नई दिल्ली। पिछले महीने आपने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया था और अभी तक आप रिफंड के इंतजार में हैं। आपने अगर टैक्स की देनदारी से अधिक राशि का भुगतान किया है, तो आप रिफंड पाने के हकदार हैं। हालांकि, इनकम टैक्स रिफंड तभी जारी किया जाएगा जब इनकम टैक्स विभाग आपके आईटीआर को प्रोसेस करेगा और आपको इसकी पुष्टि करने वाला एक सूचना नोटिस भेजेगा। यह सूचना नोटिस आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 143 (1) के तहत जारी किया जाता है।
बैंक अकाउंट की डिटेल्स
इनकम टैक्स के लिए रिफंड भारतीय स्टेट बैंक के जरिए प्रोसेस किया जाता है और सीधे उस बैंक खाते में जमा किया जाता है जिसे टैक्सपेयर ने दाखिल करते समय अपने आईटीआर में लिखा है। इसलिए, बैंक डिटेल्स को सही से चेक करना जरूरी है। इसके अतिरिक्त, सरकार के नए आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर बैंक खाते को पहले से वेरिफाई करना और पैन को बैंक खाते से जोड़ना महत्वपूर्ण है।
कैसे चेक करें रिफंड स्टेटस
- ई-फाइलिंग पोर्टल होमपेज पर जाएं।
- यूजर आईडी और पासवर्ड दर्ज करें।
- ई-फाइल टैब > आयकर रिटर्न > फाइल किए गए रिटर्न देखें पर जाएं।
- इसके बाद एसेसमेंट ईयर के लिए रिफंड के स्टेटस की जांच कर सकते हैं।
बिलेटेड आईटीआर
फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई थी। इसके बाद टैक्सपेयर्स अपना आईटीआर दाखिल तो कर सकेंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें फाइन भरना होगा। अगर कोई टैक्सपेयर एसेसमेंट ईयर 2024-25 (वित्तीय वर्ष 2023-24) के लिए 31 जुलाई 2024 तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं कर पाता है, तो उसके पास बिलेटेड आईटीआर (विलंबित आईटीआर) फाइल करने का मौका होगा। लेकिन इसके लिए जुर्माना देना होगा। ध्यान रखें कि विलंबित इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की डेडलाइन 31 दिसंबर होती है।
कितना जुर्माना लगता है?
31 जुलाई यानी डेडलाइन के बाद ITR दाखिल करने पर आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत बिलेटेड फाइलिंग शुल्क का भुगतान करना पड़ता है। इस धारा के अनुसार, विलंबित ITR दाखिल करने वाले इंडिविजुअल पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है, बशर्ते कि रिटर्न एसेसमेंट ईयर 31 दिसंबर से पहले दाखिल किया गया हो। अगर कुल इनकम 5,00,000 रुपये से अधिक नहीं है, तो जुर्माना 1,000 रुपये तक सीमित है।







