नई दिल्ली: बीएसएफ और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के बीच महानिदेशक स्तर की बातचीत गुरुवार को ढाका में संपन्न हो गई। इस चर्चा के तहत दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच एक संयुक्त चर्चा रिकॉर्ड (Joint Record of Discussions) पर हस्ताक्षर किया गया है। इस बातचीत में दोनों देश सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने और अवैध घुसपैठ पूरी तरह से रोकने पर सहमत हुए हैं। यह चर्चा 25 अगस्त को ढाका में शुरू हुई थी, जिसमें भारत और बांग्लादेश की ओर से बड़े अधिकारी शामिल हुए।
बीएसएफ-बीजीबी डीजी ने की वार्ता की अगुवाई
भारत की ओर से प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई खुद सीमा सुरक्षा बल (BSF) के डीजी दलजीत सिंह चौधरी ने की। उन्होंने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की, जिसमें बीएसएफ के बड़े अधिकारी समेत गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग के अफसर शामिल हुए। वहीं बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई बीजीबी के डीजी मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमान सिद्दीकी ने की, जिसमें 21 सदस्य शामिल थे।
सीमा पर रात के समय गश्ती बढ़ाने पर सहमति
चार दिनों की इस चर्चा में बीएसएफ और बीजीबी ने विस्तृत मुद्दों पर बात की, जिसमें सीमा पर मुस्तैदी बढ़ाने की बात भी शामिल है। दोनों ओर से जारी साझा प्रेस रिलीज के अनुसार बीजीबी के डीजी ने ‘सीमा पर बीएसएफ और भारतीय नागरिकों की ओर से बेगुनाह बांग्लादेशी नागरिकों पर (कथित) अंधाधुंध गोलीबारी और हत्या’पर गहरी चिंता जताई। वहीं, बीएसएफ महानिदेशक ने अतिरिक्त सावधानियां बरतकर और संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में रात के समय गश्त बढ़ाकर सीमा पर होने वाली हत्याओं को रोकने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा जाएगा
प्रेस रिलीज के मुताबिक बीएसएफ डीजी ने कहा, ‘दोनों पक्ष इस बात पर राजी हुए हैं कि वे मिलकर जागरूकता अभियान चलाएंगे। वे पिछड़े क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास की योजनाएं भी लागू करेंगे और सीमा की पवित्रता का सम्मान करेंगे। उद्देश्य ये है कि अपराध करने वाले लोग सीमा पार न कर पाएं,यानी ऐसी घटनाएं बिल्कुल भी न हों।’ इसके अलावा चर्चा के दौरान बीएसएफ डीजी ने स्पष्ट कर दिया कि जो बांग्लादेशी नागरिक भारत में अवैध तरीके से रह रहे हैं, उन्हें आपसी सहमति और तय प्रक्रिया के तहत वापस भेजा जाएगा।
दोनों देशों के बीच इन मुद्दों पर बनी सहमति
इसके अलावा भारत और बांग्लादेश सीमा पर कुछ और बातों पर सहमत हुए हैं। मसलन, दोनों देश अंतरराष्ट्रीय सीमा के 150 यार्ड के भीतर कोई भी नया काम शुरू करने से पहले एक दूसरे से बात कर लेंगे। इसके अलावा दोनों मिलकर नदियों का कटाव रोकने के लिए काम करेंगे। दोनों देश सीमा के पास होने वाली अवैध गतिविधियों जैसे, तस्करी, मानव तस्करी, पिलरों से छेड़छाड़ पर सख्ती से लगाम लगाएंगे। इसके अलावा आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए रियल-टाइम सूचना साझा करेंगे।
कोई देश हवाई क्षेत्र का उल्लंघन न करें, इसपर भी सहमति बनी है और किसी भी तरह की गलतफहमी न हो इसके लिए, इस तरह की तय गतिविधियों की सूचनाओं का पहले ही आदान-प्रदान करेंगे। यही दोनों देश अपने यहां कि मीडिया को विरोधाभासी, भ्रामक, प्रोपेगेंडा और अफवाहों वाली सूचनाओं नहीं फैलाने की सलाह देंगे, ताकि सीमा पर किसी भी तरह से तनाव का माहौल न बने।