Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

जम्मू में आतंकी हमलों के पीछे कौन?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
July 10, 2024
in राज्य, राष्ट्रीय
A A
terrorist
12
SHARES
411
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: जम्मू में आतंकी हमलों में बढ़ोतरी के बीच सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों का मानना ​​है कि दो से तीन स्थानीय आतंकवादी, जो डोडा से पाक अधिकृत जम्मू और कश्मीर (पीओजेके) में घुसपैठ कर आए थे, हाल के दिनों में पाकिस्तानी आतंकवादियों के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए से घुसपैठ कर चुके हैं और कठुआ, उधमपुर और डोडा जिलों में सफल आतंकी हमलों में उनकी मदद कर रहे हैं। सुरक्षा सूत्रों ने हमारे सहयोगी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया कि ये स्थानीय आतंकवादी सालों पहले पीओजेके में घुसपैठ कर आए थे।

उन्होंने कहा, “हमारे पास खुफिया जानकारी है, जिससे पता चलता है कि ये आतंकवादी विदेशी आतंकवादियों के साथ घुसपैठ कर चुके हैं। भौगोलिक इलाके से परिचित होने की वजह से वे अब जंगलों में लक्ष्यों और सुरक्षित ठिकानों की पहचान करने में उनकी मदद कर रहे हैं। साथ ही, स्लीपर सेल द्वारा स्थानीय समर्थन को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। नाम न बताने की शर्त पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमें जानकारी मिली है कि ये स्थानीय आतंकवादी करीब तीन महीने पहले अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए पाकिस्तानी आतंकवादियों के साथ घुसपैठ कर चुके हैं।” एक सप्ताह पहले, पुलिस महानिदेशक आरआर स्वैन ने कहा था कि कुछ विदेशी आतंकवादी घुसपैठ करने में कामयाब हो गए हैं और सुरक्षा बलों ने उन्हें खत्म करने के लिए आतंकवाद विरोधी अभियान तेज कर दिया है।

इन्हें भी पढ़े

EPFO

अब PF निकालना चुटकियों का काम, UPI से मिनटों में मिलेगा पैसा

April 2, 2026
India will not be able to go to Iran

ईरान नहीं जा पाएगा भारत में जुटाया गया चंदा! जानिए क्यों?

April 2, 2026
pan card

आज से PAN Card के बदले नियम, अब इन 5 डाक्यूमेंट्स के बिना नहीं बनेगा कार्ड

April 2, 2026
ATM card

अब अलर्ट रहें ATM यूजर्स, वरना भारी पड़ेगा हर ट्रांजैक्शन

April 2, 2026
Load More

इस मोबाइल ऐप और चाइनीज हैंडसेट की ले रहे मदद

खुफिया सूत्रों ने खुलासा किया है कि पाकिस्तानी आतंकवादी भौगोलिक इलाके की जानकारी, संवाद और अपने लक्ष्यों का पता लगाने के लिए अल्पाइन क्वेस्ट मोबाइल ऐप और चीनी अल्ट्रासेट हैंडसेट का भी सहारा ले रहे हैं। कठुआ में सोमवार को मछेड़ी इलाके के भदनोता गांव में हुए आतंकवादी हमले की जांच कर रही जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि आतंकवादियों ने लक्ष्य का स्थान चुनने के लिए अल्पाइन क्वेस्ट ऐप का इस्तेमाल किया था। इस हमले में पांच जवान शहीद हो गए थे, जबकि पांच अन्य घायल हुए थे।

बिना नेटवर्क भी ऐप देती है सटीक जानकारी

सूत्रों ने आगे कहा, “हम जांच कर रहे हैं कि पिछले डेढ़ साल में जम्मू में हुए सभी आतंकी हमलों में इस ऐप का इस्तेमाल हुआ था या नहीं। अल्पाइन क्वेस्ट ऐप नदियों, नालों और पहाड़ियों की सटीक लोकेशन की पहचान करने में मदद करती है।” यह ऐप आतंकियों को घने जंगलों में नेविगेट करने और सुरक्षा बलों को चकमा देने में मदद करता है। यह नेटवर्क के बिना भी पहाड़ी इलाकों की सटीक जानकारी देती है। जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन के प्रॉक्सी कश्मीर टाइगर्स ने कठुआ हमले की जिम्मेदारी ली है। जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि जम्मू क्षेत्र में आतंकियों के दो अलग-अलग समूह सक्रिय थे। उन्होंने कहा, “दोनों समूह तीन से चार आतंकियों के छोटे-छोटे समूहों में बंट गए हैं और डोडा, कठुआ, उधमपुर और रियासी के ऊपरी इलाकों में फैल गए हैं।”

14 मोबाइल ऐप्स पर लगाया था बैन

सूत्रों ने बताया कि पिछले साल मई में केंद्र ने 14 मोबाइल मैसेजिंग एप्लीकेशन पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिनका कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर में आतंकी समूहों द्वारा अपने समर्थकों और ओवर ग्राउंड वर्कर्स से बात करने और पाकिस्तान से निर्देश प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। प्रतिबंधित ऐप्स में क्राइपवाइजर, एनिग्मा, सेफस्विस, विक्रम, मीडियाफायर, ब्रायर, बीचैट, नंदबॉक्स, कॉनियन, आईएमओ, एलिमेंट, सेकंड लाइन, जांगी और थ्रीमा शामिल थे। वहीं, सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में ओपन-सोर्स मैसेजिंग एप्लीकेशन ‘ब्रायर’ पर रोक लगाने के केंद्र के आदेश को खारिज करने से इनकार कर दिया और कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों को दरकिनार किया जा सकता है। ब्रायर एक ऐसी तकनीक पर काम करता है जिसमें कोई व्यक्ति इंटरनेट कनेक्टिविटी के बिना भी किसी दूसरे व्यक्ति को सीधे मैसेज भेज सकता है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
CM Yogi

लिफ्ट की सुरक्षा-संरक्षा सुनिश्चित करने प्रदेश में लागू होगा कानून: सीएम योगी

December 26, 2023
Hunger strike started in New Delhi

नई दिल्ली में इज़राइल और फ़िलिस्तीन में शांति के लिए शुरू हुई भूख हड़ताल

November 6, 2023
students

CBSE का बड़ा फैसला, अब साल में 2 बार होंगी 10 वीं बोर्ड की परीक्षा !

June 25, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • अब PF निकालना चुटकियों का काम, UPI से मिनटों में मिलेगा पैसा
  • राघव चड्ढा की कुर्सी क्यों छीन ली? इन वजहों की शुरू हुई चर्चा
  • एमएस धोनी जल्द कर सकते हैं मैदान पर वापसी?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.