Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

नीतीश कुमार के एक पैंतरे से RJD चित, कांग्रेस-भाजपा के भी बदले सुर

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
January 4, 2024
in राज्य, राष्ट्रीय
A A
nitish kumar
23
SHARES
755
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली : बिहार के चीफ मिनिस्टर नीतीश कुमार को यूं ही नहीं राजनीति का खिलाड़ी कहा जाता है. बिहार में 18 साल तक सीएम पद पर रह चुके नीतीश कुमार को साथी राजनीतिक दलों को आगे पीछे घुमाने की कला भली भांति पता है. ललन सिंह को पार्टी के अध्यक्ष पद से हटाने में एक हफ्ते से अधिक का समय लेकर पूरे देश की मीडिया और राजनीतिक दलों के केंद्र में खुद को रखने की कला विपक्ष में केवल नीतीश कुमार के पास ही है. अभी भी देश की सबसे बड़ी पार्टियों आरजेडी सहित भाजपा और कांग्रेस की नजर उनके अगले कदम पर ही है. कोई भी नहीं समझ पा रहा है कि नीतीश कुमार क्या करने वाले हैं. पर नीतीश कुमार इस बीच अपने उद्देश्य में पूरी तरह सफल दिख रहे हैं. कांग्रेस और आरजेडी को तो उन्होंने घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है और बीजेपी के भी बोल उनके लिए सॉफ्ट हो गए हैं. इधर पिछले कुछ दिनों से निस्तेज से दिख रहे नीतीश कुमार अपने इसी पैंतरे के बलबूते मजबूत होकर उभरे हैं.

नीतीश के पैंतरे से आरजेडी चित

इन्हें भी पढ़े

सीआईएल

फ्यूल की कमी नहीं होने देगी सरकार! कोल इंडिया तैयार

April 5, 2026
leader

केरल चुनाव: कितने उम्मीदवार दागी और कितने करोड़पति?, जानिए

April 5, 2026
Amrit Bharat Express

कैसा है अमृत भारत एक्सप्रेस का नया कोच?

April 5, 2026
भू-माफिया

उत्तराखंड में बड़ा खेल, जाति छिपाकर बेच दी 1.170 हेक्टेयर जमीन

April 4, 2026
Load More

नीतीश कुमार राजनीति में शतरंज वाली चालें चलते हैं. उन्होंने अपने एक कदम से न केवल आरजेडी को कंट्रोल कर लिया है बल्कि अपनी पार्टी को भी टूटने से बचा लिया है. नीतीश कुमार अपनी पार्टी के प्रेसिडेंट ललन सिंह को हटाने का काम चुपके से भी कर सकते थे. पर इसके लिए उन्होंने कार्यसमिति और आम सभा की बैठक बुलाई.ललन सिंह के साथ क्या होने वाला है इसकी खबर भी लीक करवाई और चुपचाप मीडिया और राजनीतिक दलों को अटकलें लगाने के लिए छोड़ दिया. जाहिर ये सब एक प्लानिंग के तहत ही हुआ होगा. उनकी इस चाल का असर हुआ है . आरजेडी अब शांत है.

बताया जा रहा है कि प्रदेश के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव जो कई दिनों से मुख्यमंत्री से मिल भी नहीं रहे थे आज सीएम आवास पहुंचे. कल ईडी के सामने तेजस्वी की पेशी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले कुछ दिनों से न लालू यादव से बातचीत कर रहे हैं और न ही तेजस्वी से. अब आरजेडी फैमिली शांत है. लालू फैमिली को ये बात पता है कि अगर नीतीश कुमार ने पाला बदल लिया तो वे न घर के रहेंगे न घाट के. क्योंकि पाला बदलते ही बिहार में सरकार तो गिर ही जाएगी. 2019 की तरह लोकसभा चुनावों में एक भी सीट आने की आशंका भी बन जाएगी. फिलहाल नीतीश की घुड़की से लोकसभा चुनावों तक लालू और तेजस्वी अब शांत रहने वाले हैं.

हालांकि इसके पीछे एक कारण और बताया जा रहा है. ईडी की पूछताछ के बाद तेदस्वी की गिरफ्तारी का डर भी आरजेडी को सता रहा है. राजनीतिक विश्वेषकों का कहना है जिस तरह झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी गिरफ्तारी होने की स्थिति में अपनी पत्नी कल्पना को सीएम पद के लिए तैयार कर रहे हैं उसी तरह तेजस्वी भी कर सकते हैं. बिहार के राजनीतिक हल्कों में इस बात की चर्चा तेज है कि तेजस्वी के गिरफ्तार होने स्थिति में उनकी जगह उनकी पत्नी राजश्री को लाया जा सकता है. इसके चलते भी आरजेडी अब शांत हो गई है.

लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी और आरजेडी दोनों जेडीयू से डील करने की इच्छुक

नीतीश कुमार अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं. वो जानते हैं कि लोकसभा चुनाव के पहले उनकी शर्तें बीजेपी और आरजेडी दोनों ही पार्टियां मान सकती हैं. लोकसभा चुनावों के बाद विधानसभा चुनाव के समय तो न आरजेडी उन्हें मुख्यमंत्री बनने देने वाली है और न ही बीजेपी. आरजेडी के एक नेता ने जिस तरह राममंदिर का विरोध किया उसका उसी के भाषा में जेडीयू ने जवाब दिया है. राम मंदिर पर जेडीयू कहीं से भी आरजेडी वाली भाषा नहीं बोल रही है.

नीतीश कुमार को राम मंदिर समारोह में बुलाया भी जा रहा है. मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल की माने तो नीतीश कुमार को इन्वाइट करने सीएम आवास संगठन के 2 लोग गए हुए थे पर सीएम कहीं बाहर थे. सीएम से समय मिलते ही फिर उन्हें इन्वाइट करने के लिए लोक जाएंगे. इसमें कोई 2 राय नहीं है कि सीएम नीतीश कुमार राम मंदिर समारोह में शामिल होकर सबको चौंका सकते हैं . बीजेपी से भले ही चुनावी गठबंधन न करें नीतीश कुमार पर लोकसभा चुनावों तक वो आरजेडी को भ्रम में रखेंगे. यही हाल वो बीजेपी के साथ भी करने वाले हैं.हालांकि इसमें भी कोई 2 राय नहीं है कि वो अब आरजेडी के साथ लोकसभा चुनाव नही लड़ने वाले हैं.

नीतीश कुमार और बीजेपी दोनों ही यह समझ रहे हैं कि बीजेपी का नारा अबकी बार -400 के पार तभी पूरा होगा जब बिहार की सारी सीटें बीजेपी को मिल जाएंगी. नीतीश कुमार बस ये चाहते हैं कि लोकसभा चुनावों के पहले बीजेपी से जितना ले लेंगे उतना ठीक है. विधानसभा चुनावों में तो कुछ मिलना नहीं है. बीजेपी लोकसभा चुनावों के बाद बिहार में महाराष्ट्र की तर्ज पर अपना प्रभावी डिप्टी सीएम बनाकर भी काम चला सकती है पर लोकसभा चुनावों में उसे किसी भी सूरत में अधिकतम सीट चाहिए.

इंडिया एलायंस भी नीतीश के अर्दब में

इंडिया एलायंस में जिस तरह नीतीश कुमार को भाव मिलना बंद हो गया था.अब वैसा नहीं है. इंडिया गठबंधन की चौथी मीटिंग के बाद लालू यादव और नीतीश कुमार में बिल्कुल बातचीत बंद हो गई थी. ऐसा लगने लगा था कि नीतीश कुमार कहीं भी जा सकते हैं. ऐसा होने की आशंका में नीतीश कुमार को मनाने के लिए खुद राहुल गांधी को फोन करना पड़ा है. कांग्रेस ममता बनर्जी को भी मनाने का प्रयास कर रही है कि वो मल्लिकार्जुन खरगे को पीएम पद का प्रत्य़ाशी बनाने की हड़बड़ी न दिखाएं. उम्मीद है कि बहुत जल्दी ही का्ंग्रेस की ओर इंडिया ब्लॉक का संयोजक बनाने के लिए नीतीश के नाम प्रस्ताव रख दिया जाएगा. हालांकि इस बीच जिस तरह नीतीश कुमार खेल रहे हैं उससे तो यही लगता है कि वो इंडिया ब्लॉक को ज्यादा तवज्जो देने के मूड में नहीं हैं. नीतीश कुमार ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश और सीतामढ़ी से जेडीयू के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. बिना इंडिया या आरजेडी की रजामंदी के इस तरह फैसले लेने का क्या मतलब हो सकता है यह तो नीतीश कुमार ही बता सकते हैं. इस बीच शिवसेना यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी फोन करके नीतीश कुमार को मनाने की कोशिश की है.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
CBI headquarter

अब कोई परदादारी नहीं

May 2, 2023
drones

भारत ने खरीदे हंटर किलर ड्रोन, घर बैठे आतंकवाद के अड्डे हो जाएंगे खत्म

July 29, 2024
WCL

सीआईएल की स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर WCL ने शुरू किया ‘हैप्पी स्कूल परियोजना’

January 25, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • फ्यूल की कमी नहीं होने देगी सरकार! कोल इंडिया तैयार
  • 48 घंटे बाद क्या करेगा अमेरिका? ट्रंप ने ईरान को दी है धमकी
  • दिल्ली में LPG की कालाबाजारी पर एक्शन, FIR दर्ज

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.