नई दिल्ली। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने अगले महीने होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के लिए एकमात्र हिंदू खिलाड़ी लिटन कुमार दास की अगुआई वाली 15 सदस्यीय टीम का ऐलान किया है। यह घोषणा बांग्लादेश के खेल मंत्रालय की तरफ से टीम के लीग मुकाबलों को भारत से श्रीलंका में शिफ्ट करने की मांग करने के निर्देश के कुछ ही घंटों बाद की गई। बांग्लादेश टीम के एकमात्र हिंदू क्रिकेटर लिटन दास के अलावा बाकी सभी खिलाड़ी मुस्लिम हैं। बता दें कि पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में कई हिंदूओं की हत्या हो चुकी है। इसका भारत में भारी विरोध हो रहा है।
BCB को बांग्लादेश के खेल मंत्रालय ने टीम के टी20 वर्ल्ड कप लीग मुकाबलों को भारत से श्रीलंका में शिफ्ट करने की मांग करने के लिए कहा है। BCCI के निर्देशों पर मुस्तफिजुर रहमान को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से बाहर किए जाने के बाद बांग्लादेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही हैं।
बांग्लादेश के चार लीग मैच में से तीन वेस्टइंडीज (7 फरवरी), इटली (9 फरवरी), इंग्लैंड (14 फरवरी) के खिलाफ कोलकाता में हैं। जबकि उनका आखिरी मैच नेपाल (17 फरवरी) के खिलाफ मुंबई में होगा। टी20 वर्ल्ड कप 7 फरवरी से 8मार्च तक भारत और श्रीलंका द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाएगा।
दास कप्तान बरकरार हैं। जबकि तेज गेंदबाज तास्किन अहमद हाल में आयरलैंड सीरीज से बाहर रहने के बाद टीम में वापस आए हैं। अहमद तेज गेंदबाजी विभाग में रहमान के साथ टीम बनाएंगे जिन्हें उम्मीद के मुताबिक टीम में शामिल किया गया है।
BCB ने X पर कहा, “बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए राष्ट्रीय टीम की घोषणा की है जो सात फरवरी से आठ मार्च तक भारत और श्रीलंका में आयोजित किया जाएगा।”
BCCI के निर्देश के बाद शाहरुख खान की आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने शनिवार को रहमान को रिलीज कर दिया। उन्हें पिछले महीने अबुधाबी में हुई नीलामी में 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा गया था।
इसके बाद बांग्लादेश सरकार के सलाहकार आसिफ नजरु ने बीसीबी को जय शाह के नेतृत्व वाली ICC से बांग्लादेश के चार लीग मैच को श्रीलंका में शिफ्ट करने के लिए कहने का निर्देश दिया। हालांकि बीसीसीआई के एक सूत्र के अनुसार, टूर्नामेंट शुरू होने में सिर्फ एक महीना बचा है, ऐसे में यह बदलाव लगभग असंभव है।
हालांकि, बीसीसीआई ने रहमान को रिलीज करने के अपने फैसले के लिए बांग्लादेश में मौजूदा राजनीतिक स्थिति का स्पष्ट रूप से जिक्र नहीं किया। लेकिन उसने यह जरूर कहा कि यह कदम चारों ओर हो रही घटनाओं के कारण उठाया गया है।







