प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली: पंजाब, गुजरात, केरल, और पश्चिम बंगाल में हुए पांच विधानसभा उपचुनावों के नतीजे सामने आ चुके हैं। इन उपचुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब की लुधियाना वेस्ट और गुजरात की विसावदर सीट पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस ने केरल की नीलांबुर सीट जीती। भाजपा (BJP) ने गुजरात की कड़ी सीट बरकरार रखी, और तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पश्चिम बंगाल की कालीगंज सीट पर कब्जा जमाया।
लुधियाना वेस्ट (पंजाब) AAP की जीत
आम आदमी पार्टी से विजेता संजीव अरोड़ा (AAP) जीत का अंतर 10,637 वोट। प्रमुख प्रतिद्वंद्वी भारत भूषण आशु (कांग्रेस)। संजीव अरोड़ा को 35,179 वोट, भारत भूषण आशु को 24,542 वोट, वोटर टर्नआउट 51.33%।
यह उपचुनाव AAP विधायक गुरप्रीत बसी गोगी की जनवरी 2025 में मृत्यु के कारण हुआ। AAP ने अपने राज्यसभा सांसद और स्थानीय उद्योगपति संजीव अरोड़ा को मैदान में उतारा, जो अपनी सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते हैं। कांग्रेस ने पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु को उतारा, जिन्होंने इस सीट को 2012 और 2017 में जीता था। BJP के जीवन गुप्ता तीसरे स्थान पर रहे, जिन्हें 13,906 वोट मिले, जबकि शिरोमणि अकाली दल (SAD) के परुपकर सिंह घुम्मन चौथे स्थान पर रहे।
केजरीवाल बोले “काम की राजनीति”
AAP की जीत को पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर माना जा रहा है। AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे “काम की राजनीति” की जीत बताया। इस जीत ने केजरीवाल के लिए राज्यसभा सीट की संभावना खोली, क्योंकि संजीव अरोड़ा अब विधायक बन गए हैं, जिससे उनकी राज्यसभा सीट खाली हो सकती है। कांग्रेस की हार शहरी क्षेत्रों में उसकी कमजोर पकड़ को दर्शाती है, जिसे उसने छह बार जीता था। कम वोटर टर्नआउट (51.33%) ने सभी दलों के लिए चुनौती पेश की, लेकिन AAP ने अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाई।
गुजरात की विसावदर और पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीटों पर आम आदमी पार्टी की शानदार जीत पर आप सबको बहुत बहुत बधाई। गुजरात और पंजाब के लोगों को बहुत बधाई और बहुत बहुत शुक्रिया। दोनों जगह पिछले चुनाव के मुक़ाबले लगभग दोगुने मार्जिन से जीत हुई है।
ये दिखाता है कि पंजाब के लोग हमारी…
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 23, 2025
किसने क्या कहा
संजीव अरोड़ा ने जीत के बाद कहा, “लुधियाना की जनता का आभार। मैं पार्टी कार्यकर्ताओं, CM भगवंत मान, और अरविंद केजरीवाल का शुक्रिया अदा करता हूं।”
ਮੈਂ ਲੁਧਿਆਣਾ ਪੱਛਮੀ ਦੇ ਸਮੂਹ ਨਿਵਾਸੀਆਂ ਦਾ ਤਹਿ ਦਿਲ ਤੋਂ ਧੰਨਵਾਦ ਕਰਦਾ ਹਾਂ। ਮੇਰਾ ਤੁਹਾਡੇ ਨਾਲ ਵਾਅਦਾ ਹੈ ਕਿ ਜਿਹੜਾ ਭਰੋਸਾ ਤੁਸੀਂ ਮੇਰੇ ‘ਤੇ ਕੀਤਾ ਹੈ, ਮੈਂ ਉਸ ‘ਤੇ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਖ਼ਰਾ ਉਤਰਾਂਗਾ।
ਇਸ ਮੌਕੇ ਮੈਂ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਕੌਮੀ ਕਨਵੀਨਰ ਸ਼੍ਰੀ ਅਰਵਿੰਦ ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਜੀ ਅਤੇ ਮਾਣਯੋਗ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸ. ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਜੀ ਦਾ… pic.twitter.com/HcuwYjH1xw— Sanjeev Arora (@MP_SanjeevArora) June 23, 2025
पंजाब AAP अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा, “यह जीत केजरीवाल की नीतियों की जीत है।”
ਲੁਧਿਆਣਾ ਪੱਛਮੀ ਉਪ-ਚੋਣ ਵਿੱਚ ‘ਆਪ’ ਉਮੀਦਵਾਰ ਸ਼੍ਰੀ @MP_SanjeevArora ਜੀ ਦੀ ਜਿੱਤ ਸਾਡੇ ਕੌਮੀ ਕਨਵੀਨਰ ਸ਼੍ਰੀ @ArvindKejriwal ਜੀ ਅਤੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸ. @BhagwantMann ਜੀ ਦੀਆਂ ਲੋਕ ਪੱਖੀ ਨੀਤੀਆਂ ਦੀ ਜਿੱਤ ਹੈ। ਇੱਕ ਵਾਰ ਫਿਰ ਤੋਂ ‘ਆਪ’ ਵਿੱਚ ਭਰੋਸਾ ਪ੍ਰਗਟਾਉਣ ਲਈ ਲੁਧਿਆਣਾ ਪੱਛਮੀ ਦੇ ਵੋਟਰਾਂ ਦਾ ਤਹਿ-ਦਿਲੋਂ ਧੰਨਵਾਦ। pic.twitter.com/QvksLY7Tup
— Aman Arora (@AroraAmanSunam) June 23, 2025
विसावदर (गुजरात) AAP ने मारी बाजी !
आम आदमी पार्टी से विजेता गोपाल इटालिया (AAP)। जीत का अंतर 17,554 वोट। प्रमुख प्रतिद्वंद्वी कीर्ति पटेल (BJP)। गोपाल इटालिया को 75,942 वोट, कीर्ति पटेल को 58,388 वोट, और कांग्रेस के नितिन रणपरिया को 5,501 वोट (जमानत जब्त)। वोटर टर्नआउट 56.89%।
यह उपचुनाव तब हुआ जब AAP विधायक भूपेंद्र भयानी ने दिसंबर 2023 में इस्तीफा देकर BJP जॉइन कर ली। AAP ने अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया को उतारा, जबकि BJP ने जूनागढ़ जिला अध्यक्ष कीर्ति पटेल को मैदान में उतारा। यह सीट 2007 के बाद से BJP के लिए जीतना मुश्किल रही थी, और AAP ने इस बार इसे बरकरार रखा।
गोपाल इटालिया की जीत को गुजरात में AAP के लिए ब्रेकथ्रू माना जा रहा है, खासकर सौराष्ट्र क्षेत्र में, जो परंपरागत रूप से BJP और कांग्रेस का गढ़ रहा है। अरविंद केजरीवाल ने कहा, “गुजरात की जनता BJP से तंग आ चुकी है और AAP में उम्मीद देख रही है।”
BJP की हार गुजरात में उसकी अजेय छवि को झटका देती है, जहां वह 1998 से सत्ता में है। कांग्रेस की जमानत जब्त होना उसकी कमजोर स्थिति को उजागर करता है।
गोपाल इटालिया ने कहा, “यह जीत विसावदर की जनता की है, जिन्होंने स्वच्छ राजनीति और विकास के लिए वोट दिया। यह शुरुआत है।” AAP ने इसे 2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए “मोरल बूस्टर” बताया।
कड़ी (गुजरात) BJP ने बरकरार रखी सीट
बीजेपी से विजेता राजेंद्र चावड़ा (BJP)। जीत का अंतर 38,624 वोट। प्रमुख प्रतिद्वंद्वी रमेश चावड़ा (कांग्रेस)। राजेंद्र चावड़ा को 90,700 वोट, रमेश चावड़ा को 52,082 वोट, AAP के जगदीश चावड़ा तीसरे स्थान पर। वोटर टर्नआउट: 57.90%।
यह उपचुनाव BJP विधायक करसनभाई पंजाभाई सोलंकी की फरवरी 2025 में मृत्यु के कारण हुआ।BJP ने राजेंद्र चावड़ा को उतारा, जबकि कांग्रेस ने पूर्व विधायक रमेश चावड़ा को मैदान में उतारा। AAP के जगदीश चावड़ा भी मैदान में थे।
BJP ने अपनी संगठनात्मक ताकत और गुजरात में दबदबे का इस्तेमाल कर कड़ी सीट बरकरार रखी।यह जीत BJP के लिए राहत की बात है, क्योंकि विसावदर में हार ने उसे झटका दिया था। AAP का तीसरा स्थान दर्शाता है कि उसे गुजरात के शहरी और SC-वर्चस्व वाले क्षेत्रों में अभी आधार बनाने की जरूरत है।
नीलांबुर (केरल) कांग्रेस की शानदार जीत
विजेता आर्यदन शौकत (कांग्रेस)। जीत का अंतर: 11,077 वोट प्रमुख प्रतिद्वंद्वी LDF (विवरण उपलब्ध नहीं)। वोटर टर्नआउट: 73.26% (सबसे अधिक)।
यह उपचुनाव मौजूदा विधायक के इस्तीफे या मृत्यु के कारण हुआ (विशिष्ट कारण उपलब्ध नहीं)। कांग्रेस-led UDF ने आर्यदन शौकत को उतारा, जो इस जंगल-सीमावर्ती क्षेत्र में लोकप्रिय हैं। कांग्रेस की जीत केरल में UDF की मजबूत स्थिति को दर्शाती है, खासकर जब यह सीट उनके लिए प्रतिष्ठा का सवाल थी।उच्च वोटर टर्नआउट (73.26%) ने UDF के पक्ष में काम किया। BJP नेता पीके कृष्णदास ने इसे UDF की जीत न मानकर LDF की हार बताया, जिससे केरल में सियासी बहस छिड़ गई। यह जीत कांग्रेस के लिए 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण है।
कालीगंज (पश्चिम बंगाल) TMC की जीत
विजेता अलीफा अहमद (TMC)। जीत का अंतर: 26,494 वोट। प्रमुख प्रतिद्वंद्वी आशीष घोष (BJP)। वोटर टर्नआउट: 69.89%।
यह उपचुनाव मौजूदा विधायक के इस्तीफे या मृत्यु के कारण हुआ (विशिष्ट कारण उपलब्ध नहीं)। TMC ने अलीफा अहमद को उतारा, जबकि BJP ने आशीष घोष को मैदान में उतारा। TMC की जीत पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की मजबूत पकड़ को दर्शाती है। उच्च वोटर टर्नआउट (69.89%) ने TMC के पक्ष में काम किया, जो ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पहुंच के लिए जानी जाती है। BJP की हार उसके लिए चुनौती है, क्योंकि वह बंगाल में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
उपचुनावों का समग्र विश्लेषण
AAP ने लुधियाना वेस्ट और विसावदर में जीतकर पंजाब और गुजरात में अपनी स्थिति मजबूत की। यह 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए उनके लिए बड़ा प्रोत्साहन है। गुजरात में विसावदर हारना BJP के लिए अप्रत्याशित था, हालांकि कड़ी की जीत ने कुछ राहत दी। केरल में नीलांबुर की जीत कांग्रेस के लिए सकारात्मक है, लेकिन लुधियाना वेस्ट में हार ने उसकी शहरी पकड़ पर सवाल उठाए। कालीगंज में जीत ने TMC की क्षेत्रीय ताकत को और पुख्ता किया।
नीलांबुर में सबसे अधिक (73.26%) और लुधियाना वेस्ट में सबसे कम (51.33%) टर्नआउट रहा, जो क्षेत्रीय सियासी उत्साह को दर्शाता है।
क्या पड़ेगा सियासी प्रभाव !
अरविंद केजरीवाल ने इन जीतों को “BJP और कांग्रेस के खिलाफ जनता के गुस्से” का सबूत बताया। गुजरात में एक सीट हारने से BJP की अजेय छवि को ठेस पहुंची, लेकिन कड़ी की जीत ने नुकसान को सीमित किया। कांग्रेस केरल में जीत के बावजूद, पंजाब और गुजरात में कमजोर प्रदर्शन से राष्ट्रीय स्तर पर चुनौतियां बरकरार। उपचुनावों में ज्यादातर सीटें मौजूदा दलों ने बरकरार रखीं, जो उपचुनावों का सामान्य रुझान है, सिवाय केरल के।
उपचुनावों में AAP ने लुधियाना वेस्ट और विसावदर में शानदार जीत के साथ पंजाब और गुजरात में अपनी पकड़ मजबूत की। कांग्रेस ने नीलांबुर में UDF की ताकत दिखाई, जबकि BJP ने कड़ी में जीत को बनाए रखा। TMC ने कालीगंज में अपनी बादशाहत कायम रखी। ये नतीजे 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए सियस हैं, खासकर AAP के लिए, जो BJP और कांग्रेस के लिए चुनौती बनकर उभर रही है।







