नई दिल्ली। ट्रेन टिकट कटवाते वक्त आपने कई बार यह नोटिस किया होगा कि ऑनलाइन टिकट की कीमत ऑफलाइन टिकट की तुलना में अधिक है। भारत में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को IRCTC या अन्य ऑनलाइन ऐप से टिकट खरीदने पर काउंटर से टिकट खरीदने की तुलना में ज्यादा पैसे भरने पड़ते हैं। लोगों के मन में अक्सर यह सवाल आते हैं कि क्या ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले लोगों को कोई एक्स्ट्रा सर्विस दी जाती है? और अगर कोई एक्स्ट्रा सर्विस नहीं दी जाती है तो उनसे एक ही टिकट के ज्यादा पैसे क्यों वसूले जाते हैं। इस सवाल का जवाब खुद रेल मंत्री ने दिया है।
दरअसल शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने बीते दिनों राज्यसभा में IRCTC टिकट की कीमतों में अंतर को लेकर एक सवाल पूछा। इस सवाल का जवाब देते हुए रेल मंत्री रेल मंत्री ने राज्यसभा में बताया कि इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों से कन्वीनियंस फ़ी यानी एक सुविधा शुल्क लेती है। इसके अलावा उस कीमत में बैंक ट्रांजेक्शन चार्जेज भी जोड़े जाते हैं। यही वजह है कि ऑनलाइन टिकट की कीमत रेलवे काउंटर से सीधे खरीदे गए टिकटों की तुलना में ज्यादा होती हैं।
रेल मंत्री ने बताया है कि IRCTC ऑनलाइन टिकटिंग सुविधा प्रदान करने के लिए काफी बड़ी रकम खर्च करता है। टिकटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखने और अपग्रेड करने की लागत को कम करने के लिए IRCTC यह कन्वीनियंस फी लेती है। इस दौरान अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि IRCTC की ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा भारतीय रेलवे की सबसे अच्छी पहलों में से एक है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टिकट खरीदने की सुविधा में यात्रियों को काउंटर पर जाने की झंझट से राहत मिली है जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है। रेलवे के मुताबिक मौजूदा समय में 80 प्रतिशत से अधिक रिजर्व्ड टिकट ऑनलाइन बुक किए जाते हैं।







