नई दिल्ली. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दावा किया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारी मंगलवार को उनके बैंक लॉकर देखने आएंगे. हालांकि, सिसोदिया ने यह भी कहा कि उन्हें कुछ नहीं मिलेगा. आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सिसोदिया उन 15 लोगों और संस्थाओं में शामिल हैं, जिन्हें दिल्ली आबकारी नीति के कार्यान्वयन में हुई कथित अनियमितताओं के सिलसिले में दर्ज सीबीआई की एफआईआर में नामजद किया गया है. सीबीआई ने 19 अगस्त को इस मामले में सिसोदिया के आवास समेत 31 स्थानों पर छापे मारे थे.
सिसोदिया ने ट्वीट किया, ‘कल सीबीआई हमारा बैंक लॉकर देखने आ रही है. 19 अगस्त को मेरे घर पर 14 घंटे के छापे में कुछ नहीं मिला था. लॉकर में भी कुछ नहीं मिलेगा. सीबीआई का स्वागत है. जांच में मेरा और मेरे परिवार का पूरा सहयोग रहेगा.” सिसोदिया का कहना है कि उन्हें एक झूठे मामले में आरोपी बनाया गया है, ताकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आगे बढ़ने से रोका जा सके, जो 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकल्प के तौर पर उभरे हैं.
वहीं इससे पहले सोमवार को दिल्ली विधानसभा में विशेष सत्र के दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल ने विश्वास मत का प्रस्ताव पेश किया. सीएम केजरीवाल ने कहा कि विश्वास मत इसलिए लेकर आए हैं क्योंकि आम आदमी पार्टी का एक एक विधायक कट्टर ईमानदार है. इनका ऑपेरशन लोटस महाराष्ट्र, कर्नाटक, एमपी में पास हो गया, लेकिन दिल्ली में फेल हो गया. अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘इन्होंने हमारे विधायकों को 20-20 करोड़ में खरीदने की कोशिश की. मुझे 12 विधायकों ने आकर खुद बताया. इनका लक्ष्य 40 विधायक को खरीदने का था, जिसके लिए 800 करोड़ रुपये रखे हुए थे. इन्होंने महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, मेघालय, बिहार कई राज्यों की सरकार गिरा दी. अगले कुछ दिनों में झारखंड की गिरा देंगे.







