नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट के समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के बाद से LGBT समुदाय के प्रति लोगों का नजरिया धीरे-धीरे बदल रहा है. बीमा कंपनियां भी LGBT समुदाय को ध्यान में रखकर पॉलिसियां भी लाने लगी हैं. अब फ्यूचर जनरली इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड कंपनी ने LGBTQIA+ कम्यूनिटी और लिव-इन में रह रहे लोगों के लिए स्पेशल हेल्थ इंश्योरेंस प्लान लाने का ऐलान किया है. LGBTQIA+ समुदाय को बेहतर हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज देने के लिए कंपनी ने परिवार की परिभाषा को भी विस्तृत कर इसमें LGBTQIA+ कम्यूनिटी, लिव इन पार्टनर्स और लिव इन रिलेशनशिप को भी शामिल किया है.
ऐसा होने से अब समुदाय के सदस्य भी आम परिवार के सदस्यों की तरह स्वास्थ्य बीमा सुविधा का लाभ ले सकेंगे. बीमा कंपनी के इस कदम से LGBTQIA+ समुदाय के सदस्यों और लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे जोड़ों को बेहतर हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज मिलने का रास्ता साफ हो गया है. हालांकि, फिलहाल स्पेशल हेल्थ पॉलिसी में जननांग पुनर्निर्माण या लिंग परिवर्तन जैसी सर्जरी को कवर नहीं किया गया है.
वैल्यू एडिट सर्विसेज भी मिलेंगी
LGBTQIA+ समुदाय ने भी कंपनी के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है अभी भी समुदाय के सदस्यों की सोसायटी में स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है. कंपनी का कांप्रेहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट-एफजी हेल्थ एब्सोल्यूट लेने वाले ग्राहकों को टेली काउंसलिंग, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर वेबीनार, वेल्नेस सेंटर, फिटनेस सेंटर, स्पोर्ट्स और डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए वाउचर जैसी वैल्यू एडिड सर्विसेज भी मिलेंगी.
LGBT समुदाय को होगा बड़ा फायदा
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोट के अनुसार, फ्यूचर जनरली इंडिया इंश्योरेंस के मैनेजिंग डायरेक्ट और सीईओ ने कहा कि कंपनी ने LGBT कम्यूनिटी और लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे लोगों को ध्यान में रखते हुए इस नए उत्पाद के लिए परिवार की परिभाषा का दायरा बढ़ाकर इनको भी इसमें शामिल किया है, ताकि इस समुदाय के लोगों को भी बेहतर हेल्थ इंश्योरेंस कवर मिल सके.
जेंडर चेंज का खर्च नहीं होगा कवर
जननांग पुनर्निर्माण या लिंग परिवर्तन जैसी सर्जरी इस प्लान में कवर नहीं होगी. कंपनी के एक प्रतिनिधि ने बताया कि फिलहाल लिंग परिवर्तन से संबंधित ट्रीटमेंट इस पॉलिसी में कवर नहीं होगा. इस प्रोडक्ट को लॉन्च करने का मकसद LGBTQ समुदाय के सदस्यों और लिव इन में रह रहे लोगों को परिवार की परिभाषा में शामिल करना है.
स्वागत-योग्य पहल
LGBTQIA+ समुदाय के सदस्यों ने कंपनी की इस पहल का स्वागत किया है. LGBTQIA+ समुदाय की सदस्य रिया शर्मा का कहना है कि परिवार की परिभाषा का विस्तार मील का पत्थर साबित होगा. का कहना है कि LGBTQIA+ समुदाय के सदस्यों की समाज में स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है.







