Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

7 वर्षों के अंदर दोगुना हुआ UP का बजट : सीएम योगी

2017 में पहला बजट भी प्रभु श्रीराम को साक्षी मानकर प्रस्तुत किया और आठवां बजट भी सीएम योगी ने भगवान राम के श्री चरणों में समर्पित

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
February 11, 2024
in राज्य, विशेष
A A
cm yogi
16
SHARES
523
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

मुरार सिंह कण्डारी


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को विधानसभा में बजट 2024-25 पर चर्चा में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में जहां एक ओर प्रदेश सरकार के सबसे बड़े बजट की बड़ी बातों का प्रमुखता से उल्लेख किया तो वहीं रहीम और तुलसीदास जी के दोहों के माध्यम से नेता विरोधी दल पर तमाम करारे प्रहार किए और 2016-17 के मुकाबले 2024-25 के बजट की तुलना भी की। जय श्री राम के नारों के बीच नेता सदन ने चौधरी चरण सिंह समेत देश की तमाम विभूतियों को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने पर हर्ष भी जताया और बजट चर्चा में हिस्सा लेने वाले सभी 93 सदस्यों का अभिवादन भी किया।

इन्हें भी पढ़े

swami vivekananda

स्वामी विवेकानंद के विचार जो दिखाते हैं सफलता की राह, आज भी करते हैं युवाओं को प्रेरित

January 12, 2026

दिल्ली में 14 जनवरी को होगा राष्ट्रीय उत्तरायणी महोत्सव का भव्य आयोजन

January 12, 2026

उत्तराखण्ड सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने पर विचार गोष्ठी का हुआ आयोजन

January 12, 2026
Grand Hindu conferences

हिन्दू समाज की एकता, संस्कृति और आत्मगौरव के लिए नोएडा में भव्य हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन

January 12, 2026
Load More

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश का जो बेहतर माहौल बना है उसी का परिणाम है कि 19 फरवरी को हम प्रदेश में 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश का कार्यक्रम ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से करने जा रहे हैं। यह दिखाता है कि पोटेंशियल उत्तर प्रदेश में था,यहां का युवा उस प्रतिभा से लैस था, उसकी आकांक्षा भी थी, लेकिन कुछ करने की जिजीविषा प्रदेश की लीडरशिप में नहीं थी, सोच नहीं थी, विजन नहीं था, कर्महीनता की स्थिति थी, नीतिगत जड़ता थी। आज हम उत्तर प्रदेश को रेवेन्यू सर प्लस स्टेट बनाने में सफल रहे हैं।

नेता विरोधी दल पर किए करारे प्रहार
सीएम योगी ने नेता विरोधी दल अखिलेश यादव पर एक के बाद एक करारे प्रहार किए। इसके लिए उन्होंने रहीम और तुलसीदास जी के दोहों का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि जब ये सत्ता में थे, तब इनकी अपनी प्राथमिकताएं थीं और उन्हीं को लेकर तुलसी दास जी ने कहा है, ‘सकल पदारथ ऐही जग माहीं, करमहीन नर पावत नाहीं…इन्हीं के लिए कहा है, इसी कर्महीनता और अकर्मण्यता के लिए कहा है। इनकी प्राथमिकता विकास नहीं था, किसान नहीं था, युवा नहीं था, महिलाएं नहीं थी, गरीब नहीं था। इससे पूर्व सीएम योगी ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि लगा था कि बजट भाषण में जब किसानों की बात आएगी तो नेता विरोधी दल अवश्य चौधरी साहब का स्मरण करेंगे,लेकिन ‘बिगरी बात बने नहीं, लाख करो किन कोय, रहिमन फाटे दूध को, मथे न माखन होय।’ ये स्थिति आज उनकी हो चुकी है। कोई साथ में आने को तैयार ही नहीं है। सबको मालूम है कि पता नहीं कहां किसको धोखा दे दें।

इसके बाद सीएम योगी ने तुलसीदास के दोहे का जिक्र करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम भरत जी से कहते हैं कि ‘बरसत हरषत लोग सब करषत लखै न कोई, तुलसी प्रजा सुभाग ते भूप भानु सो होई।’ इन पंक्तियों का अर्थ समझाते हुए उन्होंने बताया कि जैसे सूर्य, समुद्र, नदी, तालाब से पानी लेता है, लेकिन किसी को पता नहीं चलता परंतु जब वह बादल के रूप में बरसते हैं तो सबको पता चलता है। यही स्थिति इस लोककल्याणकारी और लोकमंगल बजट की भी है। यह बजट बिना भेदभाव के सभी 75 जनपदों को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। आज उत्तर प्रदेश बीमारू नहीं, रेवेन्यू सर प्लस स्टेट है। यह 7 वर्ष में बिना कोई टैक्स लगाए हुए हुआ है। मंडी शुल्क को आधा किया गया है। प्रदेश में डीजल पेट्रोल की दर देश में सबसे कम है। इसके पीछे रामराज्य की ही अवधारणा है। नेता विरोधी दल को इन सारी चीजों से चिढ़ थी।

बजट में रामराज्य की अवधारणा को साकार करने का पूरा प्रयास
सीएम योगी ने कहा कि 2017 में जब हमने अपना पहला बजट सदन में प्रस्तुत किया था, उस समय भी हमने कहा था कि हम यह बजट मर्यादा पुरुषोत्म प्रभु श्रीराम को साक्षी मानकर प्रस्तुत कर रहे हैं। ये हमारा सौभाग्य है कि हमारी सरकार ने जब अपना आठवां बजट प्रस्तुत किया है तो अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य और दिव्य मंदिर बनकर के प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम भी बड़ी धूमधान के साथ संपन्न हो चुका है। इसलिए यह बजट भी श्रीराम के श्री चरणों में समर्पित है, क्योंकि प्रभु श्रीराम लोकमंगल का प्रतीक हैं इसलिए ये बजट भी लोकमंगल का है। अमृतकाल के इस पहले बजट में रामराज्य की अवधारणाओं को साकार करने का पूरा प्रयास हुआ है। देश की सबसे बड़ी आजादी के राज्य के आर्थिक विकास को तीव्र करने की दृष्टि से, एक सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशी और लोकमंगल के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को समृद्धि की एक नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए एक बेहतर रोडमैप के साथ इस बजट को प्रस्तुत किया गया है।

बजट में अंत्योदय से एक विकसित अर्थव्यवस्था तक, इंफ्रास्ट्रक्चर से ईज आफ लिविंग तक, ईज आफ डूइंग बिजनेस से इनवेस्टमेंट के ड्रीम डेस्टिनेशन तक, कृषि और किसान से लेकर के गरीब कल्याण तक, आस्था से लेकर अर्थव्यवस्था तक, शिक्षा और स्वास्थ्य से स्वावलंबन की ओर, संस्कृति से समृद्धि की ओर और महिला सशक्तिकरण के संकल्प को समावेशित करते हुए विकसित उत्तर प्रदेश को प्रस्तुत करने के लिए एक बेहतर रोडमैप के साथ इस बजट को प्रस्तुत किया गया है। हो सकता है कि नेता विरोधी दल को बजट के आकार को लेकर आपत्ति हो, क्योंकि पहली बार उत्तर प्रदेश का बजट 7.36 लाख रुपए का है। यह ऐतिहासिक वर्ष का ऐतिहासिक बजट भी है।

जीएसडीपी को दोगुना करने में सफल रही सरकार
सीएम योगी ने कहा कि अगर हम लोग 2012-13 की तुलना में देखेंगे तो यह तीन गुना से अधिक है और 2016-17 की तुलना में दुगुना बजट है। गत वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत वृद्धि के साथ इसे प्रस्तुत किया गया है। बजट में इसका जो आकार बड़ा है वो केवल व्यय की दृष्टि से नहीं है, वह 25 करोड़ जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप लोककल्याण के लिए, अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के विकास के लिए, इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए, शिक्षा, स्वास्थ्य और टेक्नोलॉजी को कैसे हम मजबूती दे सकें इस दृष्टि से आमजन के जीवनस्तर को उठाने के लिए और उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय को नेशनल एवरेज तक ले जाने के एक संकल्प के साथ यह बजट प्रस्तुत किया है। उत्तर प्रदेश की जीडीपी की बात यहां हो रही थी।

अगर 16-17 की तुलना में देखेंगे तो पिछले 7 वषों के दौरान, 3 वर्ष कोरोना जैसी महामारी का सामना करने के बावजूद हमारी सरकार जीएसडीपी को दुगुना करने में सफल रही है। हम सब जानते हैं कि 2017 तक उत्तर प्रदेश की कुल जीडीपी 12 और 13 लाख करोड़ के बीच में थी। यानी 70 वर्ष लगे जितना उत्तर प्रदेश की इकॉनमी को पहुंचने में, मात्र 7 वर्ष में उससे दोगुना करने में सफलता प्राप्त की। उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय को दुगुना करने में सफलता प्राप्त की। आज जब हम 2024-25 के बजट में चर्चा कर रहे हैं तब उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था दूसरे नंबर पर पहुंच चुकी है। देश की जीडीपी में हमारा शेयर बढ़ा है। आज उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था में 9.2 फीसदी का योगदान कर रहा है और हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम अगले वर्ष इसे 10 प्रतिशत तक बढ़ाएं और 5 वर्ष में कम से कम अपनी आबादी के बराबर तो योगदान कर सकें।

7 वर्ष में नहीं बढ़ाया कोई टैक्स, मंडी शुल्क को भी किया आधा
सीएम योगी ने कहा कि हमने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से भी उबारा है। नेता विरोधी दल को इन सारी चीजों से चिढ़ थी। आज ये बीमारू नहीं, रेवेन्यू सर प्लस स्टेट है। यह 7 वर्ष में बिना कोई टैक्स लगाए हुए हुआ है। मंडी शुल्क को आधा किया गया है। प्रदेश में डीजल पेट्रोल की दर देश में सबसे कम है। इसके पीछे रामराज्य की ही अवधारणा है। यह बजट बिना भेदभाव के सभी 75 जनपदों को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। यह हम करने में इसलिए सफल हुए क्योंकि हम कर चोरी को नियंत्रित करने में सफल रहे, राजस्व की लीकेज को रोका और प्रदेश के सीडी रेशियो को हमने कम किया। 2017 के पहले अगर प्रदेश में 100 रुपया जमा होता तो मात्र 44 रुपया ही व्यापारी,उद्यमी और युवकों को अपने रोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए मिल पाता था। 7 वर्ष में जो प्रयास प्रारंभ हुए, हम उसको 57-58 फीसदी तक ले जाने में सफल हुए हैं। यह एक बेहतर अर्थव्यवस्था की ओर ध्यान आकर्षित करता है। डिजिटल लेन-देन में प्रदेश के अंदर एक बेहतर प्रतिस्पद्धा को जन्म दिया है और पिछले 5 वर्ष में इसकी रफ्तार को दुगुना करने में सफल हुए हैं। डिजिटल लेन-देन में प्रदेश आज नंबर वन है। इस साल यह संख्या बढ़कर 1174 करोड़ 32 लाख हो गई है। यानी आधे से अधिक लेनदेन यूपीआई के माध्यम से हो रहा है।

सीएम योगी के संबोधन की प्रमुख बातें

-उन्होंने प्रदेश में बढ़ती बैंकिंग सेवाओं को लेकर कहा कि डिजिटल बैंकिंग की आसान पहुंच आज गांवों में इंटरनेट और वित्तीय जागरूकता के माध्यम से माहौल बना चुकी है। डीबीटी के माध्यम से आज 11 विभागों के द्वारा 62 करोड़ से अधिक ट्रांजैक्शन से 70 हजार करोड़ रुपए प्रदेश की गरीब जनता तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त हुई है।

-बैंकिंग सेवा प्रदेश की अर्थव्यवस्था की बैक बोन होती है। निवेश के लिए ऋण और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए स्पीड का काम करती है। इस दृष्टि से उत्तर प्रदेश आज अग्रणी राज्य बन चुका है। प्रदेश में बैंकिंग व्यवसाय जो 2017 में 12 से 13 लाख करोड़ के आसपास था, आज लगभग 26 लाख करोड़ हो चुका है।

-प्रदेश में 19705 बैंक की शाखाएं हैं, लेकिन 2 लाख 28 हजार से ज्यादा बैंकिंग करेस्पांडेंट सखी प्रदेश के अंदर गांव और कस्बे में बेहतर सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। यही नहीं आरबीआई के बुलेटिन भी इस बात को प्रदर्शित करते हैं कि बैंक और वित्तीय संस्थाओं से प्रोजेक्ट फाइनेंशिंग के लिए फंड आकर्षित करने में 16 फीसदी से अधिक इनवेस्टमेंट की हिस्सेदारी है वह उत्तर प्रदेश से है जो देश के अंदर शीर्ष स्थान पर है। ये नए उत्तर प्रदेश की स्थिति है।

-प्रधानमंत्री जनधन योजना में उत्तर प्रदेश 9 करोड़ खातों के साथ नंबर एक पर है। इनमें से आधे खाते महिलाओं के हैं। पीएम स्वनिधि योजना में 17 लाख से अधिक रेहड़ी पटरी व्यवसायी लाभान्वित हो रहे हैं, जो देश में नंबर एक पर है।

-प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 5 करोड़ 55 लाख लाभार्थियों के साथ उत्तर प्रदेश नंबर एक पर है। आईटीआर फाइल करने में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। जून 2014 में 1.65 लाख आयकर रिटर्न उत्तर प्रदेश में फाइल होते थे जो जून 2023 में बढ़कर लगभग 12 लाख हुए हैं। यह दिखाता है प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है।

-प्रदेश को 2022-23 की तुलना में राष्ट्रीय फलक पर देखेंगे तो राष्टीय आर्थिक विकास की दर 7.2 रही, जबकि प्रदेश की 14.3 प्रतिशत की विकास दर रही है। प्रदेश के अंदर बेरोजगारी दर 2017 से पहले 19 फीसदी से अधिक थी जो आज 2.4 प्रतिशत है। यह दिखाता है कि यहां रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
CM Dhami

मुख्यमंत्री ने दिए ड्रग्स फ्री उत्तराखंड के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश

August 26, 2025
gujarat election

गुजरात को ऐसे जीतना क्या जीतना?

November 29, 2022
बैलगाड़ियों पर गन्ने को ढोकर ले जाते मजदूर

भारत की दीर्घकालिक जलवायु रणनीति के लिए अधिक समग्र दृष्टिकोण की जरूरत

February 8, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • SC/ST आरक्षण में भी लागू हो क्रीमी लेयर, PIL में कैसी-कैसी दलील
  • WPL में 3 दिन बिना दर्शकों के खेला जाएगा मैच? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
  • CPEC पर बीजिंग का भारत को सीधा जवाब, कश्मीर पर पुराना रुख बरकरार

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.