नई दिल्ली। जीवन में सुख-दुख आते जाते रहते हैं। समय के साथ परेशानियां आती हैं और वक्त के साथ दूर भी हो जाते हैं। लेकिन अगर घर में लगातार तनाव, आर्थिक परेशानी, बीमारियां या आपसी विवाद बढ़ रहे हैं, तो यह केवल संयोग नहीं भी हो सकता। वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसी स्थितियां नकारात्मक ऊर्जा या बुरी नजर का संकेत हो सकती हैं। समय रहते कुछ सरल उपाय अपनाकर घर के वातावरण को संतुलित और सकारात्मक बनाया जा सकता है। यहां जानिए इन आसान, लेकिन असरदार उपायों के बारे में।
मुख्य द्वार पर बनाएं शुभ प्रतीक
वास्तु के मुताबिक घर का मुख्य दरवाजा ऊर्जा का प्रमुख स्रोत होता है। ऐसे में इसे सकारात्मक बनाए रखना जरूरी है। दरवाजे पर सिंदूर से स्वस्तिक, ॐ या अन्य शुभ चिन्ह बनाने से नकारात्मक शक्तियां घर में प्रवेश नहीं कर पातीं। यह उपाय सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
नींबू और हरी मिर्च का उपाय
मंगलवार या शनिवार को मुख्य द्वार पर एक नींबू और सात हरी मिर्च लटकाना पारंपरिक उपाय माना जाता है। मान्यता है कि यह नकारात्मक ऊर्जा को अपने भीतर समाहित कर लेता है। इसकी तीखी गंध वातावरण को स्वच्छ रखने में भी मदद करती है। बेहतर परिणाम के लिए इसे हर सप्ताह बदलना चाहिए।
काले धागे का प्रयोग
मुख्य दरवाजे की कुंडी या दहलीज पर काला धागा बांधना भी नजर दोष से बचाव का एक आसान तरीका है। वास्तु में काले रंग को नकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित करने वाला माना गया है, जिससे घर का वातावरण संतुलित बना रहता है।
मोर पंख का महत्व
लिविंग रूम या प्रवेश द्वार के पास तीन मोर पंख रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। इसे बुरी नजर से सुरक्षा का प्रतीक भी माना जाता है।
नमक-फिटकरी से शुद्धिकरण
सप्ताह में दो बार पोंछे के पानी में सेंधा नमक मिलाकर सफाई करना लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा बाथरूम में कांच की कटोरी में फिटकरी रखने से भी नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और घर का माहौल शांत बना रहता है।







