नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSE) के कर्मचारियों के वेतन संशोधन को लेकर अपनी स्थिति साफ कर दी है। लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि फिलहाल सरकार के पास CPSE के गैर-कार्यकारी कर्मचारियों और बोर्ड स्तर से नीचे के अधिकारियों के लिए अलग से कोई वेतन पुनरीक्षण समिति (PRC) बनाने का प्रस्ताव नहीं है। यानी इन कर्मचारियों के लिए फिलहाल किसी नई वेतन आयोग जैसी व्यवस्था पर विचार नहीं किया जा रहा है।
क्या था सवाल
दरअसल, यह सवाल लोकसभा सांसद लक्ष्मीकांत पप्पू निषाद ने उठाया था। उन्होंने पूछा था कि क्या सरकार 2027 से प्रभावी होने वाले CPSE कर्मचारियों के वेतन संशोधन के लिए किसी अलग समिति का गठन करेगी, जैसा कि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8th पे कमीशन बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के अलग-अलग CPSE में वेतन संशोधन की प्रक्रिया, बोनस और भत्तों की व्यवस्था एक जैसी नहीं है, जिससे समान काम के लिए समान वेतन का सिद्धांत प्रभावित होता है।
सांसद ने यह भी सवाल किया कि क्या सरकार इस बात को मानती है कि CPSE में वेतन, भत्तों और प्रॉफिट शेयरिंग की व्यवस्था एक कंपनी से दूसरी कंपनी में काफी अलग है। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या इस प्रक्रिया को एक समान और ज्यादा न्यायसंगत बनाने के लिए कोई कदम उठाए जा रहे हैं।
इस पर मंत्री पंकज चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि अलग-अलग CPSE में वेतन, भत्तों और इंसेंटिव में अंतर होना स्वाभाविक है। इसका मुख्य कारण कंपनियों की वित्तीय स्थिति और प्रदर्शन में अंतर है। उन्होंने कहा कि सरकार समय-समय पर कुछ समान दिशानिर्देश जारी करती है ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और खर्च भी नियंत्रित रहे, लेकिन साथ ही CPSE को अपने कामकाज के लिए पर्याप्त स्वायत्तता भी दी जाती है।
क्या है अपडेट
इधर, केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8th पे कमीशन का गठन कर दिया है। यह आयोग नवंबर 2025 में अधिसूचित किया गया था और इसे अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। आयोग का कार्यालय नई दिल्ली में स्थापित हो चुका है और यह विभिन्न कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स और विशेषज्ञों से सुझाव भी ले रहा है। फिलहाल सरकार ने 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की कोई तय तारीख घोषित नहीं की है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग की रिपोर्ट आने के बाद सरकार को इसे लागू करने में 3 से 6 महीने का समय लग सकता है। माना जा रहा है कि जब भी इसे लागू किया जाएगा, तब केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 1 जनवरी 2026 से एरियर भी मिल सकता है।







