नई दिल्ली: भारत ने चंद दिनों पहले (20 अगस्त) को अग्नि 5 मिसाइल का परीक्षण किया था। यह परीक्षण ओडिसा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज में आयोजित किया गया था। इस दौरान मिसाइल ने सफलतापूर्वक अपने मिशन उद्देश्यों को पूरा किया। अग्नि 5 17.5 मीटर लंबी मिसाइल है, जिसका वजन 50000 किलोग्राम है। यह 1000 किलोग्राम से ज्यादा का परमाणु या पारंपरिक पेलोड ले जा सकती है। अग्नि 5 लगभग 30,000 किमी प्रति घंटे की हाइपरसोनिक गति से 5000 किमी से दूर स्थित लक्ष्यों को निशाना बना सकती है। यह दुनिया की सबसे तेज गति से उड़ने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक है।
अग्नि 5 मिसाइल की इतनी चर्चा क्यों
भारत ने अग्नि 5 का परीक्षण पाकिस्तान के नए आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड (ARFC) के गठन की घोषणा के ठीक एक हफ्ते बाद किया है। लेकिन, विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का यह नया परीक्षण पाकिस्तान के अलावा चीन के लिए भी एक संदेश हो सकता है। भारत और चीन के संबंध फिलहाल सुधरते दिख जरूर रहे हैं, लेकिन दोनों देशों की सीमा पर तनाव अब भी बना हुआ है। अग्नि 5 की मारक रेंज में चीन के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों सहित एशिया के अधिकांश हिस्से और यूरोप के कुछ हिस्से शामिल हैं। 2012 के बाद से भारत ने अग्नि 5 मिसाइल का 10वां परीक्षण किया है।
अग्नि 5 मिसाइल चीन के लिए संदेश कैसे
अग्नि 5 मिसाइल के परीक्षण के समय को लेकर भी काफी चर्चा है। भारत ने यह परीक्षण तब किया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल बाद चीन दौरे पर जाने वाले हैं। वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। पीएम मोदी का यह दौरा तब हो रहा है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के खिलाफ 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। इससे भारतीय बाजार को तगड़ा झटका लगा है। वहीं, चीन ने भारत पर लगे अमेरिकी टैरिफ की कड़े शब्दों में आलोचना की है।
मिसाइल शक्ति में पाकिस्तान से काफी आगे भारत
मिसाइलों के मामले में भारत को पाकिस्तान पर पूरी तरह से बढ़त हासिल है। पाकिस्तान के पास ऐसी कोई भी मिसाइल नहीं है, जो भारत के लिए बड़ा खतरा बन सके। वहीं, भारत ने मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को अपनी मिसाइल शक्ति का अनुभव कराया था। भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल से पाकिस्तान के दर्जनों सैन्य ठिकानों और एयरबेसों को नष्ट कर दिया था। इस दौरान पाकिस्तान को कम से कम 5 लड़ाकू विमान भी खोने पड़े थे। वहीं, पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ जो भी मिसाइलें दागने की कोशिश की, उन्हें हवा में ही मार गिराया गया था।
भारत-पाकिस्तान में मिसाइल रेस
भारत और पाकिस्तान दशकों से अपने मिसाइल शस्त्रागार को बढ़ाने में जुटे हुए हैं। रॉकेट फोर्स बनाने से चंद दिनों पहले ही पाकिस्तान ने 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर फतह 5 मिसाइल का अनावरण किया था। फतह 4 एक क्रूज मिसाइल है, जिसकी रेंज 750 किलोमीटर है। यह पारंपरिक और परमाणु दोनों तरह के वारहेड ले जाने में सक्षम है। वहीं, भारत अग्नि-VI पर काम कर रहा है, जिसकी मारक क्षमता 10,000 किलोमीटर से अधिक होने की उम्मीद है। यह मिसाइल मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल (MIRV) से भी लैस होगी, जो इसकी मारक क्षमता को और ज्यादा बढ़ाएगा।
पाकिस्तान की सबसे शक्तिशाली मिसाइल कौन सी है
पाकिस्तान की सबसे लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल शाहीन-III है, जिसकी रेंज 2,750 किमी है। “पाकिस्तान के पास दक्षिण एशिया की पहली एमआईआरवी-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल अबाबील भी है, जो 2,200 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकती है, लेकिन यह किसी भी परमाणु-सशस्त्र देश द्वारा तैनात सबसे कम दूरी की एमआईआरवी-सक्षम प्रणाली है।” पाकिस्तान का मिसाइल कार्यक्रम पूरी तरह से भारत-केंद्रित और रक्षात्मक प्रकृति का है, जबकि भारत की महत्वाकांक्षाएं दक्षिण एशियाई उपमहाद्वीप से परे हैं। भारत अग्नि मिसाइल के कई अलग वेरिएंट्स पर काम कर रहा है। इन सबकी क्षमताएं अलग-अलग हैं।
भारत इस मामले में पाकिस्तान से आगे
भारत पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों (SLBM) का भी निर्माण कर रहा है। पाकिस्तान के पास ऐसी कोई भी शक्ति नहीं है। भारत के पास वर्तमान में ऑपरेशनल पनडु्ब्बी से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों में K-15 और K-4 हैं। इनमें K-15 की रेंज 750 से 1500 किमी और K-4 की रेंज 3500 से 4000 किमी तक है। इसके अलावा भारत K-5 और K-6 मिसाइलों का भी विकास कर रहा है, जिनकी रेंज 5000 से 9000 किमी तक होगी। भारत के पास दो परमाणु क्षमता से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां भी हैं, लेकिन पाकिस्तान के पास एक भी नहीं है।
चीन के पास सबसे शक्तिशाली मिसाइलें
मिसाइलों के मामले में चीन अपने पड़ोसियों भारत और पाकिस्तान से काफी आगे है। चीन के पास DF-41, DF-31 बैलिस्टिक मिसाइलें और JL-2 पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। ये तीनों मिसाइलें भारत की अग्नि 5 मिसाइल से ज्यादा रेंज तक मार कर सकती हैं। इसके अलावा ये मिसाइलें कई वारहेड से लैस भी हैं। जो एक साथ अलग-अलग लक्ष्यों को निशाना बना सकती हैं।