नई दिल्ली : लोग जल्द से जल्द अमीर बनने की चाहत में आए दिन ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाते हैं। साइबर अपराधी ऐसे लोगों को ढूंढ़ते रहते हैं जो घर बैठे करोड़पति बनने का ख्वाब देख रहे हों। राजधानी दिल्ली में एक ऐसे ही बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस का आरोप है कि इस रैकेट को चलाने वाले चीन के नागरिक हैं जो विदेशों में बैठकर भारत के लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि यह गैंग दिल्ली और यूपी के लोगों को अपना टारगेट बना रहा है। टेलीग्राम ऐप के माध्यम से ठगी करने के आरोप में पुलिस ने अब तक चार लोगों को पकड़ा है। आरोपियों की पहचान हरीश कुमार, विपुल शर्मा, शिव प्रताप और ओम प्रकाश उर्फ मोनू के रूप में हुई। पुलिस ने 60 लाख रुपए से अधिक की ठगी का खुलासा किया है।
टेलीग्राम पर आया लड़की का मैसेज
दरअसल, दिल्ली के रहने वाले आशीष कुमार तोमर ने पिछले साल पुलिस से साइबर ठगी की शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 9 अगस्त, 2023 को उनके टेलीग्राम पर एक लड़की का मैसेज आया था। लड़की ने अपना नाम अनिताई और खुद को कैरियर बिल्डर लिमिटेड की कर्मचारी बताया था। लड़की ने आशीष को अमीर बनने का एक ऑफर दिया। उसने उसे गूगल पर रेस्टोरेंट की रेटिंग करने को कहा और बदले में उसे पैसा देने का वादा किया। आशीष उसकी बातों में आ गया और ऑफर स्वीकार कर लिया।
पहले लालच फिर ठगी
जालसाजों ने आशीष को पहले कुछ रेस्टोरेंट का रेटिंग करने को कहा। इसके बदले उसे कुछ पैसे भी दिए गए। फिर उसे 1,300 रुपए और पाने के लिए 1,000 रुपए भेजने के लिए कहा गया। आशीष के ऐसा करने पर उसे ‘टास्क फोर्स G305388’ नाम के एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया।
नए ग्रुप में ऐड करने के बाद जालसाजों ने आशीष को एक बड़ी राशि भेजने को कहा। बदले में उसे मोटी रकम देने का वादा भी किया गया। अच्छे रिटर्न की लालच में आकर पीड़ित ने 23,260 रुपए ट्रांसफर कर दिए। लेकिन उसे कुछ समय बाद महसूस हो गया कि उसके साथ ठगी हो रही है। जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तब जालसाजों ने कहा कि और पैसे ट्रांसफर कर के ही वो सारे पैसे निकाल सकेगा।
ऐप पर ठगी का खेल
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू किया और यह पता चला कि ठगी के पैसों को हरीश नाम के एक शख्स के बैंक अकाउंट में भेजा गया था। पुलिस ने हरीश को गिरफ्तार किया और उसने पूछताछ में बताया कि उसने अपना खाता पांच फीसदी कमीशन पर विपुल नाम के शख्स को बेचा था। पुलिस ने फिर विपुल को पकड़ा। विपुल ने पुलिस को बताया कि वो कई टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ा हुआ है जहां जालसाजों को बैंक खाता उपलब्ध कराया जाता है।
बेचे जाते थे बैंक अकाउंट
गिरफ्तारी के बाद विपुल ने खुलासा करते हुए बताया कि वो टेलीग्राम ऐप पर ओम प्रकाश नाम के एक शख्स के संपर्क में आया था। ओम प्रकाश कई ग्रुप में एक्टिव था, जहां लोगों के बैंक अकाउंट खरीदे और बेचे जाते थे।
चीन से जुड़े हैं तार
विपुल से यह इनपुट मिलने के बाद पुलिस ने ओम प्रकाश और शिव नाम के दो और आरोपियों को पकड़ा। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह पूरा रैकेट अमित नाम का एक शख्स चला रहा है। पुलिस का आरोप है कि अमित चीन के कुछ लोगों के लिए काम करता है जो विदेश से ठगी का यह रैकेट चला रहे हैं। अमित चीनी जालसाजों को बैंक खाते उपलब्ध कराता है। पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को पकड़ लिया है लेकिन अमित का अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है। मामले की जांच की जा रही है।







