नई दिल्ली : अमेरिका में H-1B वीजा को लेकर काफी ज्यादा विवाद छिड़ा हुआ है। इस वीजा प्रोग्राम को खत्म करने की मांगें खत्म नहीं हो रही हैं। कोई न कोई अमेरिका सांसद इसके खिलाफ मोर्चा खोल रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि H-1B वीजा प्रोग्राम के खिलाफ बिल भी पेश किए जा रहे हैं, ताकि इसे खत्म किया जा सके। इसने विदेशी वर्कर्स की टेंशन बढ़ा दी है।
हाल ही में रिपब्लिकन पार्टी से आने वाले फ्लोरिडा राज्य के एक सांसद ने EXILE एक्ट नाम से एक बिल पेश किया है, जिसमें H-1B खत्म करने की मांग उठी है। अभी तक EXILE एक्ट को मिलाकर 4 ऐसे बिल पेश किए गए हैं, जिसमें इसी तरह की मांग की गई है। ऐसे में आइए इन चारों बिलों के बारे में जानते हैं और समझते हैं कि H-1B वीजा क्या है और क्यों इसे लेकर विवाद हो रहा है।
क्या है H-1B और क्यों हो रहा है विवाद?
अमेरिका में कंपनियों को स्पेशलाइज्ड काम के लिए विदेशी वर्कर्स को हायर करने की इजाजत दी गई है। कंपनियां H-1B वीजा प्रोग्राम के जरिए विदेशी वर्कर्स की हायरिंग करती हैं। ज्यादातर हायरिंग टेक, फाइनेंस, हेल्थकेयर जैसे सेक्टर्स में की जाती है। हर साल 85 हजार H-1B वीजा जारी होते हैं, जिसमें से 20 हजार अमेरिका से पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को मिलते हैं। अमेरिका में लोगों का मानना है कि कंपनियां इस वीजा के जरिए विदेश से सस्ते वर्कर्स हायर करती हैं। इस वजह से उनकी नौकरियां जा रही हैं। यही विवाद की सबसे बड़ी वजह है। आइए अब उन चार बिलों के बारे में भी जान लेते हैं।
1. EXILE एक्ट
फ्लोरिडा के कांग्रेस सदस्य ग्रेग स्ट्यूब ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में H-1B वीजा खत्म करने के लिए एक बिल पेश किया। इस बिल का नाम ‘एंडिंग एक्सप्लॉइटेटिव इम्पोर्टेड लेबर एक्सेम्पशन एक्ट’ या कहें EXILE एक्ट है। इसमें प्रस्ताव दिया गया है कि ‘इमिग्रेशन एंड नेशनेलिटी एक्ट’ में बदलाव किया जाए। अगर ऐसा होता है, तो फिर वित्तीय वर्ष 2027 के लिए H-1B वीजा शून्य हो जाएगा। बिल के कानून बनते ही इस तरह वीजा प्रोग्राम को हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा।
2. PAUSE एक्ट
नवंबर 2025 में, रिपब्लिकन सांसद चिप रॉय (टेक्सास) ने सभी तरह की इमिग्रेशन पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा। PAUSE का अर्थ है, ‘पॉजिंग ऑन एडमिशन अनटिल सिक्योरिटी एंश्योर्ड’ यानी सुरक्षा सुनिश्चित होने तक प्रवेश पर रोक लगाना। इसमें सिर्फ H-1B को ही निशाने पर नहीं लिया गया, बल्कि सभी तरह के इमिग्रेशन रोकने की बात हुई। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि OPT भी खत्म करने की मांग की गई। विदेशी स्टूडेंट्स डिग्री पूरी करने के बाद अमेरिका में OPT पर ही जॉब करते हैं।
3. H-1B, L-1 वीजा रिफॉर्म एक्ट
चक ग्रासली (रिपब्लिकन-आयोवा) और डिक डरबिन (डेमोक्रेट-इलिनोइस) ने पिछले साल H-1B और L-1 वीजा रिफॉर्म एक्ट 2025 पेश किया। इस बिल में सभी वीजा कैटेगरी के लिए नियम कड़े करने की मांग हुई। बिल में एक उदाहरण देते हुए कहा कि जॉब की इजाजत सिर्फ उसी को मिले, जिसके पास अमेरिकी यूनिवर्सिटी की डिग्री है या फिर उसकी पढ़ाई अमेरिका में ली गई डिग्री के बराबर है। अगर कोई इस शर्त को पूरा करता है, तो ही उसे डिग्री से जुड़ी जॉब की इजाजत मिले।
4. एंड H-1B नाउ एक्ट
कांग्रेस की पूर्व प्रतिनिधि मार्जोरी टेलर ग्रीन ने कांग्रेस से अपने इस्तीफे से पहले जनवरी 2026 में ‘एंड H-1B नाउ एक्ट’ पेश किया था। उन्होंने मेडिकल प्रोफेशनल्स को छूट देते हुए H-1B वीजा प्रोग्राम को खत्म करने का प्रस्ताव रखा था। ये सभी प्रस्ताव अभी पेश किए गए हैं और इनमें से कोई भी सदन या सीनेट से पारित नहीं हुआ है। यही वजह है कि इन्हें राजनीतिक बयानबाजी के रूप में देखा जाता है और इनके कानून बनने की संभावना नहीं है।







