कोटा। पिछले दो साल में घरेलू रसोई गैस की कीमतों में 460 रुपए की बढ़ोतरी हो गई। आम उपभोक्ताओं के लिए करीब ढाई साल से सब्सिडी भी बंद भी है। ऐसे में कोटा संभाग में करीब 4 लाख उपभोक्ता ऐसे है, जिन्होंने पिछले कई माह से सिलेण्डर नहीं भरवाया। इनमें अधिकांश उज्जवला योजना कनेक्शन के हैं। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2020 में घरेलू रसोई गैस सिलेण्डर की कीमत 615 रुपए थी, जो बढ़कर अब 1075 हो गई है। कोटा संभाग में भारत गैस, इण्डेन और एचपी कंपनी उपभोक्ताओं को रसोई गैस सिलेण्डर मुहैय्या कराती है। तीनों कम्पनियों के कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ जिले में करीब 15 लाख कनेक्शन हैं, इनमें उज्जवला योजना के तहत करीब 5.40 लाख कनेक्शन हैं।
उज्जवला पर 200 रुपए सब्सिडी
पूर्व में केन्द्र सरकार रसोई गैस पर सभी उपभोक्ताओं को सब्सिडी देती थी, इसकी राशि बैंक खाते में जाती थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते अप्रेल 2020 से सभी सब्सिडी बंद कर दी गई। ऐसे में सभी उपभोक्ताओं को बाजार की कीमत पर सिलेण्डर लेना पड़ रहा है। काफी विरोध के बाद केन्द्र सरकार ने कुछ माह पूर्व उज्जवला योजना के सिलेण्डरों पर 200 रुपए सब्सिडी फिर से शुरू की, लेकिन अभी भी इस योजना के ज्यादातर उपभोक्ता सिलेण्डर नहीं भरवा रहे।
गिनती के सिलेण्डर भरवा रहे
जानकारों मुताबिक उज्जवला योजना में अधिकांश कनेक्शनधारी साल में दो या तीन बार ही सिलेण्डर भरवा रहे हैं। यह भी गैस कम्पनियों के लगातार कॉल करने के बाद भरवाया जा रहा है। एक उच्चाधिकारी के मुताबिक उज्जवला के उपभोक्ता आपातकालीन स्थिति के लिए सिलेण्डर रखते है। बरसात के कारण इन दिनों उनकी मांग बढ़ी है।
तीन माह तक नहीं भरवाया तो कनेक्शन सस्पेंड
नियमानुसार यदि कोई साधारण उपभोक्ता तीन माह तक सिलेण्डर नहीं भरवाता है तो उसका कनेक्शन स्वत: ही सस्पेंड हो जाता है, सिलेण्डर लेने के लिए उसे फिर से कनेक्शन शुरू करवाना पड़ता है, लेकिन उज्जवला योजना में ऐसा नहीं है, इसलिए कई माह तक सिलेण्डर नहीं भरवाने पर भी उनका कनेक्शन सुचारू रहता है।
“उज्जवला पर केन्द्र सरकार 200 रुपए सब्सिडी दे रही है। हम उपभोक्ताओं को इस बारे में जागरूक कर रहे हैं। कम्पनी के तरफ से उन्हें कॉलिंग भी करवा रहे हैं। उपभोक्ता सिलेण्डर भरवाने लगे हैं”। -बी.के.वर्मा, नोडल ऑफिसर एलपीजी सेल्स एरिया कोटा







