Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home दिल्ली

(नई दिल्ली)बिजली कंपनियों के घाटे के लिए मुफ्त की रेवडिय़ां जिम्मेदार, सब्सिडी कल्चर पर फिर भडक़े पीएम मोदी

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
August 1, 2022
in दिल्ली
A A
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली ,31 जुलाई (आरएनएस)।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के बढ़ते बकाया को एक आसन्न संकट के रूप में चिह्नित करते हुए वोट के लिए रेवडिय़ां संस्कृति के अपने विरोध को और तेज कर दिया। वितरण क्षेत्र के सुधारों और एनटीपीसी की अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 3 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की शुरुआत करते हुए उन्होंने बताया कि डिस्कॉम का उत्पादन कंपनियों पर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है, क्योंकि उन्हें सब्सिडी नहीं मिली है। वहीं, सरकारी विभागों और स्थानीय निकाय के बिजली बिल का भी भुगतान नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत का बिजली क्षेत्र का घाटा दोहरे अंकों में है जबकि विकसित देश इसे एकल अंक में रखने में कामयाब रहे हैं।
वितरण क्षेत्र के सुधारों के लिए एक पैकेज और नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को लॉन्च करते हुए उन्होंने कहा, इसका मतलब है कि हम बहुत अधिक बिजली बर्बाद कर रहे हैं और इसके कारण हमें अपनी जरूरत से ज्यादा उत्पादन करना पड़ रहा है।

इन्हें भी पढ़े

Delhi Traffic

घर से निकाली गाड़ी तो देना होगा टैक्स! क्या दिल्ली में ऐसा प्लान लाने की है तैयारी?

March 14, 2026
Vishwa Hindu Parishad

हिंदू युवक की मौत के विरोध में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

March 13, 2026
पानी सप्लाई

दिल्ली के इन इलाकों में पानी की सप्लाई बाधित, जानिए कारण

March 12, 2026
CBI

दिल्ली शराब नीति मामले मे CBI ने हाईकोर्ट के सामने क्या-क्या दावे किए?

March 9, 2026
Load More

उन्होंने राजनीति में रेवड़ी बांटने की संस्कृति (सब्सिडी कल्चर) के खिलाफ भी खूब सुनाया। वह इस महीने दूसरी बार इसके खिलाफ बोल रहे थे। इससे पहले उन्होंने 16 जुलाई को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करते हुए इसके खिलाफ बोला था।।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस चेतावनी को तब और बढ़ा दिया जब मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली बेंच ने इस मुद्दे पर सुझाव दिया कि वित्त आयोग उन राज्यों को धन के प्रवाह को विनियमित करने पर विचार करे जो सब्सिडी दे रहे हैं।

सीजेआई ने कहा, समय के साथ हमारी राजनीति में गंभीर विकृतियां आ गई हैं। राजनीति में लोगों को सच बताने का साहस होना चाहिए। लेकिन कुछ राज्यों में हम मुद्दों को कालीन के नीचे धकेलने की प्रवृत्ति देखते हैं। यह तत्काल तो राजनीतिक रूप से लाभदायक लग सकता है। लेकिन आज की इन चुनौतियों का समाधान नहीं करना हमारे बच्चों और आने वाली पीढिय़ों पर बोझ डालने जैसा है।

पीएम मोदी ने कहा, उत्पादन कंपनियां बिजली का उत्पादन कर रही हैं, लेकिन उन्हें भुगतान नहीं हो रहा है। जिस तरह एक घर बिना खाना पकाने के ईंधन के भूखा रह जाएगा, भले ही उसके पास मसाले हों। कोई वाहन बिना ईंधन के नहीं चलेगा, बिजली नहीं होने पर सब कुछ ठप हो जाएगा। अगर एक राज्य में बिजली क्षेत्र कमजोर हो जाता है तो इसका असर पूरे देश पर पड़ता है।
हालांकि पीएम ने किसी राज्य का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को कई क्षेत्रीय दलों, खासकर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के फ्री बिजली के मुद्दे पर निशाना बनाने के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने इसे आप का प्रचार अभियान बना दिया है।

पीएम मोदी ने कहा कि यह राजनीति का नहीं बल्कि राष्ट्रनीति एवं राष्ट्र-निर्माण से जुड़ा हुआ मुद्दा है। बिजली देश के विकास के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों पर इन बिजली कंपनियों का एक लाख करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। इसके अलावा विभिन्न सरकारी विभागों एवं स्थानीय निकायों की भी इन बिजली वितरण कंपनियों पर 60,000 करोड़ रुपये से अधिक देनदारी बाकी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य सरकारों ने अभी तक बिजली कंपनियों को 75,000 करोड़ रुपये की अपनी सब्सिडी प्रतिबद्धता भी पूरी नहीं की है। राज्यों की तरफ से उपभोक्ताओं को दी जाने वाली रियायती बिजली के एवज में यह सब्सिडी राशि दी जानी है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
जवाहर बाग कांड

जवाहर बाग कांड में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने दी श्रद्धांजलि

June 2, 2025
PM Modi and Keir Starmer

भारत-ब्रिटेन FTA पर हस्ताक्षर: पीएम मोदी और कीर स्टार्मर की ऐतिहासिक मुलाकात, 2030 तक 120 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य!

July 24, 2025
CSIR-IHBT

CSIR-IHBT ने किसानों के लिए आयोजित की कौशल विकास कार्यक्रम

October 14, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • ईरान की ‘हिट लिस्ट’ में टेक कंपनियां, अब इनको बनाएगा निशाना
  • कुंभ से पहले सज-संवर रहा हरिद्वार, देखते रह जाएंगे श्रद्धालु
  • भारत के लिए संकटमोचक बना दोस्‍त रूस, पुतिन ने खोजा नया कूटनीतिक रास्ता!

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.