गोपेश्वर। श्री बदरीनाथ धाम में संचालित मास्टर प्लान के कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गए हैं। यहां धाम में यातायात, तीर्थयात्रियों की पैदल आवाजाही, पथ प्रकाश, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुव्यवस्थित करने, नदी तटों की सुरक्षा, साथ ही धाम की सुरक्षा, पार्किंग सहित सभी यात्री सुविधाओं, सीवर निस्तारण के विकास के लिए 440 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। जिससे अब योजना के अनुसार बदरीनाथ धाम का दिव्य और भव्य स्वरुप आकार लेने लगा है।
धाम के मास्टर प्लान का निर्माण कार्य करवा रही पीआईयू (लोनिवि) के अधिकारियों के अनुसार बदरीनाथ धाम में सभी कार्यों को जल्द पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
440 करोड़ से मास्टर प्लान के निर्माण कार्य
बदरीनाथ धाम को तीर्थयात्रियों की आवश्यकता के अनुरुप और यात्री सुविधाओं से लैस करने की मंशा से यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 440 करोड़ से मास्टर प्लान के निर्माण कार्य करवाए जा रहे हैं।
धाम को व्यवस्थित और यात्री सुविधाओं के विकास के लिए यहां निर्माण कार्यों को फेज वन और टू दो भागों में किया जा रहा है। जिनमें से वर्तमान तक फेज वन के तहत वन-वे लूप रोड, बीआरओ बाईपास रोड, सिविक एमेनिटी बिल्डिंग, शेषनेत्र लेक, बद्रीश लेक, आईएसबीटी भवन, टूरिस्ट मैनेजमेंट सेंटर बिल्डिंग एवं एराइवल प्लाजा के निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। जबकि हॉस्पिटल एक्सटेंशन बिल्डिंग का कार्य अंतिम चरण में है।
मास्टर प्लान के तहत फेज वन में अलकनंदा नदी तटों पर सुरक्षा के लिए किए जा रहे रिवरफ्रंट के कार्य युद्ध स्तर पर गतिमान है। जिसमें रिवरफ्रंट-जी में फिनिशिंग का कार्य किया जा रहा है। रिवरफ्रंट-एफ का कार्य 75 फीसदी पूर्ण हो चुका है। जबकि रिवरफ्रंट-ए का कार्य भी गतिमान है।
रिवरफ्रंट के अंतर्गत 60 मीटर स्पान के स्टील ट्रस सेतुओं का निर्माण किया जा रहा है। बदरीनाथ मास्टर प्लान के फेज टू के तहत यहां एडमिन बिल्डिंग एवं इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही रिवरफ्रंट-एफ1, रिवरफ्रंट-जी1 एवं पैदल सेतु का निर्माण भी किया जा रहा है। जबकि धाम में तीर्थ पुरोहित आवासों का भी निर्माण तेजी से किया जा रहा है।
योजना के तहत यहां 11 तीर्थ पुरोहित आवास ब्लॉकों का निर्माण जानाह है। जबकि वर्तमान तक 4 ब्लॉक का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। परियोजना अधिकारियों के अनुसार अन्य ब्लाक का निर्माण कार्य जुलाई माह से पूर्व पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं नई स्वीकृति के अंतर्गत दो नये तीर्थ पुरोहित आवास ब्लॉकों का निर्माण भी शीघ्र प्रारंभ किया जायेगा।







