Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

बदले जाएंगे 10 और 20 रुपए के नोट, आरबीआई ने कर दिया बड़ा ऐलान?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
July 19, 2026
in राष्ट्रीय, व्यापार
A A
20
SHARES
658
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। यूपीआई का जमाना है. लोग कैश कम ही अपने पास रखते हैं. वजह वाजिब भी है क्योंकि कागज के नोट जल्दी खराब हो जाते हैं. बड़ी आसानी से फट भी जाते हैं. हालांकि, अब यह समस्या दूर होने वाली है क्योंकि आपकी जेब में रखा नोट आने वाले समय में प्लास्टिक का हो सकता है.

भारतीय रिजर्व बैंक की नोट छापने वाली विंग BRBNMPL ने प्लास्टिक के नोट बनाने के लिए ग्लोबल टेंडर निकाला है. कंपनी ने दुनियाभर की कंपनियों से पॉलिमर शीट बनाने और सप्लाई करने के लिए रुचि की अभिव्यक्ति (EOI) मांगी है यानी पहली बार नोट छापने के लिए जरूरी प्लास्टिक मटेरियल खरीदने की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू होती दिख रही है. शुरुआती चरण में 10 और 20 रुपये के नोट पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किए जा सकते हैं.

इन्हें भी पढ़े

crude oil

न अमेरिका-ईरान के बीच डील हुई, न होर्मुज खुला, फिर भी गिरे कच्चे तेल के दाम

October 3, 2026
Ladakh

भारत सरकार ने लद्दाख की 28 जगहों के आधिकारिक नाम तय किए, अक्साई चिन भी शामिल

October 3, 2026
Dr. Ambedkar

एकात्म मानवदर्शन के बहुत निकट था डॉ अम्बेडकर का आर्थिक दृष्टिकोण

October 3, 2026
RSS

संघ को समझने का प्रयास है पुस्तक – आरएसएस @100

October 3, 2026
Load More

आखिर प्लास्टिक नोट होते क्या हैं?

प्लास्टिक नोट को पॉलिमर नोट कहा जाता है. ये सामान्य प्लास्टिक नहीं, बल्कि एक खास तरह की मजबूत प्लास्टिक फिल्म पर छपते हैं. इस फिल्म पर सफेद कोटिंग की जाती है ताकि नोट की छपाई हो सके. नोट में एक ट्रांसपरेंट विंडो भी होता है, जो इसकी सबसे बड़ी सुरक्षा पहचान मानी जाती है. इसी वजह से ऐसे नोटों की नकली कॉपी बनाना बेहद मुश्किल होता है.

सबसे पहले कौन से नोट बदल सकते हैं?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर पायलट प्रोजेक्ट शुरू होता है, तो 10 और 20 रुपये के नोट सबसे पहले पॉलिमर में आ सकते हैं. वजह साफ है ये सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं और सबसे जल्दी खराब भी होते हैं.

RBI का यह कदम कितना बड़ा है?

BRBNMPL वही कंपनी है, जो मैसूरु और सालबोनी की प्रेस में भारतीय करेंसी छापती है. जब यही कंपनी पॉलिमर शीट खरीदने के लिए वैश्विक कंपनियों से प्रस्ताव मांग रही है, तो यह सिर्फ एक विचार नहीं बल्कि तैयारी का ठोस संकेत माना जा रहा है. हालांकि अभी इसका मतलब यह नहीं है कि अगले महीने से प्लास्टिक के नोट बाजार में आ जाएंगे. फिलहाल यह प्रक्रिया शुरुआती चरण में है.

5 जून, 2026 को मौद्रिक नीति के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा था कि पॉलिमर नोटों का प्रस्ताव विचाराधीन है. उन्होंने साफ किया था कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और केंद्रीय बैंक इसके फायदे और नुकसान का आकलन कर रहा है.

कहानी कोई नई नहीं

  • भारत में पॉलिमर नोट का विचार करीब 14 साल पुराना है.
  • 2009 के आसपास पहली बार इस पर चर्चा शुरू हुई
  • 2012 में सरकार ने 10 रुपये के 100 करोड़ पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दी.
  • 2014 में तय हुआ कि कोच्चि, मैसूरु, जयपुर, शिमला और भुवनेश्वर में अलग-अलग मौसम में इनका परीक्षण होगा.
  • 2016 में सरकार ने बताया कि सामग्री खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है लेकिन तकनीकी और परिचालन कारणों से यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी और प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया.

अब फिर क्यों शुरू हुई तैयारी?

डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़े हैं, लेकिन नकदी की मांग भी लगातार बढ़ रही है. मई 2026 तक देश में चलन में नकदी 42.86 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. दूसरी ओर हर साल बड़ी संख्या में कटे-फटे और गंदे नोट नष्ट करने पड़ रहे हैं. 2024-25 में करीब 23.8 अरब नोट चलन से हटाए गए. नोट छापने पर भी हर साल हजारों करोड़ रुपये खर्च होते हैं. ऐसे में लंबे समय तक चलने वाले पॉलिमर नोट सरकार और RBI के लिए लागत कम करने का विकल्प बन सकते हैं.

प्लास्टिक नोटों के फायदे

  • सबसे बड़ा फायदा इनकी लंबी उम्र है.
  • ये कागज के नोटों की तुलना में ढाई से चार गुना ज्यादा चल सकते हैं.
  • ये पानी से जल्दी खराब नहीं होते आसानी से फटते नहीं हैं और गंदगी भी कम पकड़ते हैं.
  • कई शोधों में पाया गया है कि इनकी सतह पर बैक्टीरिया भी कम टिकते हैं. सबसे अहम बात इनकी पारदर्शी विंडो और आधुनिक सुरक्षा फीचर इन्हें नकली बनाना बेहद कठिन बना देते हैं.

लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं

  • पॉलिमर नोट शुरू में महंगे पड़ते हैं क्योंकि इनके लिए खास मटेरियल चाहिए जिसे फिलहाल विदेशों से खरीदना पड़ सकता है.
  • देशभर के ATM और नोट गिनने वाली मशीनों को भी नए नोटों के हिसाब से अपग्रेड करना पड़ सकता है.
  • भारत जैसे गर्म देश में अत्यधिक तापमान का असर भी एक चुनौती माना जाता है. इसके अलावा कई देशों में लोगों ने शिकायत की है कि नए पॉलिमर नोट आपस में चिपक जाते हैं और मोड़ने पर उन पर स्थायी सिलवट पड़ जाती है.

दुनिया में कहां-कहां चलते हैं पॉलिमर नोट?

  • ऑस्ट्रेलिया ने 1988 में सबसे पहले पॉलिमर नोट शुरू किए और बाद में पूरी करेंसी बदल दी गई.
  • इसके बाद कनाडा, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई समेत 40 से ज्यादा देशों ने इन्हें अपनाया. इन देशों का अनुभव बताता है कि शुरुआत में लागत ज्यादा होती है, लेकिन लंबे समय में नोट ज्यादा टिकाऊ साबित होते हैं.

आगे क्या होगा?

अभी EOI केवल पहला कदम है# इसके बाद टेंडर, तकनीकी जांच, सैंपल टेस्टिंग, सुरक्षा परीक्षण और पायलट प्रिंटिंग जैसी कई प्रक्रियाएं होंगी यानी कागज के नोट अभी खत्म नहीं होने वाले. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक आगे बढ़ा तो शुरुआत छोटे मूल्य के नोटों से हो सकती है और कुछ समय तक कागज और पॉलिमर दोनों तरह के नोट साथ-साथ चलेंगे. फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि 14 साल से रुकी हुई पॉलिमर नोट की योजना अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा गंभीरता से आगे बढ़ती दिखाई दे रही है.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

हिंदी के लिए खुला विश्व-द्वार

June 17, 2022
Taranjit Singh Sandhu

मानसून से पहले वर्षा जल संचयन परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश, उपराज्यपाल ने गुणवत्ता और सुरक्षा पर दिया जोर

June 16, 2026

प्रतीक और प्रतिनिधित्व

June 30, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • CM रेखा गुप्ता का ओखला लैंडफिल दौरा, 2026 के अंत तक कूड़े के पहाड़ को खत्म करने का किया दावा
  • न अमेरिका-ईरान के बीच डील हुई, न होर्मुज खुला, फिर भी गिरे कच्चे तेल के दाम
  • भारत सरकार ने लद्दाख की 28 जगहों के आधिकारिक नाम तय किए, अक्साई चिन भी शामिल

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.