नई दिल्ली. साइबर ठग लोगों के बैंक खातों से धोखे से पैसे निकालने को नित नए तरीके ईजाद करते हैं. अब एक बार फिर वे यूपीआई यूजर्स का बैंक खाता खाली करने को नई तरकीब लेकर आए है. इसे ‘जम्प्ड डिपॉजिट स्कैम’ का नाम दिया गया है. ठगी का यह तरीका इतना अनोखा है कि इसका शिकार हुए व्यक्ति को जरा सा भी आभास नहीं होता कि उसके साथ ठगी हो रही है. इस तरीके में पहले साइबर ठग अपने ‘शिकार’ के बैंक खाते में यूपीआई के जरिए पैसे भेजते हैं. उन्हें पता होता है कि पैसा क्रेडिट होने का मैसेज मिलते ही ज्यादातर लोग अपना बैंक बैलेंस चेक करते हैं. ज्यों ही पैसे मिलने वाला अपना बैलेंस चेक करने को पिन डालता है, उसके खाते से पैसे निकल जाते हैं.
तमिलनाडु पुलिस ने इस स्कैम को लेकर अलर्ट जारी किया है. साथ ही नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी इस स्कैम की कई शिकायतें दर्ज कराई गईं हैं. तमिलनाडु पुलिस का कहना है कि अगर आपके खाते में भी यूपीआई के जरिए किसी अनजान आदमी ने पैसे भेजे हैं तो आपको सावधान रहने की जरूरत है.
ऐसे होता है खाता खाली
धोखेबाज UPI के माध्यम से किसी व्यक्ति के बैंक खाते में एक छोटी राशि जमा करते हैं. इसके तुरंत वे उस व्यक्ति से जमा की गई राशि से बड़ी राशि के ‘विड्रॉल’ की रिक्वेस्ट करते हैं. पैसे जमा होने का मैसेज मिलते ही आमतौर पर ज्यादातर लोग अपना बैंक बैलेंस देखने के लिए अपना यूपीआई ऐप खोलते हैं. इसके लए वे अपना पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर (PIN) दर्ज करते हैं. क्योंकि, धोखेबाजों ने खाते से पैसा निकालने की रिक्वेस्ट पहले ही भेज रखी होती है, इसलिए निकासी का उनका अनुरोध पिन डालते ही स्वीकृत हो जाता है और खाते से पैसे निकल जाते हैं.
ऐसे बचाएं अपने पैसे
UPI यूजर्स इस स्कैम से दो तरीकों से बच सकते हैं. पहला तरीका तो यह है कि अगर आपके पास पैसा जमा होने का मैसेज आता है तो आप बैलेंस चेक करने से पहले 15-30 मिनट तक प्रतीक्षा करें. इससे निकासी का अनुरोध कुछ समय पश्चात खुद ही समाप्त हो जाएगा और आपके पिन डालने पर कोई असर नहीं होगा. दूसरा तरीका यह है कि अगर आपके पास इंतजार करने का समय नहीं है, तो जानबूझकर गलत PIN दर्ज करें ताकि पिछला ट्रांजेक्शन अस्वीकार हो जाए.







