Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home विश्व

एक-दो नहीं, 4-4 बिल के जरिए H-1B पर अटैक कर रहा अमेरिका ?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
February 13, 2026
in विश्व
A A
H-1B Visa
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली : अमेरिका में H-1B वीजा को लेकर काफी ज्यादा विवाद छिड़ा हुआ है। इस वीजा प्रोग्राम को खत्म करने की मांगें खत्म नहीं हो रही हैं। कोई न कोई अमेरिका सांसद इसके खिलाफ मोर्चा खोल रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि H-1B वीजा प्रोग्राम के खिलाफ बिल भी पेश किए जा रहे हैं, ताकि इसे खत्म किया जा सके। इसने विदेशी वर्कर्स की टेंशन बढ़ा दी है।

हाल ही में रिपब्लिकन पार्टी से आने वाले फ्लोरिडा राज्य के एक सांसद ने EXILE एक्ट नाम से एक बिल पेश किया है, जिसमें H-1B खत्म करने की मांग उठी है। अभी तक EXILE एक्ट को मिलाकर 4 ऐसे बिल पेश किए गए हैं, जिसमें इसी तरह की मांग की गई है। ऐसे में आइए इन चारों बिलों के बारे में जानते हैं और समझते हैं कि H-1B वीजा क्या है और क्यों इसे लेकर विवाद हो रहा है।

इन्हें भी पढ़े

India will not be able to go to Iran

ईरान नहीं जा पाएगा भारत में जुटाया गया चंदा! जानिए क्यों?

April 2, 2026
Himalaya

हिमालय की ऊंचाइयों पर चल रहा ‘खेल’, स्कैम की कहानी चौंकाएगी

April 1, 2026
nato

अमेरिका ही छोड़ सकता है NATO, जानिए वजह

April 1, 2026
Strait of Hormuz

ईरान के ‘टोल प्लान’ से जंग का नया मुद्दा बना होर्मुज?

April 1, 2026
Load More

क्या है H-1B और क्यों हो रहा है विवाद?
अमेरिका में कंपनियों को स्पेशलाइज्ड काम के लिए विदेशी वर्कर्स को हायर करने की इजाजत दी गई है। कंपनियां H-1B वीजा प्रोग्राम के जरिए विदेशी वर्कर्स की हायरिंग करती हैं। ज्यादातर हायरिंग टेक, फाइनेंस, हेल्थकेयर जैसे सेक्टर्स में की जाती है। हर साल 85 हजार H-1B वीजा जारी होते हैं, जिसमें से 20 हजार अमेरिका से पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को मिलते हैं। अमेरिका में लोगों का मानना है कि कंपनियां इस वीजा के जरिए विदेश से सस्ते वर्कर्स हायर करती हैं। इस वजह से उनकी नौकरियां जा रही हैं। यही विवाद की सबसे बड़ी वजह है। आइए अब उन चार बिलों के बारे में भी जान लेते हैं।

1. EXILE एक्ट
​फ्लोरिडा के कांग्रेस सदस्य ग्रेग स्ट्यूब ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में H-1B वीजा खत्म करने के लिए एक बिल पेश किया। इस बिल का नाम ‘एंडिंग एक्सप्लॉइटेटिव इम्पोर्टेड लेबर एक्सेम्पशन एक्ट’ या कहें EXILE एक्ट है। इसमें प्रस्ताव दिया गया है कि ‘इमिग्रेशन एंड नेशनेलिटी एक्ट’ में बदलाव किया जाए। अगर ऐसा होता है, तो फिर वित्तीय वर्ष 2027 के लिए H-1B वीजा शून्य हो जाएगा। बिल के कानून बनते ही इस तरह वीजा प्रोग्राम को हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा।

2. PAUSE एक्ट
नवंबर 2025 में, रिपब्लिकन सांसद चिप रॉय (टेक्सास) ने सभी तरह की इमिग्रेशन पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा। PAUSE का अर्थ है, ‘पॉजिंग ऑन एडमिशन अनटिल सिक्योरिटी एंश्योर्ड’ यानी सुरक्षा सुनिश्चित होने तक प्रवेश पर रोक लगाना। इसमें सिर्फ H-1B को ही निशाने पर नहीं लिया गया, बल्कि सभी तरह के इमिग्रेशन रोकने की बात हुई। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि OPT भी खत्म करने की मांग की गई। विदेशी स्टूडेंट्स डिग्री पूरी करने के बाद अमेरिका में OPT पर ही जॉब करते हैं।

3. H-1B, L-1 वीजा रिफॉर्म एक्ट
चक ग्रासली (रिपब्लिकन-आयोवा) और डिक डरबिन (डेमोक्रेट-इलिनोइस) ने पिछले साल H-1B और L-1 वीजा रिफॉर्म एक्ट 2025 पेश किया। इस बिल में सभी वीजा कैटेगरी के लिए नियम कड़े करने की मांग हुई। बिल में एक उदाहरण देते हुए कहा कि जॉब की इजाजत सिर्फ उसी को मिले, जिसके पास अमेरिकी यूनिवर्सिटी की डिग्री है या फिर उसकी पढ़ाई अमेरिका में ली गई डिग्री के बराबर है। अगर कोई इस शर्त को पूरा करता है, तो ही उसे डिग्री से जुड़ी जॉब की इजाजत मिले।

4. एंड H-1B नाउ एक्ट
कांग्रेस की पूर्व प्रतिनिधि मार्जोरी टेलर ग्रीन ने कांग्रेस से अपने इस्तीफे से पहले जनवरी 2026 में ‘एंड H-1B नाउ एक्ट’ पेश किया था। उन्होंने मेडिकल प्रोफेशनल्स को छूट देते हुए H-1B वीजा प्रोग्राम को खत्म करने का प्रस्ताव रखा था। ये सभी प्रस्ताव अभी पेश किए गए हैं और इनमें से कोई भी सदन या सीनेट से पारित नहीं हुआ है। यही वजह है कि इन्हें राजनीतिक बयानबाजी के रूप में देखा जाता है और इनके कानून बनने की संभावना नहीं है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
पाकिस्तान की संसद

पाकिस्तान की संसद में भारत के चुनाव पर क्यों छिड़ी चर्चा?

June 13, 2024

क्या टल गई अमेरिका पर आने वाली ये बड़ी आर्थिक मुसीबत?

May 29, 2023
Xi Jinping

शी जिनपिंग आखिर क्यों नहीं आ रहे भारत? किस बात की है उन्हें टेंशन!

September 5, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • अब PF निकालना चुटकियों का काम, UPI से मिनटों में मिलेगा पैसा
  • राघव चड्ढा की कुर्सी क्यों छीन ली? इन वजहों की शुरू हुई चर्चा
  • एमएस धोनी जल्द कर सकते हैं मैदान पर वापसी?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.