जयपुर: राजस्थान में नवगठित बीजेपी सरकार में हेल्थ मिनिस्टर फुल एक्शन में हैं. उन्होंने राज्य के सभी अस्पतालों को सुचारू तरीके से चलाने का आदेश क्या दिया, लेट लतीफ आने वाले डॉक्टरों के खिलाफ एक्शन शुरू हो गया है. इसकी शुरुआत नागौर जिले से हुई है. यहां आधा दर्जन से अधिक डॉक्टर का अपसेंट लगाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है. इसी प्रकार खींवसर अस्पताल में भी डॉक्टरों को नोटिस दिया गया है.
यह सभी डॉक्टर 15 जनवरी की सुबह हुई चेकिंग में गैरहाजिर पाए गए थे. बता दें कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने पद ग्रहण करने के साथ ही राज्य के सभी डॉक्टरों को हिदायत दी थी. उन्हें सेवा भाव से काम करने और राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु करने को कहा था. साथ ही उन्होंने राजाज्ञा का उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी. बावजूद इसके राज्य के कई अस्पतालों में डॉक्टर मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं.
आधा दर्जन डॉक्टरों को नोटिस
इसी क्रम में नागौर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने करीब आधा दर्जन डॉक्टरों को नोटिस जारी किया है. सीएमएचओ डॉ. महेश वर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री खुद राज्य के सभी अस्पतालों की निगरानी कर रहे हैं. बावजूद इसके कई डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ ड्यूटी में लापरवाही बरतने से बाज नहीं आ रहे. उन्होंने बताया कि ऐसे डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टॉफ को चिन्हित कर उन्हें नोटिस थमा दिया गया है. सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है.
अन्य अस्पतालों में भी एक्शन
उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई नागौर जिले के राजकीय चिकित्सालय जायल में नियुक्त डॉ. दातारसिंह, डॉ. किशनाराम, डॉ. रमेश कुमार सोनी तथा नेत्र सहायक हरिशंकर गर्वा के खिलाफ हुई है. इसी प्रकार पंडित जेएलएन अस्पताल में भी कुछ डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ 15 जनवरी को देरी से पहुंचे थे. उनके खिलाफ अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी से जांच कर एवं आवश्यक कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है. जबकि खींवसर ब्लॉक के दांतीणा चिकित्सा केन्द्र पर 15 जनवरी को ताला लगा होने तथा राजकीय पीएचसी तांतवास में मरीजों को ईलाज नहीं मिलने के मामे में भी बीसीएमएचओ को तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है.







