेंट से ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ और ‘रेफरेंडम 2020’ जैसे राष्ट्र विरोधी और खालिस्तान समर्थित नारे लिखे जाने के संबंध में दिल्ली पुलिस ने रविवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने इस संबंध में आईपीसी की धारा 153 बी और 120 बी के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
गौरतलब है कि जी-20 सम्मेलन का आयोजन राजधानी दिल्ली में नौ और 10 सितंबर को किया जाएगा। इसमें यूरोपीय संघ और आमंत्रित अतिथि देशों के 30 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष एवं शीर्ष अधिकारियों और 14 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के भाग लेने की संभावना है।







