नई दिल्ली: दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट की रैंकिंग जारी कर दी गई है. 2025 की रैंकिंग के मुताबिक, सिंगापुर का पासपोर्ट दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट है. इसे रखने वाले लोग दुनिया के 195 देशों में वीजाफ्री सफर कर सकते हैं. इस रैंकिंग में भारतीय पासपोर्ट 85वें पायदान पर है जबकि पिछले साल जारी रैंकिंग में यह बेहतर स्थिति के साथ 80वें पायदान पर था. शक्तिशाली पासपोर्ट का मतलब है उसे रखने वाले लोग ज्यादा देशों की वीजाफ्री यात्रा कर सकते हैं.
रैंकिंग से यह समझा जा सकता है कि उस पासपोर्ट को रखने वाला बिना वीजा कितने देशों में जा सकता है. ऐसे में सवाल है कि किसी देश का पासपोर्ट मजबूत होगा या कमजोर, यह किस आधार पर तय किया जाता है. जानिए इसका जवाब.
पासपोर्ट मजबूत होगा या कमजोर, ऐसे तय होता है
यह रैंकिंग तैयार करने का काम हेनले ग्लोबल कंपनी करती है. यह कंपनी इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के विशेष डेटा का उपयोग करती है. इसके आधार पर तैयार होने वाले हेनले ग्लोबल पासपोर्ट डेटाबेस में सभी 199 देशों को शामिल किया जाता है. वीजा फ्री कंट्री उस देश को माना जाता है जहां पासपोर्ट धारक को जाने के लिए पहले से अनुमति नहीं लेनी पड़ती.
देश का पासपोर्ट मजबूत होगा या नहीं, यह कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है. इसे तय करने में देश की अर्थव्यवस्था का रोल होता है. जिन देशों की जीडीपी ज्यादा बेहतर होती है, उस देश के पासपोर्ट से ज्यादा वीजाफ्री डेस्टिनेशन जाने के मौके मिलते हैं. किसी देश का पॉलिटिकल सिस्टम कितना मजबूत और स्थिर है, यह भी बताता है कि वहां कितनी शांति है. अगर पॉलिटिकल सिस्टम में स्टेबिलिटी है तो वहां के पासपोर्ट की रैंकिंग बेहतर होती है.
किसी देश के दूसरे देशों के साथ सम्बंध कैसे हैं, यह भी बड़ा फैक्टर होता है. दूसरे मजबूत पासपोर्ट वाले देशों के साथ डिप्लोमेटिक रिलेशन बेहतर रखने वाले देश के पासपोर्ट को मजबूत होने की उम्मीद ज्यादा रहती है. इससे माना जाता है दोनों के सम्बंध बेहतर हैं. यह समृद्ध है. नतीजा, यह देश विदेशी पर्यटकों के लिए बेहतर है.
आतंकवाद और हिंसा से गिरती है रैंकिंग
किसी भी देश में आतंकी घटनाएं, हिंसा के मामले और अशांति, वहां की छवि को नकारात्मक बनाती हैं. ये बताती हैं कि वहां ऐसा माहौल है जो पर्यटकों के लिए बेहतर नहीं है. पासपोर्ट इंडेक्स बनाते समय भी इसका ध्यान रखाा जाता है.
पासपोर्ट स्ट्रॉन्ग होने पर किसे फायदा मिलेगा?
पासपोर्ट स्ट्रॉन्ग होने पर उस देश को कई तरह से फायदा मिलता है. पहला फायदा वहां के लोगों को मिलता है. वहां के लोग दुनिया के ज्यादातर देशों में वीजाफ्री यात्रा कर पाते हैं. मजबूत पासपोर्ट वाले देश पर्यटकों को आकर्षित करके अर्थव्यवस्था को और बेहतर बना पाते हैं. ऐसे देश सीधेतौर निवेशकों का ध्यान आकर्षित करते हैं. ज्यादा निवेशक आते हैं तो अर्थव्यवस्था बूस्ट होती है. देश के लोगों को रोजगार के मौके अधिक मिलते हैं और समृद्धि आती हैं.







