गाजियाबाद : गाजियाबाद के एक मॉल में ‘सेक्स बाजार’ चल रहा था। पुलिस ने मॉल में छापा मारा और स्पा सेंटर से 44 लड़कियों को पकड़ा है। ऐसे में उन लड़कियों ने अब अपनी आपबीती सुनाई है। दरअसल, इंदिरापुरम के आदित्य मॉल में स्पा सेंटर चला रहे आरोपी इन लड़कियों को रिसेप्शनिस्ट की नौकरी दिलाने के बहाने देह व्यापार में धकेल रहे थे। शुक्रवार रात छह स्पा सेंटर से बरामद 44 लड़कियों में से करीब 30 ने यह बात पुलिस को बताई।
लड़कियों ने बताया कि आरोपी धमकी देते थे कि उनकी बात नहीं मानने पर देह व्यापार करने का आरोप लगा बदनाम कर देंगे और परिवार को भी बता देंगे कि तुम्हारे घर की लड़की सेक्स रैकेट का हिस्सा है। बता दें कि पुलिस ने शुक्रवार शाम आदित्य मॉल में चल रहे छह स्पा सेंटर पर छापा मारकर संचालकों को गिरफ्तार किया था। इनमें एक महिला भी थी। स्पा सेंटर से आपत्तिजनक सामग्री मिली थी।
पुलिस ने 21 युवकों और 44 युवतियों को हिरासत में लिया था। हालांकि, युवकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। शनिवार को गिरफ्तार आरोपी दीपक गौड़, ओमप्रकाश, निशा, जितेंद्र कुमार, दीपक शर्मा और ललित भाटी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस से पकड़वाने की धमकी दी युवतियों ने बताया कि उन्हें स्पा सेंटर में रिसेप्शनिस्ट की जॉब के लिए बुलाया गया था। पहले रिसेप्शन पर बैठाया गया और फिर देह व्यापार के लिए कहा गया। इनकार करने पर कहा गया कि यहां सेक्स रैकेट चल रहा है। यदि उनकी बात नहीं मानी तो परिवार को बता देंगे कि तुम भी इस रैकेट का हिस्सा हो। कई युवतियों के नहीं मानने पर उन्हें पुलिस से पकड़वाने की धमकी तक भी दी गई।
फरार आरोपियों को तलाश रही पुलिस
एसीपी के मुताबिक आरंभिक जांच में युवतियों को ब्लैकमेल करने की बात सामने आई है। इसके लिए स्पा सेंटर के मालिक और मैनेजरों ने अलग-अलग पैंतरे अपनाए थे। इस मामले में पांच आरोपी अभी भी फरार हैं, जिन्हें पुलिस तलाश कर रही है।
अधिक कमाई का प्रलोभन दिया
पुलिस की पूछताछ में युवतियों ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें लालच भी दिया कि इसका हिस्सा बनने पर उन्हें रिसेप्शनिस्ट के रूप में 12-15 हजार के बजाय 40-50 हजार रुपये प्रति माह मिलेंगे। इसके अलावा भी कई प्रलोभन दिए।
पूर्वोत्तर राज्यों की भी युवतियां शामिल
देह व्यापार में आरोपियों ने जिन युवतियों को धकेला, वे गाजियाबाद के अलावा दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पूर्वोत्तर राज्यों की रहने वाली हैं। इन्होंने बताया कि परिवार की मदद करने के लिए वे नौकरी करना चाहती थीं, लेकिन इस चंगुल में फंस गईं।







