नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में 28 जून की सुबह इतनी बारिश हुई कि लगा मानसून आ गया. चारों ओर पानी ही पानी नजर आए. लोग त्राहिमाम करते दिखे. लेकिन उसके बाद से सूखा… गर्मी और उमस ने दिल्लीवालों का बुरा हाल कर रखा है. लोग एक बार फिर झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं. इसी बीच भारतीय मौसम विभाग ने अपना अनुमान बदल दिया है. बताया कि दिल्ली में मानूसन कब तक आएगा? बारिश न होने की वजह क्या है?
आईएमडी ने मंगलवार को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 6 दिन पहले ही पूरे देश में पहुंच गया है. आज यह राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों में बढ़ गया. 8 जुलाई को यह पूरे देश में कवर कर लेगा. 30 मई को मानसून अपने सामान्य समय से दो दिन पहले केरल पहुंचा था. उसके बाद महाराष्ट्र की ओर बढ़ा, लेकिन इसकी गति धीमी हो गई. इसकी वजह से पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बारिश का इंतजार बढ़ गया. इसी वजह से उत्तर पश्चिम भारत में गर्मी पड़ रही है.
जून में 13 साल बाद सबसे कम बारिश
मानसून की गति धीमी होने की वजह से देश में 11 जून से 27 जून तक सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई. आमतौर पर 165.3 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए, लेकिन जून में सिर्फ 147.2 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 13 साल में सबसे कम है. आईएमडी के मुताबिक, अगले चार से पांच दिनों के दौरान मानसून उत्तर-पश्चिम, पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में सक्रिय रहेगा. 2-6 जुलाई के दौरान बिहार, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बहुत भारी वर्षा होने की उम्मीद है.
दिल्ली के लिए क्या अनुमान
मौसम विभाग ने दिल्ली में बारिश को लेकर अपना अनुमान बदल दिया है. उनके मुताबिक, अब मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, बारिश के लिए पूरा माहौल बना हुआ है, लेकिन मानसून रेखा के करीब नहीं आने की वजह से दिल्ली एनसीआर में बारिश नहीं हो रही है. आईएमडी के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में मध्यम बारिश हो सकती है. इसलिए यलो अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है. अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री तक रह सकता है.







