देहरादून। राज्य में लगातार हो रही अतिवृष्टि के चलते उत्पन्न आपदा की गंभीर स्थिति से निपटने के लिए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र मंगलवार तड़के से ही सक्रिय दिखा। राजधानी देहरादून तथा प्रदेश के अन्य हिस्सों में अतिवृष्टि से बाढ़ तथा मलबा आने की जैसे ही सूचना मिली, सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन अपनी टीम के साथ नियंत्रण कक्ष पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से जिलों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है, ताकि जलभराव, भूस्खलन, मार्ग अवरोध और अन्य समस्याओं की त्वरित जानकारी मिल सके और उनके समाधान हेतु तत्काल कार्रवाई की जा सके।
पेयजल, बिजली, संचार सेवाओं और चिकित्सा सहायता जैसे आवश्यक विषयों पर प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री आनंद स्वरूप, क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबेदुल्लाह अंसारी तथा यूएसडीएमए के विशेषज्ञ नियंत्रण कक्ष में उपस्थित रहकर विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित कर रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा रहे हैं। राहत एवं बचाव दलों को अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य करने को कहा गया है। बाढ़ में बहकर लापता हुए लोगों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। राहत एवं बचाव दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंकी है। खतरे वाले स्थानों से लोगों को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है। जिला प्रशासन द्वारा प्रभावितों की सभी आवश्यकताओं का ख्याल रखा जा रहा है।







