Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

भारत वसुधैव कुटुम्बकम के भाव के साथ मुक्त व्यापार समझौते संपन्न कर रहा है

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
February 5, 2026
in राष्ट्रीय, विशेष, व्यापार
A A
भारत का व्यापार
20
SHARES
658
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

prahlad sabnaniप्रहलाद सबनानी


नई दिल्ली: दिनांक 27 जनवरी 2026 को यूरोपीय यूनियन के 27 सदस्य देशों के साथ भारत ने एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया है। अब, इस समझौते की शर्तों को इन देशों की संसद द्वारा पारित किया जाएगा, इसके बाद यह मुक्त व्यापार समझौता यूरोपीय यूनियन एवं भारत के बीच होने वाले विदेशी व्यापार पर लागू हो जाएगा। इस मुक्त व्यापार समझौते को “मदर आफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है। क्योंकि, यह मुक्त व्यापार समझौता विश्व के 28 देशों के उस भूभाग पर लागू होने जा रहा है, जहां विश्व की 30 प्रतिशत आबादी निवास करती है।

इन्हें भी पढ़े

Shivraj singh

भारत-US ट्रेड डील पर शिवराज का विपक्ष को करारा जवाब, बोले- भारत का बाजार भारतीयों के लिए

February 7, 2026
su-70

रूस का भारत को स्टील्थ ड्रोन का ऑफर, जानें कितना खतरनाक है?

February 7, 2026

रिजर्व बैंक ने क्यों किया ब्याज दरें नहीं बदलने का फैसला?

February 7, 2026
missiles

DRDO ने बना डाली ऐसी NG मिसाइलें, दुश्मन देश के फाइटर जेट्स हवा में होंगे तबाह

February 7, 2026
Load More

पृथ्वी के इस भूभाग पर 200 करोड़ से अधिक नागरिकों का निवास है। इन 28 देशों की संयुक्त रूप से विश्व के कुल सकल घरेलू उत्पाद में 25 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। विश्व की दूसरी सबसे बड़ी (संयुक्त रूप से) अर्थव्यवस्था (यूरोपीय यूनियन – 22 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर) एवं चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (भारत – 4 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर) के बीच यह मुक्त व्यापार समझौता सम्पन्न होने जा रहा है। वैश्विक स्तर पर होने वाले विदेशी व्यापार में इन समस्त देशों की हिस्सेदारी 33 प्रतिशत है। पूरी दुनिया में 33 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर का विदेशी व्यापार होता है, इसमें से 11 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर का विदेशी व्यापार उक्त 28 देशों द्वारा किया जाता है।

उक्त वर्णित मुक्त व्यापार समझौता विश्व का सबसे बड़ा व्यापार समझौता है। इसके पूर्व, सबसे बड़े मुक्त व्यापार समझौते के रूप में चीन एवं 10 आशियान देशों के बीच सम्पन्न हुए मुक्त व्यापार समझौते को माना जाता है। यह केवल एक मुक्त व्यापार समझौता नहीं बल्कि यूरोपीय यूनियन के 27 देशों एवं भारत के बीच साझा समृद्धि का एक ब्लूप्रिंट है। इस समझौते में पूरी दुनिया की आर्थिक दशा एवं दिशा बदलने की क्षमता है। उक्त व्यापार समझौता को सम्पन्न करने के प्रयास पिछले 18 वर्षों से हो रहे थे। परंतु, कुछ विपरीत परिस्थितियों के चलते इस समझौते को सम्पन्न होने में इतना लम्बा समय लग गया है, अतः यह अब भारत एवं यूरोपीय यूनियन के 27 देशों के बीच एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

उक्त मुक्त व्यापार समझौते के सम्पन्न होने के पश्चात वर्ष 2032 तक यूरोपीयन यूनियन के सदस्य देशों एवं भारत के बीच विदेशी व्यापार के दुगना होने की सम्भावना व्यक्त की जा रही है। इसके पूर्व भारत एवं यूनाइटेड किंगडम के बीच भी मुक्त व्यापार समझौता सम्पन्न किया जा चुका है। अब कनाडा के प्रधानमंत्री भी संभवत: मार्च माह में भारत के दौरे पर आने वाले है और भारत एवं कनाडा के बीच भी कुछ क्षेत्रों में व्यापार समझौता सम्पन्न होने की सम्भावना व्यक्त की जा रही है।

अमेरिका मुक्त व्यापार समझौतों को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, जबकि भारत मानवतावादी दृष्टिकोण को अपनाते हुए विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते कर रहा है ताकि भारत एवं अन्य समस्त देशों में निवासरत नागरिकों को इन समझौतों से लाभ मिले। यह भारतीय संस्कृति के वसुधैव कुटुम्बकम के भाव को दर्शाता है। भारत की इस नीति के चलते ही विश्व के कई देश अब भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते शीघ्र ही सम्पन्न करना चाह रहे हैं। वैश्विक स्तर पर हाल ही के समय में आर्थिक क्षेत्र में भारी उथल पुथल दिखाई दे रही है। भारत एवं यूरोपीय यूनियन के 27 सदस्य देशों के बीच सम्पन्न हुए मुक्त व्यापार समझौते से इस उथल पुथल में कुछ सुधार आता हुआ दिखाई देगा।

भारत में कृषि एवं डेयरी क्षेत्र अतिसंवेदनशील है। क्योंकि, भारत की कुल आबादी का लगभग 60 प्रतिशत भाग आज भी ग्रामीण इलाकों में उक्त क्षेत्रों पर अपनी आजीविका के लिए निर्भर है। अतः उक्त दोनों क्षेत्रों को मुक्त व्यापार समझौते से बाहर रखा गया है। हां, भारत के समुद्री उत्पाद उद्योग, वस्त्र एवं परिधान उद्योग, जेम्स एवं ज्वेलरी उद्योग, चमड़ा उद्योग, खिलौना उद्योग जो श्रम आधारित उद्योग हैं, को उक्त मुक्त व्यापार समझौते से अधिकतम लाभ होगा क्योंकि यूरोपीय यूनियन के समस्त 27 देशों द्वारा भारत से उक्त उत्पादों के आयात पर आयात ड्यूटी को शून्य किया जा रहा है।

वर्तमान में भारत से समुद्रीय उत्पादों के निर्यात पर 26 प्रतिशत का आयात कर लगाया जाता है, जिसे मुक्त व्यापार समझौता के लागू होने के पश्चात शून्य कर दिया जाएगा। इसी प्रकार, वस्त्र एवं परिधान के आयात पर वर्तमान में लागू 12 प्रतिशत के आयात कर को शून्य किया जा रहा है, खिलौना पर लागू 4.7 प्रतिशत के आयात कर को शून्य, जेम्स एवं ज्वेलरी के आयात पर 4 प्रतिशत से शून्य, केमिकल उत्पादों के आयात पर 12.8 प्रतिशत से शून्य, चमड़ा से निर्मित उत्पादों के आयात पर 17 प्रतिशत से शून्य, फर्नीचर उत्पादों के आयात पर 10.7 प्रतिशत से शून्य आयत कर किया जा रहा है।

यूरोपीय यूनियन के 27 देश, जो विकसित देशों की श्रेणी में शामिल हैं, में जन्म दर पिछले कई वर्षों से लगातार गिर रही है एवं कुछ देशों में तो यह शून्य के स्तर पर पहुंच गई है जिससे इन देशों में प्रौढ़ नागरिकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सेवा क्षेत्र में कार्य करने वाले नागरिकों का इन देशों में नितांत अभाव दिखाई देता है। अतः इन देशों में श्रमबल की भारी कमी है। उक्त मुक्त व्यापार समझौते के सम्पन्न होने के पश्चात भारतीय नागरिकों को यूरोपीय यूनियन के समस्त 27 देशों में तकनीकी क्षेत्र, चिकित्सा क्षेत्र, निर्माण क्षेत्र, सेवा क्षेत्र, आदि में रोजगार के भारी मात्रा में अवसर प्राप्त होंगे। इन समस्त देशों द्वारा भारतीय नागरिकों को वीजा प्रदान करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।

युनाईटेड किंगडम, जर्मनी, फ्रान्स आदि जैसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं जैसे देशों में भारतीय इंजिनीयरों एवं डाक्टरों की भारी मांग है। उक्त देशों द्वारा भारतीयों के परिवार के सदस्यों को रोजगार प्रदान करने के अवसर भी प्रदान करने सम्बंधी प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। भारतीय विद्यार्थियों द्वारा यूरोपीय यूनियन के सदस्य देशों के विश्वविद्यालयों में अपनी शिक्षा समाप्त करने के उपरांत 9 माह से 12 माह तक का समय रोजगार तलाशने के लिए प्रदान किया जाएगा। इस समयावधि तक भारतीय युवाओं को इन देशों में प्रवास की अनुमति प्रदान की जाएगी।

भारतीय कारीगरों के लिए अब वैश्विक बाजार खुल रहा है। साथ ही, भारत अब विनिर्माण इकाईयों का वैश्विक केंद्र बन सकता है। क्योंकि, यूरोपीयन यूनियन के समस्त देश विकसित देशों की श्रेणी में शामिल हैं एवं वे अपनी सम्पत्ति/पूंजी का निवेश भारत में विनिर्माण इकाईयों में कर सकते हैं एवं कुछ लाभप्रद क्षेत्रों में वे अपनी विनिर्माण इकाईयों की स्थापना भी कर सकते हैं। अधिक उत्पादन इकाईयों की स्थापना से भारत में रोजगार के अधिक अवसर भी निर्मित होंगे। इससे भारत में बेरोजगारी की समस्या का हल भी निकलता हुआ दिखाई दे रहा है।

भारत द्वारा विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों को इस दृष्टि के साथ सम्पन्न किया जा रहा है ताकि इससे भारत के किसान, मजदूर, कारीगर, पेशेवर नागरिकों एवं सूक्ष्म, छोटे एवं मध्यम उद्योगों को विशेष लाभ हो। यूरोपीयन यूनियन के समस्त 27 देशों में वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र का आकार 26,300 करोड़ अमेरिकी डॉलर का है, इससे भारत से वस्त्र एवं परिधान का निर्यात वर्तमान में 64,000 करोड़ रुपए से बढ़कर 3 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की सम्भावना व्यक्त की जा रही है। इसी प्रकार, चमड़ा उत्पादों का बाजार 10,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर का है एवं जेम्स एवं ज्वेलरी का बाजार 7,900 करोड़ अमेरिकी डॉलर का है।

27 देशों में इस विशाल क्षेत्र में भारतीय वस्त्र एवं परिधान उद्योग एवं अन्य उत्पादों को प्रवेश मिलने से भारत में श्रम आधारित कई सूक्ष्म, छोटी एवं मध्यम इकाईयों को लाभ होने जा रहा है। लगभग इसी प्रकार का लाभ अन्य क्षेत्रों यथा, समुद्री उत्पाद, चमड़ा उत्पाद, खिलोना उत्पाद, जेम्स एवं ज्वेलरी उत्पाद, केमिकल उत्पाद, फर्नीचर उत्पाद आदि, में कार्यरत इकाईयों की भी होने जा रहा है। इन क्षेत्रों में कार्यरत विनिर्माण इकाईयों के व्यापार में वृद्धि का आश्य सीधे सीधे अधिक श्रमबल की आवश्यकता होना भी है, जिसकी पूर्ति आज विश्व में केवल भारत ही कर सकता है।

रक्षा के क्षेत्र में भारत बहुत तेज गति से विकास कर रहा है। इस क्षेत्र में भारत का अंतिम लक्ष्य आत्मनिर्भरता हासिल करने का है। वहीं दूसरी ओर अमेरिका के ट्रम्प प्रशासन द्वारा यूरोपीय यूनियन के सदस्य देशों को सुरक्षा के सम्बंध में अमेरिका पर निर्भर नहीं रहते हुए अपने पैरों पर खड़े होने की सलाह दी है। अतः यूरोपीय देश अपने सुरक्षा बजट में अत्यधिक वृद्धि करने का विचार कर रहे हैं। भारत के लिए ऐसे समय पर उक्त मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया जाना एक सुनहरे अवसर के रूप में सामने आया है।

इससे सुरक्षा के क्षेत्र में उत्पादन कर रही भारतीय कम्पनियों को यूरोपीय यूनियन का अति विशाल बाजार मिलने जा रहा है। इसी के साथ ही यूरोपीय यूनियन के सदस्य देशों से सुरक्षा के क्षेत्र में उच्च तकनीकी का हस्तांतरण भारतीय कम्पनियों को सम्भव हो सकेगा। कुल मिलाकर यूरोपीय यूनियन के समस्त 27 देशों के साथ सम्पन्न किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौते से भारत के लिए अतिलाभप्रद स्थिति बनने जा रही है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Gunwantrai Ganpatlal Parikh

अगस्त क्रांति के क्रांतिकारी डॉक्टर गुणवंतराय गणपतलाल पारिख

August 9, 2024

पवार फॉर्मूला नहीं अपनाया सोनिया ने

June 10, 2022
मजदूर दिवस

मजदूर दिवस पर सरकार को दी बड़ी चुनौती!

May 3, 2024
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • भारत-US ट्रेड डील पर शिवराज का विपक्ष को करारा जवाब, बोले- भारत का बाजार भारतीयों के लिए
  • रिश्वत मांगी तो CBI ने बिछाया जाल, BIS के साइंटिस्ट को किया गिरफ्तार
  • IPS अधिकारी पर दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR, लगे हैं गंभीर आरोप

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.