Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राजनीति

अपने फैसलों पर उलझती बीजेपी कैसे इस भंवर से निकलेगी बाहर!

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
July 23, 2024
in राजनीति, राष्ट्रीय, विशेष
A A
20
SHARES
657
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: आशा और जन-अवधारणा के विपरीत आए नतीजों ने गफलतों को उतार फेंकने का अवसर भाजपा को प्रदान किया है उसके पास सबक लेने का समय, साधन और सक्षम नेतृत्व है। पहले दल की दलदल बाहर से नहीं दिखती थी। अब जब बिखराव दिख रहा है, तो पार्टी को अपना लौह-कवच फिर से धारण करना होगा। अब आख़िर कैसे बीजेपी विपक्षी गठबंधन का सामना कर पाएगी और इस भॅवर से बाहर निकलेगी ? इस पर देखिए विशेष विश्लेषण एग्जीक्यूटिव एडिटर प्रकाश मेहरा के साथ पूरी रिपोर्ट !

ऐसा लगता है, जैसे भारतीय जनता पार्टी की इस्पाती सतह के भीतर कुछ खदबदा रहा है। कभी किसी केंद्रीय मंत्री के बयान पर चर्चाओं का बवंडर उठ आता है, तो कभी किसी उप- मुख्यमंत्री का कथन सुर्खियां बन जाता है। क्या भारतीय जनता पार्टी का अनुशासन एक ऐसा तिलिस्म था, जो उम्मीद के मुताबिक जीत के अभाव में उघड़ने लगा है?

इन्हें भी पढ़े

HAL

HAL ने तैयार किया नया स्टील्थ क्रूज़ मिसाइल कॉन्सेप्ट, भारत की मारक क्षमता को मिलेगी और मजबूती

March 25, 2026
Railway

रेल टिकट रिफंड नियमों में बड़ा बदलाव, इस तारीख से होगा लागू

March 25, 2026
pm modi

लोकसभा में इन 4 चार बिल पर चर्चा करेगी मोदी सरकार!

March 24, 2026
gas cylinder

अब हर घर तक पहुंचेगा सिलेंडर, सरकारी कंपनियां बना रही हैं ये धांसू प्लान

March 24, 2026
Load More

लोकसभा चुनाव में बीजेपी को बड़ा झटका

इस प्रश्न का उत्तर पाने के लिए पहले मौजूदा उथल- पुथल पर नजर डाल लेते हैं। जिन राज्यों में इस लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को झटका लगा, उनमें उत्तर प्रदेश अव्वल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद वाराणसी से चुनाव लड़ते हैं। उनके डिप्टी राजनाथ सिंह लखनऊ से चुने जाते हैं। सबसे काबिल मुख्यमंत्रियों में जिनकी गणना होती है, वह योगी आदित्यनाथ वहां के मुख्यमंत्री हैं। इससे पहले के दो लोकसभा चुनावों में भाजपा ने वहां से क्रमशः 71 और 62 सीटें जीती थीं। ऐसे में, 29 सीटों का नुकसान पार्टी को हिला गया। अगर भाजपा को पिछले चुनाव के बराबर सीटें मिल गई होतीं, तो उसे रह बची तीन सीट जुटाकर लोकसभा में बहुमत हासिल करने में कोई खास दिक्कत नहीं पेश आती।

बीजेपी को गंभीर मंथन की जरूरत!

जाहिर है, पार्टी को गंभीर मंथन की जरूरत है, पर भाजपा के तमाम नेता एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने में व्यस्त हैं। जो भूल गए हैं, उन्हें याद दिला दूं, अटल बिहारी वाजपेयी के वक्त में कल्याण सिंह को लेकर ऐसी ही चर्चाएं हुई थीं। कल्याण सिंह का जो नुकसान हुआ, वह अपनी जगह है, पर अगली बार विधानसभा में भाजपा औंधे मुंह जा पड़ी थी। यही नहीं, उसके दो साल बाद अटल जी को भी सत्ता गंवानी पड़ी थी। केंद्र की हुकूमत पाने के लिए भाजपा को दस और उत्तर प्रदेश के लिए पंद्रह बरस का वनवास झेलना पड़ा था। वर्ष 2017 से आज तक योगी आदित्यनाथ वहां के मुख्यमंत्री हैं। पार्टी ने योगी के चेहरे को आगे कर 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा और इस बार भी बहुमत हासिल हुआ। यही वजह थी कि लोकसभा चुनावों से पहले माना जा रहा था कि पार्टी वहां 75 के करीब सीटें जीतेगी। ऐसा नहीं हुआ। क्यों?

10 सालों में आपकी जिंदगी में कोई परिवर्तन हुआ है?

रॉबर्ट्सगंज संसदीय क्षेत्र का यह किस्सा सुनिए, जवाब मिल जाएगा। चुनाव से ऐन पहले हम रेणुकूट से चलकर हाथी नाला पहुंचने वाले थे। दोनों तरफ जंगल था। अचानक मेरी नजर दूर बाईं तरफ बकरी चरा रही कुछ महिलाओं पर पड़ी। महिलाओं की वेशभूषा से स्पष्ट था कि वे आदिवासी हैं। उन तक पहुंचकर मैंने पूछा कि क्या पिछले 10 सालों में आपकी जिंदगी में कोई परिवर्तन हुआ है? गोंडी, भोजपुरी और हिंदी के मिले-जुले शब्दों में उन्होंने बताया कि हमारे गांव में पानी आ गया है। घर में पानी ! उन्होंने ‘हां’ की मुद्रा में सिर हिलाया। मैंने चारों ओर नजर दौड़ाई। दूर-दूर तक बस रेत, कंटीले पेड़ और चमड़ी झुलसाती धूप। घर पूछा, तो नकल उन्होंने दूर दिखती पहाड़ी की ओर इशारा कर दिया। इस इलाके में घर में नल तो दूर, पेयजल तक दुर्लभ होता था। उनसे अगला सवाल था कि आप किसे वोट देंगी ? जवाब मिला- फूल। फूल, यानी कमल। मैंने पूछा, आपको मालूम है कि देश के प्रधानमंत्री कौन हैं? मेरे हाथ में मौजूद अखबार में छपी मोदी की तस्वीर की ओर उन्होंने इशारा कर दिया। मन में सवाल उभरा कि यहां तो अपना दल की उम्मीदवार कप- प्लेट के चिह्न पर चुनाव लड़ रही हैं। ये अबोध महिलाएं ईवीएम पर फूल ढूंढ़ेंगी, तो कैसे मिलेगा ?

महिलाएं ईवीएम से निराश!

पूछने पर उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक कोई उनसे वोट मांगने नहीं आया है। सुनता आ रहा था कि पार्टी कार्यकर्ता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोग इस बार उतने सक्रिय नहीं हैं, जितने पहले होते थे। कहीं ये महिलाएं ईवीएम से निराश होकर लौटने वाली तो नहीं ? ऐसा ही हुआ। नतीजतन, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन, यानी एनडीए की प्रत्याशी रिंकी कोल सवा लाख से अधिक मतों से हार गई। अति-आत्मविश्वास और बिना हाथ-पांव मारे अपने नेता पर अंधा अवलंबन, मजबूत से मजबूत संगठन और शख्सियत को कमजोर कर सकता है। भारतीय जनता पार्टी इसका अपवाद साबित नहीं हुई।

अब एक और वाकया सुन लीजिए। मैं लोकसभा के एक प्रत्याशी से मिला। उनका पहला वाक्य था- भाई साहब, मुझे तो पिछला रिकॉर्ड तोड़ना है। मैंने पूछा, इस आत्मविश्वास की वजह ? उन्होंने कहा कि मोदी जी का ‘क्रेज’ ही इतना है कि यदि आपको मेरी जगह खड़ा कर दिया जाए, तो आप चुनाव जीत जाएंगे। मैं हक्का-बक्का रह गया था। राजनीति में गफलत की गुंजाइशें नहीं होतीं। आशा और जन-अवधारणा के विपरीत आए नतीजों ने इन गफलतों को उतार फेंकने का अवसर भाजपा को प्रदान किया है। उसके पास सबक लेने का समय, साधन और सक्षम नेतत्व है। पहले दल की दलदल है, तो पार्टी को अपना लौह-कवच फिर से धारण करना होगा।

जांच एजेंसियों की कार्रवाई से बचने का तरीका!

‘भगवा दल को अपने कार्यकर्ताओं के मनोभाव का भी मान रखना होगा। पिछले 10 वर्षों के दौरान कई नए लोग भाजपा के तंबू में आए। इनमें से बहुतों पर भ्रष्टाचार के दाग हैं। इसके बावजूद उन्हें महत्वपूर्ण पदों से नवाजा गया। इससे इन आरोपों को बल मिला कि केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई से बचने का एक ही तरीका है कि आप भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो जाएं। अन्य दलों से आए लोगों ने निस्संदेह भाजपा के विजय-रथ को गति दी, पर बाद में यह दांव फेल हो गया।

भाजपा को पार्टी का संदेश देने के तरीकों का सुधार!

यहां विधानसभा की 13 सीटों पर हाल ही में हुए उप- चुनावों का स्मरण जरूरी है। भाजपा इनमें से महज दो जीत सकी। पाला बदलने वाले लगभग सभी लोग हार गए। अभी चार राज्यों के विधानसभा चुनावों के अतिरिक्त कई राज्यों में उप-चुनाव हैं। उस दौरान इस रीति-नीति की समीक्षा जरूरी है। कार्यकर्ताओं की उदासीनता की एक वजह यह भी है कि उन्हें लगता है, बाहर से आए हुए लोग हमारी हकमारी करते हैं। इसके साथ भाजपा को पार्टी का संदेश देने के तरीकों में भी सुधार करना होगा। संविधान को लेकर फैलाई गई चर्चाओं में भारतीय जनता पार्टी ऐसी उलझी कि उसे उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं हासिल हुए। इसकी एक वजह यह भी है। बड़े नेताओं द्वारा बार-बार खंडन के बावजूद प्रभावी ढंग से इस नैरेटिव की काट नहीं हो सकी।

अंत में सबसे जरूरी बात। इसमें कोई दोराय नहीं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भी देश के सबसे आकर्षक नेता हैं, जैसा कि मैंने पहले अनुरोध किया कि सोनभद्र जिले की मीडिया से दूर रहने वाली आदिवासी महिलाएं तक उन्हें पहचानती थीं और उनको वोट देना चाहती थीं। भाजपा के पास पिछले 10 सालों में हुए तमाम लोक-कल्याण के काम गिनाने को हैं। लोक-लुभावन नेता और ये कार्य इस लड़खड़ाहट को सम्हालने के लिए काफी हैं। बस पार्टी को निरर्थक बयानवीरों की बोलती बंद करने के साथ अपने संदेशों पर नई सान चढ़ानी होगी।

देखिए पूरी रिपोर्ट प्रकाश मेहरा के साथ

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
ram mandir

चंद घंटों में खत्म हो जाएगा 500 वर्षों का इंतजार

January 21, 2024
CM Dhami

सीएम धामी ने शिशु सदन केदारपुरम के बच्चों से की भेंट

April 17, 2023

NPS समाप्त कर गारंटीड पेंशन स्कीम CCS पेंशन रूल्स लागू करने भारतीय मजदूर संघ ने दिल्ली में किया धरना प्रदर्शन

December 23, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • मीन राशि में शनि-मंगल-बुध की युति, त्रिग्रही योग करेगा इन राशियों पर खुशियों की बौछार
  • मिनटों में खाना पचाता है पान का शरबत, जानें कैसे बनाएं?
  • क्रिमिनल जस्टिस’ को फेल करती है 8 एपिसोड वाली सीरीज, अब आ रहा नया सीजन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.