नई दिल्ली : दिल्ली नगर निगम चुनावों में भी भाजपा को बागियों की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले भाजपा के कई स्थानीय नेता सोमवार को यहां आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। रोहिणी के वार्ड नंबर 53 से बीजेपी के 11 नेता आप में शामिल हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में उनकी मेहनत को कभी मान्यता नहीं मिली। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने कहा कि ये नेता पिछले 15 वर्षों से कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन जब भी उन्होंने क्षेत्र में कचरा प्रबंधन से संबंधित कोई मुद्दा उठाया, अधिकारियों ने उनकी उपेक्षा की।
आम आदमी पार्टी में शामिल होने वाले भाजपा नेताओं में पूर्व वार्ड उपाध्यक्ष पूजा अरोड़ा और महिला मोर्चा की पूर्व उपाध्यक्ष चित्रा लांबा और भावना जैन शामिल हैं। दुर्गेश पाठक ने कहा, ‘इन नेताओं की टीम रोहिणी इलाके में लगातार काम कर रही है। मुझे खुशी है कि उन्होंने आम आदमी पार्टी में शामिल होने का फैसला किया। हर कार्यकर्ता चाहता है कि उसे टिकट मिले। पार्टी का हर सदस्य चाहता है कि वह राज्य के विकास के लिए काम करे लेकिन दुर्भाग्य से हम उनमें से 250 को ही मौका दे पाते हैं।
उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले रविवार को आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद हसीब-उल-हसन ने एमसीडी चुनाव के लिए टिकट नहीं दिए जाने पर बवाल काट दिया था। हसीब-उल-हसन कथित तौर पर नाराज होकर पूर्वी दिल्ली में एक बिजली के टावर पर चढ़ गए थे। साथ ही पार्टी नेताओं आतिशी, दुर्गेश पाठक और संजय सिंह का नाम लेते हुए आरोप लगाया था कि वरिष्ठ नेताओं ने उनको चुनाव में उतारने के बहाने उनके मूल दस्तावेज ले लिए और उन्हें लौटाने से इनकार कर दिया।
हसीब-उल-हसन ने पार्टी नेताओं पर दो से तीन करोड़ रुपये में टिकट बेचने का आरोप भी लगाया था। हसन ने गांधीनगर में एक टावर के ऊपर से सोशल मीडिया पर एक लाइव वीडियो जारी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आप नेताओं ने मुझे टिकट देने के बहाने बैंक पासबुक सहित मूल दस्तावेज ले लिए और वापस नहीं कर रहे हैं। कल पर्चा दाखिल करने का आखिरी दिन है। अगर मुझे कुछ होता है तो दुर्गेश पाठक और आतिशी इसके जिम्मेदार होंगे। जाहिर है एमसीडी चुनावों में भाजपा ही नहीं आप को भी बगावत का सामना करना पड़ रहा है।







