नई दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को प्रदूषण से निपटने को लेकर चल रही तैयारियों की एक समीक्षा बैठक के बाद एयर पल्यूशन मिटिगेशन एक्शन प्लान-2026 लागू कर दिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि वह प्रदूषण के खिलाफ सख्ती के मूड में है। इसलिए दिल्ली में धूल प्रदूषण और गाड़ियों के प्रदूषण को रोकने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। बैठक में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिरसा, पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा और परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
नो PUC, नो फ्यूल का नियम रहेगा जारी, होगी और सख्ती सिंह
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि ग्रीन बजट के जरिए दिल्ली सरकार ने साफ हवा और पर्यावरण को अपनी प्राथमिकता बनाया है। बैठक में प्रदूषण के अलग-अलग कारण गाड़ियों का धुआं, सड़कों की धूल, कंस्ट्रक्शन, फैक्ट्रियों का प्रदूषण, कचरा बायोमास समेत 11 क्षेत्रों को चिह्नित करके उन क्षेत्र में अलग अलग वर्क प्लान बनाकर काम करने का फैसला हुआ है।
उन्होंने कहा कि हर काम के लिए समय-सीमा और जिम्मेदारी तय होगी और रियल टाइम मॉनीटरिंग की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि यह केवल घोषणा नहीं, बल्कि संसाधनों, तकनीक और सख्ती के साथ चलाया जाएगा। सीएम ने कहा कि वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन के तहत ओखला को जुलाई 2026 तक, भलस्वा को दिसंबर 2026 तक और गाजीपुर को दिसंबर 2027 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।
पाबंदियां पहले की तरह जारी रहेंगी: रेखा गुप्ता
ई-वेस्ट इको पार्क जैसे सर्कुलर इकनॉमी प्रोजेक्ट्स के माध्यम से कचरे से होने वाले प्रदूषण को कम किया जाएगा। औद्योगिक प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सभी यूनिट्स में ऑनलाइन उत्सर्जन निगरानी प्रणाली अनिवार्य की गई है। सीएम ने कहा कि गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को देखते हुए कई पाबंदियां पहले की तरह जारी रहेंगी। नो पीयूसी-नो फ्यूल (बिना पीयूसी-ईंधन नहीं) की व्यवस्था लागू रहेगी।
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार के इनोवेशन चैलेंज के तहत चुने गए करीब 33 प्रोटोटाइप अब ट्रायल के दूसरे चरण में पहुंच रहे है। इनोवेशन चैलेज से जुड़े अधिकारी ने बताया कि इन चयनित प्रोटोटाइप में सोलर पावर से चलने वाला पोल माउंटेड डस्ट ट्रैप, बिना फिल्टर के धुआ और धूल को कार्बन में कैप्चर करने वाले उपकरण, इलेक्ट्रोस्टैटिक मिस्ट स्प्रेयर, स्मार्ट डस्ट सप्रेशन और मॉनिटरिंग सिस्टम के मॉडल के साथ विभिन्न तरह की गाडियो में लगाए जाने वाले एयर प्यूरीफायर शामिल हैं।
यह एयर प्यूरीफायर गाड़ियों के उत्सर्जन को सुधारने में मदद करते हैं। इनोवेशन चैलेंज के तहत आए ये इनोवेशन कड़ी चुनौतियों के बीच सभी आवेदनों में से चुने गए। ट्रायल मई के पहले हफ्ते से शुरू होने की उम्मीद है।
प्रदूषण बढ़ने के साथ CAQM की रिव्यू मीटिंग
सर्दियों का सबसे प्रदूषित सीजन बीतने के बाद अब कमिशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट ने गर्मियों के प्रदूषण को कंट्रोल करने के प्रयास तेज कर दिए है। इसी क्रम में सीएक्यूएम ने इनफोर्समेंट टास्क फोर्स की 128वीं मीटिंग की। इसमें गर्मियों में भी प्रदूषण बढ़ाने वाली एक्टिविटी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश जारी किए।
बढ़ते प्रदूषण के बाद भी GRAP नहीं होगा लागू
राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के बीच शुक्रवार को CAQM ने GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में अगले कुछ दिनों में बारिश के अनुमान को देखते हुए GRAP लागू नहीं करने का फैसला लिया गया।
CAQM ने कहा कि शनिवार को हालात का आकलन कर आगे का फैसला होगा। करीब 15 दिन बाद शुक्रवार को दिल्ली का प्रदूषण बढ़कर खराब श्रेणी में पहुंच गया। शुक्रवार शाम 4 बजे राजधानी का AQI 266 तक पहुंच गया।







