Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home जुर्म

नोटों का अंबार, अफसर और नेताओं का कनेक्शन… कैशकांड से जुड़ी पूरी कहानी

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
May 7, 2024
in जुर्म, राज्य
A A
16
SHARES
544
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। झारखंड की राजधानी रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी जारी है. ये छापेमारी झारखंड सरकार में मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव पाल के हाउस हेल्पर के यहां हो रही है. ये छापेमारी रांची में 6 अलग-अलग ठिकानों पर हो रही है.

अब तक की छापेमारी में 20 से 30 करोड़ रुपये की नकदी बरामद होने की बात कही जा रही है. एक दूसरे ठिकाने से लगभग तीन करोड़ रुपये भी जब्त किए गए हैं. नोटों की गिनती की जा रही है. बरामद नकदी के ज्यादातर 500 रुपये के नोट हैं. ज्वेलरी भी बरामद हुई है.

इन्हें भी पढ़े

Sri Ram Katha

हैदराबाद : श्री राम नवमी पर हुई 9 दिवसीय श्री राम कथा की भव्य पूर्णाहुति, सूर्य तिलक बना आकर्षण

March 27, 2026
pm modi

PM मोदी कल मुख्यमंत्रियों संग करेंगे हाई लेवल मीटिंग, मिडिल ईस्ट के हालात होगी चर्चा

March 26, 2026
Electricity bill

उत्तराखंड : बकाया बिल पर UPCL सख्त, कई सरकारी दफ्तरों की बिजली काटी

March 25, 2026
Delhi Police

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल का बड़ा एक्शन, किया आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़

March 24, 2026
Load More

छापेमारी क्यों?

ईडी की ये छापेमारी वीरेंद्र के. राम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की जा रही है. वीरेंद्र राम झारखंड ग्रामीण विकास विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर हैं. वीरेंद्र राम एक साल से ज्यादा लंबे वक्त से जेल में बंद हैं.

वीरेंद्र राम को ईडी ने पिछले साल फरवरी में गिरफ्तार किया था. उनपर ग्रामीण विकास विभाग की कई योजनाओं को लागू करने में अनियमितताएं बरतने का आरोप है.

2019 में वीरेंद्र राम के एक सहयोगी के यहां से भारी मात्रा में नकदी बरामद की थी. इसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था. वीरेंद्र राम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस झारखंड एंटी-करप्शन ब्यूरो की शिकायत पर दर्ज हुआ था. पिछले साल ईडी ने आरोप लगाया था कि वीरेंद्र के राम ने ठेकेदारों को टेंडर देने के बदले कमीशन के रूप में कथित रूप से आपराधिक आय कमाई.

आलमगीर आलम का नाम क्यों?

आलमगीर आलम झारखंड सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री हैं. सोमवार को ईडी उनके निजी सचिव संजीव लाल के हाउस हेल्पर के यहां छापेमारी कर रही है.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, रांची में हाउस हेल्पर के घर के अलावा और भी कई ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. सड़क निर्माण विभाग के इंजीनियर विकास कुमार के घर पर भी ईडी की टीम ने रेड डाली है.

ईडी ने वीरेंद्र राम के खिलाफ जो कार्रवाई की थी, वो 10 हजार रुपये की रिश्वत से जुड़ा था. दरअसल, नवंबर 2019 में एसीबी ने वीरेंद्र राम के सहयोगी जूनियर इंजीनियर सुरेश प्रसाद वर्मा को एक ठेकेदार से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था. हालांकि, सुरेश वर्मा ने ठेकेदार से कथित तौर पर एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी.

जिस वक्त सुरेश वर्मा को रिश्वत लेते पकड़ा गया था, वो जमशेदपुर में वीरेंद्र राम के मकान में रहते थे. सुरेश वर्मा के घर एसीबी ने छापेमारी में दो करोड़ रुपये से ज्यादा नकदी बरामद की थी. तब सुरेश वर्मा ने दावा किया था कि ये पैसे वीरेंद्र राम के हैं और उनके रिश्तेदार ने पैसे रखने को दिए थे.

पिछले साल जब गिरफ्तारी के बाद ईडी ने पूर्व चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम का बयान दर्ज किया था, तो उन्होंने बताया था कि रिश्वत का पैसा मंत्री के घर पहुंचाया जाता है. ये पहली बार था जब मंत्री आलमगीर आलम का नाम सामने आया था. इसी जांच के दौरान ही आलमगीर के निजी सचिव संजीव लाल का नाम भी आया था.

कौन हैं आलमगीर आलम?

आलमगीर आलम चार बार से कांग्रेस के विधायक हैं. वो पाकुड़ सीट से 2000, 2005, 2014 और 2019 में विधायक चुने गए हैं.

अक्टूबर 2006 से दिसंबर 2009 के बीच आलमगीर आलम झारखंड विधायक के स्पीकर भी रह चुके हैं. 2019 के चुनाव के बाद जब झारखंड में महागठबंधन की सरकार बनी तो उन्हें मंत्री बनाया गया. 1954 में जन्मे आलमगीर आलम का कांग्रेस से पुराना नाता रहा है. उनके चाचा एनुल हक भी कांग्रेस विधायक रहे हैं. उनके बेटे तनवीर आलम झारखंड कांग्रेस कमेटी के महासचिव हैं.

उन्होंने भागलपुर यूनिवर्सिटी के साहिबगंज कॉलेज से बपीएससी की डिग्री हासिल की है. 2019 के चुनाव में दाखिल हलफनामे के मुताबिक, उनके पास 7 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है.

आलमगीर आलम का क्या है कहना?

इस पूरी छापेमारी पर आलमगीर आलम निजी सचिव संजीव पाल से पीछा छुड़ाते नजर आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि संजीव पाल पहले भी दो पूर्व मंत्रियों के निजी सचिव रह चुके हैं. वो एक सरकारी कर्मचारी हैं और अनुभव के आधार पर उनकी नियुक्ति की जाती है. आलमगीर आलम ने कहा कि ईडी की जांच पूरी होने से पहले टिप्पणी करना सही नहीं होगा.

जब बरामद हुई 351 करोड़ की नकदी

इस मामले में अब कांग्रेस फंसती नजर आ रही है. बीजेपी ने मंत्री आलमगीर आलम को हिरासत में लेने की मांग की है. इसके साथ ही कुछ महीनों पहले कांग्रेस सांसद धीरज साहू के यहां छापेमारी में 300 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का मुद्दा भी उठाया है.

दरअसल, पिछले साल दिसंबर में आयकर विभाग ने कांग्रेस सांसद धीरज साहू के ठिकानों पर छापा मारा था. इस छापेमारी में कुल 351 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद हुई थी. इतिहास में ये पहली बार था, जब छापेमारी में इतनी बड़ी रकम बरामद हुई थी.

तब आयकर विभाग ने ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के 40 से ज्यादा ठिकानों पर छापा मारा था. इतनी नकदी बरामद हुई थी कि उसे गिनने के लिए 40 मशीनें लगी थीं. वहीं, 200 बैग और ट्रंक में भरकर इस रकम को ले जाया गया था.

आयकर विभाग का कहना था कि ये सारा पैसा देसी शराब की नकद बिक्री से कमाया गया है. दरअसल, साहू परिवार सवा सौ साल से शराब के कारोबार से जुड़ा हुआ है. ओडिशा और झारखंड में शराब की ज्यादातर दुकानें साहू परिवार की ही हैं.

इतनी बड़ी नकदी बरामद होने पर धीरज साहू ने दावा किया था कि ये सारा पैसा परिवार का है और इससे कांग्रेस का लेना-देना नहीं है. वहीं, इस साल फरवरी में धीरज साहू ने 351 करोड़ रुपये में से 150 करोड़ रुपये पर टैक्स भर दिया था. खबर थी कि साहू ने 150 करोड़ रुपये की कमाई पर टैक्स भर दिया है. जबकि बाकी की कमाई का रिटर्न अगले साल भरा जाना है.

क्या होता है जब्त रकम का?

ईडी जब किसी रकम को बरामद करती है तो आरोपी से उसका सोर्स पूछा जाता है. अगर आरोपी सोर्स नहीं बता पाता है तो ईडी उसे जब्त कर लेती है.

जब्त करने के बाद नकदी की एक-एक डिटेल दर्ज की जाती है. मसलन, नकदी में किस करंसी के कितने नोट हैं. गवाहों की मौजूदगी में नकदी को एक बक्से में सील कर सरकारी बैंक की एक ब्रांच में ले जाया जाता है. वहां, एजेंसी के पर्सनल डिपॉजिट अकाउंट में जमा कर दिया जाता है.

अगर आरोपी को दोषी ठहराया जाता है तो फिर इस रकम को केंद्र सरकार ‘पब्लिक मनी’ के रूप में दे दी जाती है. अगर आरोपी बरी हो जाता है, तो उसे सारा पैसा लौटा दिया जाता है. वहीं, जब आयकर विभाग कोई नकदी जब्त करती है तो उसे बैंक में जमा कर लिया जाता है. उसका असेसमेंट किया जाता है और टैक्स लायबिलिटी तय की जाती है. जब्त रकम पर टैक्स जमा करने के बाद पैसा वापस कर दिया जाता है.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
कचरा प्रबंधन

कचरा प्रबंधन का राजनीतिक अर्थशास्त्र और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण

May 31, 2023
journalist

बृज प्रेस क्लब एवं एनयूजेआई का पत्रकारिता समारोह शुक्रवार को, सभी तैयारियां पूर्ण : उपमन्यु

May 28, 2025
INDI alliance

देशभर में INDI गठबंधन करेगा विरोध प्रदर्शन

December 20, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • हैदराबाद : श्री राम नवमी पर हुई 9 दिवसीय श्री राम कथा की भव्य पूर्णाहुति, सूर्य तिलक बना आकर्षण
  • होर्मुज स्‍ट्रेट खुलवाने को भारत और फ्रांस आए एक साथ, मानेगा ईरान?
  • पश्चिम एशिया संकट के बीच फुल एक्शन में केंद्र सरकार!

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.