नई दिल्ली. ऑनलाइन शॉपिंग और फूड डिलीवरी के लिए आप हम अक्सर फ्लिपकार्ट, अमेजन और जोमैटो व स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म पर जाते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं इनसे भी सस्ता एक सरकारी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है जहां से ग्रॉसरी, गैजेट्स से लेकर खाना तक ऑर्डर किया जा सकता है. हम बात कर रहे हैं सरकार समर्थित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ONDC की, जिसकी पॉपुलेरिटी दिन ब दिन बढ़ती जा रही है. सरकार ने कहा कि उसके ई-कॉमर्स मंच ओएनडीसी से अबतक 7 लाख से अधिक सेलर और सर्विस प्रोवाइडर जुड़ चुके हैं.
सरकार समर्थित पहल ‘ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स’ (ओएनडीसी) की शुरुआत वर्ष 2021 में की गई थी. इसे मुख्य रूप से छोटे विक्रेताओं की डिजिटल कॉमर्स तक पहुंच आसान बनाने के लिए इसे स्थापित किया गया था.
छोटे कारोबारियों के लिए मददगार ONDC
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि ओएनडीसी ने छोटे व्यवसायों को सशक्त बनाने और ई-कॉमर्स में क्रांति लाने में योगदान दिया है. प्रधानमंत्री ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की एक पोस्ट पर अपनी टिप्पणी में कहा कि पिछले तीन वर्षों में इस मंच ने छोटे उद्यमों के लिए मुकाबले की समान परिस्थितियां बनाकर उन्हें सशक्त बनाया है.
मोदी ने कहा, ‘‘ओएनडीसी ने छोटे व्यवसायों को सशक्त बनाने और ई-कॉमर्स में क्रांति लाने में योगदान दिया है। इस तरह यह वृद्धि और समृद्धि को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.’’ गोयल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था कि पिछले तीन वर्षों में इस मंच ने नेटवर्क पर छोटे उद्यमों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें सशक्त बनाया है.
कैसे लें फसल बीमा योजना का लाभ
ओएनडीसी का उद्देश्य खुदरा ई-कॉमर्स के सभी पक्षों के लिए एक खुले मंच को बढ़ावा देना है. यह छोटे खुदरा विक्रेताओं को ई-कॉमर्स से जोड़कर अपने व्यवसाय का विस्तार करने और इस क्षेत्र में दिग्गजों का वर्चस्व कम करने में मदद करता है. एक गैर-सरकारी कंपनी ओएनडीसी ने अबतक 200 से अधिक नेटवर्क प्रतिभागियों के साथ 15 करोड़ लेनदेन का आंकड़ा पार कर लिया है.







