नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली की जनता से पांच बड़े वादे किए हैं। आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंदिरों, गुरुद्वारों और अन्य धार्मिक स्थलों के पुजारियों के लिए पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत, अगर आप सरकार सत्ता में लौटती है, तो वह मंदिरों के सभी पुजारियों को 18000 रुपये मासिक वेतन देगी।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इससे पहले चार और बड़ी योजनाओं का ऐलान किया है। महिला सम्मान राशि, संजीवनी योजना, बुजुर्गों के लिए पेंशन स्कीम और दिल्ली वालों के लिए स्वच्छ जल…आप का विश्वास है कि इन योजनाओं के जरिए वो दिल्ली चुनाव में फिर से सत्ता में वापसी करेगी। आप की इन योजनाओं के घोषणा के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) की चुनौतियां बढ़ गई हैं।
पुजारी-ग्रंथी सम्मान योजना
आम आदमी पार्टी (AAP) ने कहा है कि अगर वो फिर से सत्ता में आई तो पुजारियों और ग्रंथियों को हर महीने 18 हजार रुपये मासिक मानदेय देगी। केजरीवाल वे कहा कि यह देश में अपनी तरह की पहली योजना है और इसका पंजीकरण 31 जनवरी से शुरू हो जाएगा। इस
मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना
महिला सम्मान राशि योजना के तहत आप की सरकार ने दिल्ली की महिलाओं को 1000 रुपये देने का प्रस्ताव पारित किया है। केजरीवाल ने कहा है कि अगर वह सत्ता में आई तो इस रकम को एक हजार रुपये से बढ़ाकर 2100 रुपये कर दिया जाएगा।
संजीवनी योजना
संजीवनी योजना को 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी दिल्ली निवासियों को पूर्ण स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।
बुजुर्गों के लिए पेंशन स्कीम
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 से पहले, आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार के 80,000 अतिरिक्त लोगों को वृद्धावस्था पेंशन देने के फैसले की घोषणा की है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया को बढ़ाने के लिए एक विशेष पोर्टल भी लॉन्च किया गया है।
स्वच्छ जल
आप ने दिल्ली वालों को स्वच्छ जल देने का भी वादा किया है।
AAP की इन योजनाओ को लेकर बीजेपी की काउंटर स्ट्रैटेजी क्या होगी?
बीजेपी AAP की कल्याणकारी योजनाओं को लेकर अपनी काउंटर स्ट्रैटेजी में उनके 10 सालों के ट्रैक रिकॉर्ड जनता के सामने रखेगी। बीजेपी AAP के योजनाओं को लेकर आलोचनात्मक दृष्टिकोण अपनाएगी।
भाजपा AAP के वादों के आर्थिक पहलू पर ध्यान केंद्रित करेगी और यह दिखाने की कोशिश करेगी कि इन योजनाओं के लिए फंडिंग कहां से आएगी। बीजेपी यह भी दावा करेगी AAP की योजनाएं चुनावी फायदे के लिए बनाई गईं हैं और यह संभवत भविष्य में वित्तीय संकट का कारण बन सकती हैं।
बीजेपी AAP की प्रशासनिक क्षमता और पिछले कार्यकाल के अनुभव पर सवाल उठा सकती है। पार्टी यह आरोप लगा सकती है कि AAP की योजनाओं का प्रचार तो अच्छा है, लेकिन इनके कार्यान्वयन में गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
बीजेपी हिंदू धर्म और धार्मिक समुदायों के प्रति AAP की प्रतिबद्धता पर भी सवाल उठा सकती है। बीजेपी यह भी कह सकती है कि AAP सिर्फ चुनावी फायदा उठाने के लिए धार्मिक योजनाओं का ऐलान कर रही है, जबकि उनके प्रशासनिक कार्यों में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया है।






