नई दिल्ली। सरकार ने यमुना में क्रूज से सफर कराने की तैयारी तेज कर दी है। दिल्ली में क्रूज तैयार करने के लिए उसके पार्ट पहुंच गए है, उसके एसेंबलिंग का काम भी शुरू हो गया है। यही नहीं सरकार ने क्रूज कहा से चलेगा, उसका पिंक एंड ड्राप प्वाइंट क्या होगा। उसमें क्या सुविधाएं होगी, कितने लोग उसमें एक बार में सफर कर पाएंगे यह पूरा एक्शन प्लान तैयार है। सरकार के अनुसार अगर सबकुछ ठीक रहा तो दिसंबर में दो क्रूज के साथ यमुना में इसका ऑपरेशन शुरू कर दिया जाएगा।
पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा के मुताबिक यमुना में क्रूज चलाने को लेकर सरकार पूरी तरह से गंभीर है। क्रूज चलाने को लेकर उसके एसेंबलिंग का काम शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में हम पांच किलोमीटर के रूट फाइनल किया है जो कि सोनिया विहार से जगतपुरगांवके बीच चलाया जाएगा। इसके सफल ऑपरेशन के बाद इसमें रूट बढ़ाने के साथ उससका दायरा भी बढ़ाया जाएगा।
सोनिया विहार होगा पिंक एंड ड्राप प्वाइंट
क्रूज ऑपरेशन के लिए फिलहाल सोनिया विहार से जगतपुर के बीच चलाया जाएगा। मगर जगतपुर पर कोई ड्राप प्वाइंट नहीं होगा। यात्री सोनिया विहार से क्रूज में सवार होंगे, फिर पांच किलोमीट के इस सफर को पूरा करके दोबारा सोनिया विहार पर ही उन्हें उतारा जाएगा। इस दौरान कुल 10 किलोमीटर का सफर करीब 90 मिनट में पूरा किया जाएगा। 100 से अधिक यात्री एक बार में सवार हो पाएंगे। किराया कितना होगा अभी यह तय नहीं है।
खाने-पीने से लेकर म्यूजिक तक का होगा इंतजाम
क्रूज में सिर्फ के दौरान लोग खाने-पीने का भी आनंद उठा पाएंगे। क्रूज के अंदर भी रेस्टोरेंट, कैफेटेरिया खोलने की सुविधा के साथ लाइव म्यूजिक के इंतजाम की भी व्यवस्था रहेगी। यही नहीं जो पिंक एंड ड्राप प्वाइंट वाली जगह पर भी लोगों के मनोरंजन का इंतजाम रहेगा। सरकार यमुना के किनारे लोगों को जोड़ने के लिए उसे पर्यटन का केंद्र भी बनाना चाहती है। इसलिए घाटों को विकसित करने के साथ पब्लिक कनेक्ट बढ़ाना चाहती है। क्रूज में बायो टायलेट भी होगा।
मानसून में नहीं चलेगा क्रूज
अधिकारियों के मुताबिक क्रूज का परिचालन सर्दियों व गर्मी में तो होगा, लेकिन मानसून के दौरान उसके ऑपरेशन नहीं किया जाएगा। कारण मानसून में यमुना में पानी ज्यादा होता है यह दूसरे राज्यों से छोड़े जाने वाले पानी के कारण होता है। दूसरा यमुना में गाद का ज्यादा होना भी एक समस्या है। क्योंकि मानसून में बारिश के पानी के साथ बड़ी मात्रा में गाद भी आता है। जिससे क्रूज के ऑपरेशन में दिक्कतें आती है।







