Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

इतिहास रचने से बस चंद कदम दूर, पर चंद्रयान-3 के सामने ये 5 बड़ी चुनौतियां

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
August 21, 2023
in राष्ट्रीय
A A
Chandrayaan-3
19
SHARES
621
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: भारत का मून मिशन चंद्रयान-3 इतिहास रचने से बस चंद कदम दूर है। चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग के अंतिम चरणों में है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो 23 अगस्त को 6 बजकर 4 मिनट पर चांद पर तिरंगा लहराएगा और ऐसा करने वाला भारत दुनिया में चौथा देश बन जाएगा। हालांकि, चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग से पहले रूसी अंतरिक्ष एजेंसी ने एक दुखद खबर सुनाई है।

रूस का चंद्र मिशन फेल हो गया है। इसके साथ ही चांद पर फिर से पहुंचने का रूस का सपना भी टूट गया। लूना-25 को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर 21-22 अगस्त को लैंडिंग करनी थी। हालांकि, यह चांद की सतह से टकराकर यह क्रैश हो गया। इस खबर के साथ ही भारत के लोगों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। लूना-25 से सबक लेते हुए भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो चंद्रयान-3 की चांद पर सुरक्षित लैंडिंग कराने के लिए एक-एक कदम फूंक-फूंक कर रख रही है। ऐसे में आइए जानते हैं चंद्रयान-3 के सामने अब पांच बड़ी चुनौतियां क्या हैं…

इन्हें भी पढ़े

EPFO

अब PF निकालना चुटकियों का काम, UPI से मिनटों में मिलेगा पैसा

April 2, 2026
India will not be able to go to Iran

ईरान नहीं जा पाएगा भारत में जुटाया गया चंदा! जानिए क्यों?

April 2, 2026
pan card

आज से PAN Card के बदले नियम, अब इन 5 डाक्यूमेंट्स के बिना नहीं बनेगा कार्ड

April 2, 2026
ATM card

अब अलर्ट रहें ATM यूजर्स, वरना भारी पड़ेगा हर ट्रांजैक्शन

April 2, 2026
Load More

100 किलोमीटर ऊंचाई पर वायुमंडल की कमी

चंद्रमा पर वायुमंडल की कमी का मतलब है कि पैराशूट जैसे पारंपरिक तरीके से लैंडर की गति को धीमा नहीं किया जा सकता है। ऐसे में चंद्रयान की गति को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती है। 100 किमी प्रति घंटे की गति को नियंत्रित करने के लिए पूरी तरह से थ्रस्टर्स पर निर्भर रहना पड़ता है। किसी भी गलत अनुमान से असफल लैंडिंग हो सकती है, जैसा कि लूना-25 के साथ देखा गया है।

30 किमी प्रति घंटे और 100 मीटर की ऊंचाई के बीच

यह एक महत्वपूर्ण चरण है। यह वह चरण है जहां चंद्रयान-2 को विफलता का सामना करना पड़ा था। इसी चरण को लेकर वैज्ञानिक सबसे ज्यादा चिंतित भी हैं। लैंडिंग के इस चरण के दौरान गति पर सटीक नियंत्रण आवश्यक है, और सॉफ़्टवेयर त्रुटियों के परिणामस्वरूप नियंत्रण खो सकता है। एक सेकंड की देरी या समय से पहले गलत कमांड से भी नुकसान हो सकता है।

100 मीटर पर अप्रत्याशित भू-भाग परिवर्तन

चंद्रमा की सतह भू-भागों के अचानक परिवर्तनों से भरी हुई है। इसमें क्रेटर और चट्टानें शामिल हैं जो लैंडिंग पाथ में अप्रत्याशित बदलाव का कारण बन सकती हैं। ये बदलाव लैंडर को निर्देशित करने वाले सेंसर में त्रुटियां पैदा कर सकते हैं। इसके लिए मजबूत एल्गोरिदम की आवश्यकता होगी।

लैंडिंग के दौरान चंद्रमा पर धूल

थ्रस्टर्स का फोर्स अंतिम चरण के दौरान चंद्रमा पर धूल पैदा कर सकता है, जिससे संभावित रूप से कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। धूल सेंसर के साथ समस्या पैदा कर सकती है, जिससे गलत रीडिंग और गलत समायोजन हो सकता है। धूल कैमरे के लेंस को भी अस्पष्ट कर सकती है, जिससे गति कम होने के बाद भी बाधा उत्पन्न हो सकती है। इससे थ्रस्टर शटडाउन भी हो सकता है।

चंद्रमा पर भूकंपी गतिविधियां

चंद्रमा की सतह पर भूकंपीय गतिविधियां अप्रत्याशित रूप से हो सकती हैं। लैंडिंग के दौरान एक भी भूकंप लैंडर के संतुलन को बाधित कर सकता है। खास बात यह है कि भूकंप की पूरी तरह से योजना नहीं बनाई जा सकती या उसे कम नहीं किया जा सकता है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
पलायन

बढ़ रहा है पलायन!

March 21, 2023
health

स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भारत दे रहा है विशेष ध्यान!

March 25, 2025

पाकिस्तान के तीन टुकड़े?

June 10, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • अब PF निकालना चुटकियों का काम, UPI से मिनटों में मिलेगा पैसा
  • राघव चड्ढा की कुर्सी क्यों छीन ली? इन वजहों की शुरू हुई चर्चा
  • एमएस धोनी जल्द कर सकते हैं मैदान पर वापसी?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.