सतीश मुखिया
मथुरा: भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में शुक्रवार 30 मई 2025 को ईको फ्रेंडली बर्ड एंड नेचर प्रोटेक्शन कैंपेन के द्वारा हीरा कुंज रेजिडेंसी होटल डैंपियर नगर मथुरा में एक दिवसीय प्रोजेक्ट बेस पर्यावरण संरक्षण की राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन कर परिषदीय स्कूलों में पर्यावरण के प्रति उत्कृष्ट कार्य करने वाले 124 शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं को उनकी पीपीटी प्रस्तुति के आधार पर हरित शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में आए जिला विद्यालय निरीक्षक मथुरा श्री रवींद्र सिंह, PES व शुभम विश्वविद्यालय भोपाल के कुलसचिव, डा. कुलदीप सारस्वत, प्रेम महाविद्यालय वृन्दावन के प्राचार्य डॉ देव प्रकाश शर्मा व कार्यक्रम के आयोजक व संचालक डॉ. अखिलेश यादव ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर तथा दीप प्रज्वलन के साथ किया।
जिला विद्यालय निरीक्षक, मथुरा श्री रवीन्द्र सिंह ने इको फ्रेंडली बर्ड एंड नेचर प्रोटेक्शन कैंपेन के कार्यों की प्रशंसा करते हुए समाज के सभी शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं का आह्वान करते हुए कहा है कि सभी को ईमानदारी एवं कर्त्तव्यपरायणता से अध्यापन कार्य करने के साथ प्रकृति और पर्यावरण को बचाने के लिए भी सभी को सामाजिक रूप से कार्य करना चाहिए।
शुभम् विश्विद्यालय भोपाल के कुलसचिव श्री कुलदीप सारस्वत ने प्रदेश भर से आए सभी शिक्षकों को अपने व्यक्तिगत अनुभवों का साझा करते हुए – मैं , तुम की भावना से ऊपर उठते हुए हम की भावना से कार्य करने को प्रेरित किया।
प्रेम महाविद्यालय इंटर कॉलेज वृन्दावन के प्रधानाचार्य डॉ देव प्रकाश ने उत्तर प्रदेश के 75 जिलों से आए शिक्षकों/ शिक्षिकाओं द्वारा प्रस्तुत की गई पीपीटी को देखकर सभी का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बिना किसी सरकारी सहयोग के उनके द्वारा अपने अपने प्राथमिक विद्यालयों में प्रकृति और पर्यावरण को बचाने के लिए किए जा रहे कार्य वंदनीय एवं अभिनंदनीय हैं।
डॉ देव प्रकाश ने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण को बचाए जाने के लिए इस प्रकार के कार्य माध्यमिक विद्यालयों में भी स्वप्रेरणा से किए जाने की महती आवश्यकता है।
डॉ देव प्रकाश ने आयोजक प्रधानाचार्य डॉ अखिलेश यादव (मथुरा ), श्री हरिओम सिंह ( उन्नाव ) सहित उनकी संपूर्ण टीम को बधाई दी कि बिना किसी सरकारी अनुदान के प्रत्येक वर्ष इस प्रकार का उत्साहवर्धन एवं सम्मान का जो दिव्य एवं भव्य आयोजन व्यक्तिगत वेतन के रुपए खर्च कर किया जा रहा है वह अत्यंत प्रशंसनीय एवं प्रेरणादाई है।
इस कार्यशाला में प्रदेश भर से आए हुए प्रतिभागियों ने अपने अपने स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, पक्षी संरक्षण, रिसाइक्लिंग, संवर्धन और हरित शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय योगदान का प्रस्तुतीकरण मंच से पी पी टी के माध्यम से दिया। इस कार्यक्रम में वृंदावन के रास मंडली के कलाकारों ने मयूर नृत्य, होली आदि की प्रस्तुति देकर उपस्थित सभी शिक्षकों / शिक्षिकाओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रोजेक्ट बेस पर आधारित कार्यशाला में प्रस्तुतीकरण के आधार पर उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों से आए शिक्षकों / शिक्षिकाओं के द्वारा किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए 124 प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि ने अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
इस कार्यक्रम के आयोजक अखिलेश यादव ने बताया कि कार्यशाला कराने का मुख्य उद्देश्य यह है कि शिक्षक / शिक्षिकाएं अपने अपने स्कूलों और समाज के बीच पर्यावरण को लेकर किए जा रहे बेहतरीन / उत्कृष्ट कार्यों को राज्य के अन्य शिक्षक / शिक्षिकाओं से आपस में एक दूसरे के विचारों से अवगत हो सके और अपने स्कूल व गांव में लोगों को इस कार्य के प्रति जागरूक कर पर्यावरण संरक्षण के लिए बढ़ावा दे सके।
डॉ अखिलेश यादव ने जल संरक्षण पर एक विस्तृत जानकारी पीपीटी के द्वारा प्रदान की।
इको फ्रेंडली बर्ड एंड प्रोटेक्शन कैंपेन के संचालक हरिओम सिंह ( उन्नाव ) ने बताया कि उनके द्वारा कई सालों ने इस दिशा में राज्य स्तर पर कुशल और बेहतर शिक्षकों / शिक्षिकाओं को जोड़कर कार्य किया जा रहा है जिससे पर्यावरण व पक्षी संरक्षण के प्रति आई हुई उदासीनता को पुनः जागरूक कर मानव जीवन के हित के लिए कार्य कर इसे बचाया जा सके। इस कार्यक्रम का संचालन एसआरजी ओमप्रकाश सिंह ने किया।
इस अवसर पर आकाशवाणी केंद्र मथुरा के सत्यव्रत सिंह व ओ पी सिंह और इको फ्रेंडली बर्ड एंड नेचर प्रोटेक्शन टीम के सदस्य, श्री बृजेश कुमार ( प्रधानाचार्य जोनाई ), श्री बीरेंद्र कुमार, श्री विवेक श्रीवास्तव, श्री पुष्पराज सिंह, श्रीमती गुरु प्यारी सतरंगी, श्री मनमोहन सिंह, श्री दीपनारायण मिश्र, श्री भास्कर मिश्र, श्री अरुण कुमार, श्रीमती डॉ अनीता मुद्गल सहित काफी लोग उपस्थित रहे।







