Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home विश्व

भारत की दवा के सामने डोनाल्ड ट्रंप ने टेके घुटने, लिया ये अहम फैसला

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
August 28, 2025
in विश्व, व्यापार
A A
poor quality medicine
22
SHARES
744
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: रूसी तेल खरीदने के बदले में भारत पर अमेरिका की ओर से लगाया गया एक्स्ट्रा 25 फीसदी टैरिफ लागू हो चुका है. लेकिन एक मोर्चे पर डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के सामने घुटने टेक दिए हैं. उन्होंने इस टैरिफ को दवाओं के इंपोर्ट पर लागू नहीं किया है. इसका कारण भी है. अमेरिका में भारत की दवाएं सस्ती हेल्थ सर्विस प्रोवाइड कराने में काफी मददगार होती हैं. खासकर भारत की जेनरिक दवाओं का इंपैक्ट अमेरिका में काफी ज्यादा है. जिसके कारण फार्मा को टैरिफ से बाहर रखने का फैसला लिया गया है.

भारतीय फार्मास्युटिकल अलायंस के महासचिव सुदर्शन जैन ने एएनआई की रिपोर्ट में कहा कि भारतीय दवा उद्योग को अमेरिका के तत्काल टैरिफ इंफोर्समेंट से “बाहर” किया गया है, क्योंकि जेनेरिक दवाएं अमेरिका में सस्ती हेल्थ सर्विस बनाए रखने के लिए “महत्वपूर्ण” हैं. यह क्षेत्र वर्तमान में धारा 232 के तहत जांच के तहत समीक्षाधीन है. जेनेरिक दवाएं अमेरिका में किफायती स्वास्थ्य सेवा के लिए महत्वपूर्ण हैं और आम तौर पर बहुत कम प्रॉफिट मार्जिन पर उपलब्ध होती हैं. रोगियों के उपचार के लिए उनकी निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है.

इन्हें भी पढ़े

BRICS

BRICS को रफ्तार, लेकिन QUAD का क्या?

August 28, 2025
paak due to floods

बाढ़ से बर्बादी की कगार पर पाक, कई इलाके जलमग्न

August 27, 2025
india-us trade deal

ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ भारत शुरू करेगा ‘स्पेशल 40’ प्लान!

August 27, 2025
donald trump

कल से चालू ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ का मीटर, क्‍या होगा जीडीपी का

August 26, 2025
Load More

इसके अलावा, बसव कैपिटल के को-फाउंडर संदीप पांडे ने मिंट की रिपोर्ट में कहा कि अमेरिका को भारत द्वारा आयातित दवाओं का हिस्सा लगभग 6 फीसदी है. जिसकी वजह से अमेरिकी मेडिकेयर सिस्टम की भारत पर महत्वपूर्ण निर्भरता है. 27 अगस्त, 2025 को 50 फीसदी टैरिफ लागू होने के बाद, भारतीय दवा निर्यातकों ने अपने शिपमेंट ऑस्ट्रेलिया ट्रांसफर करना शुरू कर दिया, जिससे अमेरिकी मेडिकेयर सिस्टम की स्थिरता को खतरा होने की आशंका थी. पांडे ने बताया कि यही कारण है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय दवाओं को 50 फीसदी टैरिफ से बाहर रखा, जबकि वित्त वर्ष 2025 में भारत ने उसके कुल दवा निर्यात का लगभग 40 फीसदी हिस्सा निर्यात किया था.

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका अपनी दवा सप्लाई के लिए भारत पर अत्यधिक निर्भर है, और उसकी लगभग आधी जेनेरिक दवाइयां भारत से आती हैं. हेल्थ सर्विस की महत्वपूर्ण भूमिका और अमेरिका में पहले से ही हाई हेल्थ सर्विस कॉस्ट को देखते हुए, उनका अनुमान है कि दवाओं पर तत्काल कोई बड़ा शुल्क लगाए जाने की संभावना कम है.

अगर टैरिफ वापस नहीं लिया गया होता तो
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के अनुसार अगर नौबत आ गई और दवा शुल्क वापस नहीं लिए गए, तो कंपनियों को अपने अमेरिकी पोर्टफोलियो में काफी कटौती करनी पड़ सकती है (कुछ मामलों में, पूरी तरह से बाहर निकलना पड़ सकता है) और बढ़ी हुई कॉस्ट का बोझ मरीज़ों पर डालने जैसे अन्य विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है. भारतीय कंपनियों के अमेरिकी जेनेरिक पोर्टफोलियो में कई मॉलीक्यूल्स पहले से ही बहुत कम मार्जिन दे रहे हैं, इसलिए कंपनियों को अमेरिका में उनकी बिक्री बंद करनी पड़ सकती है, खासकर कीमतों में लगातार गिरावट को देखते हुए.

अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने में लगने वाले लंबे समय (इन सुविधाओं के चालू होने तक पॉलिसीज बदल सकती हैं) और, इससे भी महत्वपूर्ण बात, हाई कॉस्ट स्ट्रक्चर को देखते हुए, उन्हें भारतीय कंपनियों द्वारा अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बढ़ाने के लिए कोई खास प्रयास करने की उम्मीद नहीं है. सबसे खराब स्थिति में, जहां कंपनियां अपने अमेरिकी जेनेरिक पोर्टफोलियो में भारी कटौती करती हैं, ब्रोकरेज का मानना ​​है कि इससे काफी बुरा प्रभाव पड़ सकता है क्योंकि भारतीय कंपनियों को भारत और यूरोपीय यूनियन/आरओडब्ल्यू में विकास को आगे बढ़ाने के लिए अधिक आक्रामक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता हो सकती है, जिससे संभावित रूप से मूल्य प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है.

कौन सी कंपनियों पर पड़ेगा असर?
जेफरीज़ के अनुसार, जेनेरिक दवा मेकर और कांट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (सीएमओ) को कड़ी मूल्य निर्धारण प्रतिस्पर्धा और अमेरिकी बिक्री पर उनकी अत्यधिक निर्भरता के कारण नए टैरिफ से गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.
जाइडस लाइफसाइंसेज अमेरिका में ओरल सॉलिड डोज (ओएसडी) फ़ॉर्मूलेशन से प्राप्त रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा होने के कारण, कंपनी टैरिफ के संभावित प्रभावों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है. खास बात तो ये है कि कंपनी की अमेरिका से 45 फीसदी की सेल होती है.

डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज अपने रेवेन्यू का 25 फीसदी से अधिक अमेरिका में इंजेक्शन योग्य दवाओं से प्राप्त करती है, जो मूल्य निर्धारण के दबाव के अधीन हो सकती है. अमेरिका में उसकी सेल करीब 43 फीसदी है.

ग्लैंड फार्मा की अमेरिका से सेल 54 फीसदी है. वैसे एक सीएमओ के रूप में, ग्लैंड फार्मा के रेवेन्यू का एक हिस्सा अमेरिका स्थित ग्राहकों के लिए मैन्युफैक्चरिंग से प्राप्त होता है. टैरिफ में वृद्धि सीधे तौर पर इसके कमर्शियल ऑपरेशन को प्रभावित कर सकती है.
बायोकॉन की अमेरिका से 50 फीसदी की बिक्री होती है. यद्यपि भारत से अमेरिका को जेनरिक दवाओं का प्रत्यक्ष निर्यात 30 फीसदी से भी कम है, लेकिन कॉस्ट में किसी भी प्रकार की वृद्धि इसके प्रतिस्पर्धी रुख को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
बगलिहार बांध

बगलिहार बांध: भारत का जल शक्ति हथियार, जिससे थर्राता है पाकिस्तान!

May 5, 2025
National flag

1906 में फहराया गया था पहला तिरंगा, ऐसे बदलता गया स्वरूप

January 26, 2022
भूजल

खतरनाक तरीके से खत्‍म हो रहा भूजल, रिपोर्ट में भारत को सख्‍त चेतावनी

October 27, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • भारत-जापान के बीच 10 ट्रिलियन येन निवेश का रोडमैप तैयार
  • हॉकी एशिया कप : भारत ने चीन को 4-3 से हराया, कप्तान की हैट्रिक ने दिलाई जीत
  • “मोहब्बत की दुकान” से “तू-तड़ाक” तक, दरभंगा में राजनीतिक मर्यादाएं टूटी !

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.