नई दिल्ली। मंगलवार देर रात दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में मस्जिद के पास बुलडोजर कार्रवाई हुई। एमसीडी ने यहां अवैध रुपए से बनाए गए निर्माण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान भीड़ हिंसक हो गई और पथराव शुरू हो गया। इस दौरान पुलिस ने संयम से काम लेते हुए स्थिति को संभाला और कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान सवाल उठा कि आखिर एमसीडी ने यह कार्रवाई की क्यों। आइए समझते हैं पूरा मामला।
MCD ने तुर्कमान गेट इलाके में क्यों चलाया बुलडोजर
इस मामले की जानकारी देते हुए जॉइंट सीपी सेंट्रल रेंज मधुर वर्मा ने बताया कि तुर्कमान गेट इलाके में मस्जिद के पास अवैध निर्माण पर एमसीडी की नोटिस के बाद कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, इलाके को 9 जोन में बांटा गया था, जिसकी निगरानी एडिशनल डीसीपी रैंक के अधिकारी कर रहे थे। इस दौरान संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की 10 से ज्यादा कंपनियां और रैपिड ऐक्शन फोर्स भी तैनात किया गया था।
22 दिसंबर को ही जारी हुआ था नोटिस
इस मामले में कार्रवाई से पहले एमसीडी ने नोटिस जारी किया था। मिली जानकारी के अनुसार बीते 22 दिसंबर को एमसीडी ने नोटिस जारी करते हुए कहा था कि मस्जिद के लिए निर्धारित 0.195 एकड़ जमीन से बाहर बने सभी ढांचे अवैध हैं और उन्हें हटाया जाएगा। एमसीडी ने नोटिस में कहा कि मस्जिद कमेटी या दिल्ली वक्फ बोर्ड की तरफ से बाकी जमीन पर मलिकाना हक या कब्जे से जुड़े कोई भी दस्तावेज नहीं पेश किए गए।
दिल्ली में एमसीडी ने यह कार्रवाई 12 नवंबर को आए हाई कोर्ट के उस आदेश के बाद की है, जिसमें एमसीडी और पीडब्ल्यूडडी को रामलीला मैदान के पास 38,940 वर्गफुट अतिक्रमण तीन महीन में हटाने के निर्देश दिए थे। इस मामले में भी दिल्ली हाई कोर्ट ने मस्जिद प्रबंधन कमेटी की याचिका पर नोटिस जारी किया था, जिसमें एमसीडी की कार्रवाई को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने इस मामले को विचार योग्य माना और एमसीडी से जवाब भी मांगा है।







