पिथौरागढ़। भारत चीन सीमा को जोड़ने वाले तवाघाट एनएच के विस्तारीकरण की जद में 300 से अधिक मकान आएंगे। घनी आबादी वाले बलुवाकोट, ग्वालगांव, कालिका, निगालपानी, रांथी, जुम्मा में मकानों के अधिग्रहण के बाद उन्हें हटाने का काम प्रारंभ किया जाएगा।
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पिथौरागढ़ – लिपूलेख तक एनएच को डबल लेन करने का काम तेजी से चल रहा है।भारत माला परियोजना में शामिल इस सड़क के चौड़ीकरण के लिए प्रथम चरण में ढुंगातोली से तवाघाट तक काम किया जाना है।
द्वितीय चरण में तवाघाट से लिपूलेख तक सड़क के विस्तारीकरण का काम किया जाएगा। इस सड़क के चौड़ीकरण में अभी ढुंगातोली के बिनिया गांव से तवाघाट तक 300 से अधिक मकान हैं। सीमांत के बेहद प्राचीन कस्बे बलुवाकोट में सड़क चौड़ीकरण की सर्वाधिक मार पड़ेगी।
डबल लेन बनने से सरल होगी आदि कैलास यात्रा पिथौरागढ़ लिपूलेख सड़क के डबल लेन बनने के बाद आदि कैलास यात्रा भी काफी सुगम हो जाएगी। इस सड़क के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद गुंजी तक का सफर काफी आरामदायक हो जाएगा। वर्ष 2023 में ही इस एनएच के बंद रहने से 50 से अधिक दिन सीजन के समय एनएच बंद रहा था।
मुआवजा बांटने के बाद होगी मकान हटाने की कार्रवाई
एनएच के चौड़ीकरण में प्रशासनिक स्तर पर 350 मकान ही हटाने की बात की जा रही है। सूत्रों के अनुसार कई बेनाप भूमि में बनाए गये मकान भी इसकी जद में आ रहे हैं। इस तरह नाप व बेनाप मिलाकर 638 मकान, दुकानों को हटाया जाना है। मुआवजे के वितरण के बाद कार्यदायी संस्था सीमा सड़क संगठन कभी भी अपना काम प्रारंभ कर सकती है।







