नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। बजट भाषण में उन्होंने कहा कि वैश्विक हालात में अनिश्चितता के बावजूद सरकार ने हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित की है। भारत की आर्थिक दिशा स्थिर रही है और देश 2047 तक विकसित भारत बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। लगातार नौवां बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आर्थिक विकास को मजबूत करना और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है। यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर आधारित है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार ने हमेशा असमंजस की जगह ठोस कदम उठाए हैं। हमने बड़े आर्थिक सुधार किए हैं, वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है और मुद्रा स्थिरता के साथ-साथ सार्वजनिक निवेश पर विशेष ध्यान दिया है। जानिए निर्मला सीतारमण के बजट भाषण की बड़ी बातें।
लगातार 9वीं बार पेश किया बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कहा कि आज दुनिया में व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर संकट है। संसाधनों और आपूर्ति शृंखला में रुकावटें आ रही हैं। नई तकनीकें उत्पादन के तरीकों को बदल रही हैं और पानी, ऊर्जा और जरूरी खनिजों की मांग बढ़ा रही हैं। ऐसे माहौल में भारत संतुलन और समावेशन के साथ विकसित भारत की ओर कदम बढ़ाता रहेगा।
आयकर रिटर्न को लेकर वित्त मंत्री ने किए ये बड़े ऐलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर से 31 मार्च करने का प्रस्ताव किया। मामूली फीस के भुगतान के साथ आयकरदाता इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। सीतारमण ने इसके साथ उदारीकृत प्रेषण योजना के तहत एजुकेशन और मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने के मामले में लगने वाले स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) की दर को पांच प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत करने का भी प्रस्ताव किया।
विदेश यात्रा पैकेज की बिक्री पर लगने वाले टीसीएस की दर को पांच प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत करने की घोषणा की गई। यह दर पहले 20 प्रतिशत थी। उन्होंने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में छोटे करदाताओं के लिए नियम-आधारित स्वचालित प्रक्रिया का भी प्रस्ताव रखा। सीतारमण ने अपने बजट भाषण में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण की ओर से दिए गए मुआवजा को कर से छूट देने के प्रस्ताव की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि आयकर अधिनियम, 2025 एक अप्रैल से लागू होगा और इसके नियम और कर रिटर्न फॉर्म जल्दी ही अधिसूचित किए जाएंगे।
एक अप्रैल से आयकर अधिनियम, 2025 लागू हो जाएगा, जो छह दशक पुराने कर कानून का स्थान लेगा। 2026-27 के बजट में कर कानूनों में किए गए बदलावों को नए कानून में शामिल किया जाएगा।
बजट भाषण की बड़ी बातें
- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मैं लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम, जिसे LRS के नाम से जाना जाता है, के तहत शिक्षा और मेडिकल मकसद से TCS दर को 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी करने का प्रस्ताव करती हूं।
- केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि जीडीपी के मुकाबले कर्ज का अनुपात GDP का 55.6 फीसदी रहने का अनुमान है।
- वित्त मंत्री ने कहा कि भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के तौर पर बढ़ावा देने के लिए, मैं राज्यों को देश में 5 रीजनल हब स्थापित करने में मदद करने के लिए एक योजना का प्रस्ताव करती हूं।
- निर्मला सीतारमण ने कहा कि पर्यावरण के लिहाज से टिकाऊ पैसेंजर सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए, हम शहरों के बीच ग्रोथ कनेक्टर के तौर पर 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाएंगे: मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी, वाराणसी से सिलीगुड़ी।
- केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि 2026-27 में, मैं पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव करती हूं।
- इंफ्रास्ट्रक्चर पर, केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि हम 5 लाख से ज़्यादा आबादी वाले शहरों, यानी टियर 2 और टियर 3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास जारी रखेंगे।
- मरीजों, खासकर कैंसर से पीड़ित लोगों को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मैं 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं। मैं दवाओं, मेडिसिन और खास मेडिकल मकसद के लिए इस्तेमाल होने वाले खाने के पर्सनल इंपोर्ट पर इंपोर्ट ड्यूटी से छूट देने के मकसद से 7 और दुर्लभ बीमारियों को जोड़ने का भी प्रस्ताव करती हूं।
- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि रक्षा क्षेत्र की यूनिट्स की ओर से मेंटेनेंस, रिपेयर या ओवरऑल ज़रूरतों के लिए इस्तेमाल होने वाले एयरक्राफ्ट के पार्ट्स बनाने के लिए इंपोर्ट किए जाने वाले कच्चेमाल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव है।
- निर्मला सीतारमण ने कहा कि पर्यावरण के लिहाज से टिकाऊ कार्गो मूवमेंट को बढ़ावा देने के लिए, मैं पूर्व में डंकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाले नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव करती हूं, अगले 5 सालों में 20 नए जलमार्ग चालू किए जाएंगे।
- सीतारमण ने कहा कि इसकी शुरुआत ओडिशा में नेशनल वॉटरवे 5 से होगी, जो तालचेर और अंगुल के खनिज-समृद्ध इलाकों और कलिंगनगर जैसे औद्योगिक केंद्रों को पारादीप और धमरा बंदरगाहों से जोड़ेगा। वाराणसी और पटना में भी अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए एक शिप रिपेयर इकोसिस्टम स्थापित किया जाएगा।
- केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि मैं भविष्य के चैंपियन बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का MSME ग्रोथ फंड बनाने का प्रस्ताव करती हूं।
- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मैं चुनौती मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव करती हूं। मैं खादी और हथकरघा को मजबूत करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं।
- सीतारमण ने कहा कि हाई-वैल्यू, टेक्नोलॉजी-एडवांस्ड CIE की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मज़बूत करने के लिए कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर इक्विपमेंट को बेहतर बनाने की एक योजना शुरू की जाएगी। इसमें आग बुझाने के उपकरण से लेकर लिफ्ट और टनल बोरिंग मशीन तक शामिल हो सकते हैं।
- निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए एक योजना शुरू की गई थी। अब हम ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों को समर्पित रेयर-अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में मदद करने का प्रस्ताव देते हैं।
- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हम इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करेंगे और टेक्नोलॉजी और स्किल्ड वर्कफोर्स डेवलप करने के लिए इंडस्ट्री-लेड रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी फोकस करेंगे।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज हम एक ऐसे बाहरी माहौल का सामना कर रहे हैं जिसमें व्यापार और बहुपक्षवाद खतरे में हैं और संसाधनों और सप्लाई चेन तक पहुंच बाधित है। नई टेक्नोलॉजी प्रोडक्शन सिस्टम को बदल रही हैं, जबकि पानी, ऊर्जा और जरूरी खनिजों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत विकसित भारत की ओर आत्मविश्वास से कदम बढ़ाता रहेगा, जिसमें महत्वाकांक्षा और समावेश को संतुलित किया जाएगा। बढ़ती अर्थव्यवस्था और बढ़ते व्यापार और पूंजी की ज़रूरतों के साथ, भारत को वैश्विक बाजारों के साथ गहराई से जुड़ा रहना चाहिए, ज्यादा निर्यात करना चाहिए और स्थिर लंबे समय के निवेश को आकर्षित करना चाहिए।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नारियल उत्पादन में कॉम्पिटिशन को और बढ़ाने के लिए मैं एक नारियल संवर्धन योजना का प्रस्ताव करती हूं ताकि अलग-अलग तरीकों से उत्पादन बढ़ाया जा सके और उत्पादकता बेहतर हो सके। इसमें मुख्य नारियल उगाने वाले राज्यों में बेकार पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाना शामिल है।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारतीय काजू और कोको के लिए एक खास प्रोग्राम का प्रस्ताव है ताकि भारत कच्चे काजू और नारियल के उत्पादन और प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भर बन सके, निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े और 2030 तक भारतीय काजू और भारतीय कोको को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड में बदला जा सके।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आर्थिक विकास को तेज़ करने और बनाए रखने के लिए मैं छह क्षेत्रों में सुधार करने का प्रस्ताव करती हूं- 7 रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना, पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को फिर से पुनर्जीवित करना, चैंपियन MSME बनाना, इंफ्रा को बढ़ावा देना, लंबी अवधि की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना, शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विकास करना।
बजट को लेकर वित्त मंत्री ने किया ये बड़ा दावा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आत्मनिर्भरता को अपना मार्गदर्शक मानते हुए, हमने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा बनाई है और जरूरी आयात पर निर्भरता कम की है। साथ ही, हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि सरकार के हर काम से नागरिकों को फायदा हो। रोज़गार पैदा करने, कृषि उत्पादकता, परिवारों की खरीदने की शक्ति और लोगों को यूनिवर्सल सर्विस देने के लिए सुधार किए गए हैं। इन उपायों से लगभग 7% की हाई ग्रोथ रेट मिली है और हमें गरीबी कम करने और हमारे लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में काफी मदद मिली है।







