नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (Union Minister Jitendra Singh) ने शनिवार को कोलकाता में महत्वपूर्ण जी20 (G20) भ्रष्टाचार विरोधी मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान “भ्रष्टाचार मुक्त दुनिया” (Corruption-Free World) बनाने की बात कही। साथ ही उन्होंने भगोड़े आर्थिक अपराधियों (Economic Offenders) के तेजी से प्रत्यर्पण और उनकी संपत्ति की वसूली पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विदेशों से 1.8 बिलियन डॉलर (करीब 14932 करोड़ रु) की भारी भरकम राशि रिकवर की गई है और भारत वापस लाई गई है।
2014 से वसूले 1 लाख करोड़ रु
वहीं समिट के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार आक्रामक रूप से आर्थिक अपराधियों पर नकेल कस रही है और आर्थिक अपराधियों और भगोड़ों से 14932 करोड़ रु से अधिक की संपत्ति की वसूली हो चुकी है। उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम का भी उल्लेख किया, जिसने 2014 से अपराधियों की 12 बिलियन डॉलर (99547 करोड़ रु) से अधिक की संपत्ति जब्त करने में मदद की है।
बता दें कि आरबीआई (RBI) के डेटा के अनुसार विलफुल डिफॉल्टर पर अब भी 87295 करोड़ रु का बकाया है।
भगोड़े आर्थिक अपराधियों पर जितेंद्र सिंह ने कहा कि वे नेशनल और इंटरनेशनल लॉ-एनफोर्समेंट दोनों के लिए बड़ी चुनौती पैदा करते हैं क्योंकि वे न्याय से बचने के लिए देशों की कानूनी और फाइनेंशियल सिस्टम के बीच गैप का फायदा उठाने में सक्षम होते हैं।
किस पर कितना बाकी
- मेहुल चोकसी : 8738 करोड़ रु
- एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड : 5,750 करोड़ रुपये
- आरईआई एग्रो लिमिटेड : 5,148 करोड़ रुपये
- एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड : 4,774 करोड़ रुपये
- कॉनकास्ट स्टील एंड पावर लिमिटेड : 3,911 करोड़ रुपये
क्या-क्या हैं इकोनॉमिक क्राइम
केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने कहा सिंह के अनुसार भगोड़े आर्थिक अपराधी अपने देश में गंभीर आर्थिक अपराध करते हैं और गिरफ्तारी, प्रॉसेक्यूशन या सजा से बचने के लिए दूसरे देश में भाग जाते हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराधों में धोखाधड़ी, टैक्स चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और घोटाले जैसी कई प्रकार की अवैध गतिविधियां शामिल हैं।







