नई दिल्ली। नोएडा सेक्टर 93 ए स्थित भ्रष्टाचार का टविन टावर धराशायी हो गया। लेकिन टविन टावर के आसपास के लोगों के सामने सबसे बड़ी समसया मलबे को लेकर है। क्योंकि 32 मंजिला इमारत ध्वस्त होने से करीब 55,000 से 80,000 टन तक मलबा जमा हो गया है।
ध्वस्तीकरण के बाद मौके पर काफी ऊंचाई तक मलबा जमा हो गया है। ऐसे में लोगों को आवाजाही में दिक्कत होगी। चारों तरफ प्रदूषण की समस्या बढ़ गई है। हालांकि नोएडा प्रशासन का कहना है कि मलबा हटाने में दो से तीन महीने का समय लग जाएगा। लोगों को किसी तरह की समस्या न हो इसको ध्यान में रखते हुए टावर गिराने की घटना को अंजाम दिया गया है।
प्रदूषण की जांच के लिए लगी मशीनें
टावर के ध्वस्त होने से आसमान में मलबे के धुएं का गुबार फैल गया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक गुबार के कारण दिन का नजारा भी कुछ देर के लिए रात की तरह हो गया। हालांकि स्थिति को नार्मल होने में काफी समय लग गया। वहीं, प्रदूषण के स्तर की जांच के लिए मौके पर मशीनें लगाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदूषण लेबिल की जानकारी जल्द ही साझा की जाएगी।
सोसायटी के आसपास लोगों से मास्क लगाने की अपील
मलबे के गुबार से लोगों में बीमारी होने की आशंका है। क्योंकि आसपास की सोसायटी तक मलबे का गुबार पहुंचने की आशंका है। ऐसे में बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोगों को काफी दिक्कत होगी। ऐसे में नोएडा प्रशासन की ओर से लोगों से मास्क का इस्तेमाल करने की अपील की गई है। अधिकारियों का कहना है कि सोसायटी के लोगों का पूरा ध्यान रखा जाएगा उनकी हर समस्या का समाधान करने के लिए टीम मौके पर मौजूद है।
नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक ध्वस्तीकरण के बाद आसपास के इलाके में धूल और कंक्रीट से निपटने के लिए पानी के 100 टैंकर तैनात किए गए हैं। 15 एंटी स्मॉग गन, 6 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीन, लगभग 200 सफाई कर्मचारी और 20 ट्रैक्टर ट्रॉली तैनात हैं। उद्यान विभाग को भी निर्देशित किया गया है कि गाइड लाइन के मुताबिक लोगों को राहत देने के लिए काम करें।







