नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है देश में सात नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इन रेल कॉरिडोर से लोगों का समय तो बचेगा ही, इसके साथ-साथ देश की आर्थिक सेहत भी मजबूत होगी, रेलवे को और ज्यादा मजबूती मिलेगी।
वित्च मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया है सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी होंगे। जानकारी के लिए बता दें कि हाई स्पीड रेल कॉरिडोर सामान्य रेल ट्रैक से अलग होते हैं। इन हाई स्पीड कॉरिडोर्स पर ट्रेन की रफ्तार ज्यादा रहती है। उदाहरण के लिए जो अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट है, वो भी इसी क्षेणी में आता है।
जानकार मानते हैं कि हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के कई फायदे होते हैं। इनकी वजह से बड़े शहरों के बीच में यात्रा का समय तो कम होता ही है, इसके साथ ही छोटे शहर बड़े आर्थिक केंद्रों से जुड़ जाते हैं। इन कॉरिडोर की वह से नौकरियों के अवसर भी पैदा होते हैं और कॉरिडोर के आसपास इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नया पुश मिलता है।
निर्मला सीतारमण ने कुछ दूसरे बड़े ऐलान भी किए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को चिकित्सकीय पर्यटन के लिए पांच केंद्र स्थापित करने और अगले पांच वर्ष में बायोफार्मा शक्ति कार्यक्रम के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन करने का प्रस्ताव रखा। केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए उन्होंने कहा, ” मैं राज्यों को पांच क्षेत्रीय चिकित्सकीय केंद्र स्थापित करने में सहायता देने के लिए एक योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखती हूं।” उन्होंने कहा कि ये केंद्र एकीकृत स्वास्थ्य सेवा परिसरों के रूप में कार्य करेंगे जिनमें चिकित्सकीय, शिक्षा और अनुसंधान सुविधाएं शामिल होंगी।







