कोलकाता. पश्चिम बंगाल सरकार जल्द ही राज्य विधानसभा में एक बिल लाने जा रही है. जिससे राज्य के निजी स्कूलों की फीस को कंट्रोल किया जा सके. यह जानकारी राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने मंगलवार को विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन दी. साथ ही, बसु ने माता-पिता की बहुत ज्यादा फीस और स्कूल प्राधिकरण के खिलाफ अन्य शिकायतों को दूर करने के लिए एक आयोग के गठन की भी घोषणा की. दिल्ली में पिछली केजरीवाल सरकार ने भी निजी स्कूलों में फीस को कंट्रोल करने के लिए आदेश दिया था. जिसके खिलाफ स्कूल संचालकों ने कोर्ट का रुख किया था.
यह पता चला है कि इस मकसद के लिए गठित होने वाले आयोग की अध्यक्षता एक रिटायर जज करेंगे. आयोग के अन्य सदस्यों में राज्य शिक्षा विभाग के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, स्कूल शिक्षा बोर्डों के प्रतिनिधि और राज्य शिक्षा मंत्री द्वारा नामित दो शिक्षाविद शामिल होंगे. आयोग के सदस्य राज्य में चल रहे विभिन्न निजी स्कूलों की फीस संरचना की समीक्षा करेंगे और वहां की ज्यादा फीस की संरचना और ज्यादा प्रवेश शुल्क की शिकायतों को दूर करेंगे.
मंगलवार को सदन के पटल पर चर्चा के दौरान, राज्य के विभिन्न निजी स्कूलों में आसमान छूती फीस संरचना और प्रवेश शुल्क का मुद्दा बांकुरा जिले के छातना विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सत्यनारायण मुखोपाध्याय ने उठाया. उन्होंने हाल ही में कोलकाता के एक निजी स्कूल में चौथी मंजिल से कांच का पैनल गिरने से तीन छात्रों के घायल होने की घटना के बाद निजी स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा के मुद्दों को भी उठाया.







