कौशल किशोर
नई दिल्ली: देश में पंचायती राज व्यवस्था के प्रतीक पुरुष डॉ लाल सिंह त्यागी का आज 121वां जन्म दिवस है। अखिल भारतीय पंचायत परिषद और बलवंतराय मेहता पंचायती राज संस्थान के अध्यक्ष थे। उन्होंने जयप्रकाश नारायण, बलवंतराय मेहता और पंडित बिनोदानंद झा के साथ मिल कर अहम काम किया। गरीबों, किसानों और मजदूरों के सच्चे हितैषी के रूप में उन्हें याद किया जाता है। पंचायती राज के महानायक, महान स्वतंत्रता सेनानी त्यागी जी कोई सामान्य व्यक्ति नहीं, बल्कि विचारक थे। उन्होंने महात्मा गांधी, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद और आचार्य विनोबा भावे के सानिध्य में सत्य और अहिंसा का पाठ पढ़ा था। इसका आजीवन पालन कर अमरत्व प्राप्त किया है। इसलिए हम आज उनको याद करते हैं। उनके बताये रास्ते पर चल कर पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने का संकल्प दोहराते हैं।
उनका जन्म 21 जनवरी 1905 को बिहार शरीफ के एकंगरसराय थाना अंतर्गत बड़की गोमहर गांव में गरीब किसान के घर हुआ था।
उन्होंने वर्ष 1930 में नमक सत्याग्रह में भाग लेकर स्वतंत्रता संग्राम में योगदान शुरू किया था। त्यागीजी कांग्रेस के ऐसे नेता थे, जिनका संबंध चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों से भी बहुत घनिष्ठ था। आजादी के बाद 4 बार बिहार विधान सभा के सदस्य निर्वाचित हुए।
स्वतंत्रता सेनानी गिरिवरधारी सिंह के साथ उनकी सक्रियता क्रांतिकारी साबित हुई थी। आजादी के लिए 1932, 1942 और 1944 में सक्रियता के कारण जेल भेजे गए थे। कई बार फरार हुए। चंद्रशेखर आजाद के सहयोगी रहे गिरवरधारी सिंह के साथ फरारी काटने के लिए हरनौत के टाल इलाके के गांव सेवदह में याद करते हैं।
जनता के आर्थिक सहयोग से कांग्रेस की ओर से 1952 में पहली बार चुनाव जीत विधायक बने थे। दूसरी बार 1957 में उन्होंने गया सिंह को हराया था। तीसरी बार 1967 में उन्होंने कृष्ण वल्लभ प्रसाद को हराया था। त्यागी जी 1952 से 1972 तक बिहार विधान सभा के सदस्य रहे। चौथी बार 1969 में निर्वाचित हुए थे। लेकिन 1972 में रामस्वरूप प्रसाद से हार गए। इस बीच डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के मंत्रिमंडल में ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के मंत्री पद को सुशोभित किया। सेवानिवृत होने के बाद 1982 में मगध विश्वविद्यालय से पाली भाषा में बुद्ध कालीन भारत में पंचायती राज की स्थिति पर शोध की वजह से उनको डॉक्टरेट की उपाधि मिली थी।
बिहार शरीफ के पुराने लोग उन्हें औंगारीधाम में कॉलेज और उच्च विद्यालय की स्थापना के लिए याद करते हैं। एकंगरसराय में प्रखंड की स्थापना उनके कारण हुई। उदेरा स्थान नहर परियोजना का काम करवाया। एकंगरसराय, हिलसा, इस्लामपुर, खुदागंज में पावर स्टेशन की स्थापना करवायी और सड़कों का निर्माण कराया। इन विकास कार्यों की वजह से बिहार शरीफ के लोग कई तरह की सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। केंद्रीय रक्षा मंत्री रहते जॉर्ज फर्नांडिस द्वारा 15 सितंबर 2002 को उनकी स्मृति में गेस्ट हाउस का निर्माण एकंगरसराय के डाक बंगला परिसर में करवाया गया था। इसका नाम डॉ. लाल सिंह त्यागी भवन है।
पटना स्थित पीएमसीएच में 13 नवंबर 1989 को हृदय गति रुकने से उनकी मृत्यु हुई थी। लेकिन मयूर विहार स्थित यही पंचायत धाम उनका कार्यस्थल और निर्वाण स्थली साबित हुई है। उनके साथ काम कर चुके साथियों को बधाई देता हूं। उन्हें इस पीठ के संस्थापकों के तौर पर याद करते हैं। महान स्वतंत्रता सेनानी डॉ. त्यागी आज अपने ही कारनामों के कारण हमारे बीच अमर हैं।







