भिंद की गोहद में लड़कियों को प्रेम जाल में फंसा कर उनसे फर्जी बलात्कार के आरोप लगवा कर समझौतों में लाखों रुपए ऐंठने वाले ठग गिरोह का एंडोरी थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है. दरअसल आजाद समाज पार्टी का जिला अध्यक्ष कमल नागर लड़कियों को प्रेम जाल में फंसा कर उनके पहले अश्लील वीडियो बनाता है फिर उनसे अमीर लड़कों से संबंध बनवा कर झूठे बलात्कार के आरोप में मामला दर्ज करा देता है. इसके बाद परिवार पर दबाव बनाकर लाखों रुपए की वसूली होती है. इस मामले में पुलिस ने कमलनागर सहित एक और युवक को गिरफ्तार किया है.
नाबालिक लड़कियां सॉफ्ट टारगेट
गोहद चौराहा स्थित एक नाबालिग लड़की ब्यूटी पार्लर पर काम सीखने के लिए जाती थी. कमल नागर गिरोह के सदस्य शिवा पंडित की नजर उस पर पड़ी. जिसकी मां की पहले ही मौत हो चुकी थी. पिता बाहर रहकर काम करता था और वह अपने चाचा के साथ रह कर घर गृहस्थी चलाने के लिए ब्यूटी पार्लर पर कार्य कर रही थी. यहां पर शिवा पंडित नाम के युवक की नजर उस पर पड़ी तो उसने उसे फंसाने के लिए पहले उससे धीरे-धीरे बातचीत शुरू की फिर अपने प्रेम जाल में फंसा कर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए और इसी बीच उसने उनकी अश्लील वीडियो ओर फोटो निकाल लिए फिर उसने अपने गिरोह के मुखिया कमल नागर को बताया. फिर दोनों ने मिलकर अपने एक विरोधी दुश्मन को फंसाने की योजना बनाई और नाबालिक लड़की को उसके अश्लील फोटो और वीडियो दिखाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने का दवाव बनाते हुए ग्वालियर के शताब्दी पुरम में रहने वाले आकाश कौशल को फोन पर बातचीत शुरू करने के लिए कहा. जिसके उपरांत दोनों की बातचीत होने लगी फिर एक महीने के अंदर ही दोनों का रिश्ता प्रेम प्रसंग तक पहुंच गया. नाबालिक लड़की ने ग्वालियर के शताब्दी पर पहुंचकर आकाश कौशल से शारीरिक संबंध बनाए.
यहां से शुरु हुआ असली खेल
जिसके बाद नाबालिग आकाश कौशल के खिलाफ बलात्कार की रिपोर्ट लिखाने के लिए ग्वालियर के महाराजपुरा थाने पहुंची. जहां से उसे अपने माता-पिता के साथ आने के लिए कहकर लौटा दिया गया फिर कमल नागर ने शिवा पंडित को भाई और मालनपुर निवासी ममता जाटव को बुआ बना कर महाराज पूरा थाना भेजा. जहां 11 दिसंबर को आकाश कौशल के खिलाफ बलात्कार और पास्को एक्ट में पुलिस ने मामला दर्ज कर दर्ज कर लिया. वहीं शिकायत के बाद महाराजपुरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 दिसंबर को आकाश कौशल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
यहीं से शुरू हुआ वसूली का खेल
कमल नागर ने आकाश के परिजनों से संपर्क कर समझौते के रूप में दस लाख रुपए की मांग की और बातचीत के बाद मामला 6 लाख बीस हजार रुपए में सेटल हो गया. आकाश के परिजनों ने दो लाख बीस हजार रुपये की रकम गोहद में कमल नागर के फार्म हाउस पर सौंप दिए. बाकी बचे हुए 4 लाख रुपये नाबालिक के 164 में बयान बदलने के बाद देने का तय हुआ.
घर में किया कैद
कमल नागर के अनुसार नाबालिग बयान बदलने के लिए तैयार नहीं हुई तो कमल नागर ने लड़की को ला कर अपने फार्म हाउस के कमरे में बंद कर दिया. जब लड़की जब घर नहीं पहुंची तो लड़की के परिजनों ने 15 दिसंबर को एंडोरी थाने में पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. नाबालिक लड़की का मामला होने के चलते पुलिस ने लड़की के मोबाइल से भी बातचीत के आधार पर कमल नागर के गोहद स्थित फार्म हाउस पर महिला पुलिस के साथ दबिश दी. तो वहां से नाबालिग को बरामद कर लिया. जिसके बाद लड़की से पूछताछ में सारा सच सामने आ गया. जिसके बाद ऐंडोरी थाना पुलिस हरकत में आई हो आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष कमल नागर और शिवा पंडित को गिरफ्तार कर लड़कियों को फंसा कर फलौदी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया.







