अब सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत लंबी छलांग लगाने वाला है. दरअसल, अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाला वेदांता समूह और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र की दिग्गज फॉक्सकॉन ने सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले एफएबी मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए गुजरात सरकार के साथ दो एमओयू साइन किया है.
1.54 लाख करोड़ इन्वेस्ट करेगी वेदांता
गुजरात के गांधीनगर में आयोजित समारोह में रेल और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए. इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियां गुजरात में यह सेमीकंडक्टर संयंत्र लगाने के लिए 1,54,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इससे राज्य में रोजगार के मौके भी पैदा होंगे.
1 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि गुजरात में सेमीकंडक्टर परियोजना स्थापित करने और डिस्प्ले एफएबी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने से करीब 1 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे. उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार इसके लिए दोनों कंपनियों को पूरा सहयोग देगी. गौरतलब है कि इस साल फरवरी में, वेदांता ने फॉक्सकॉन के साथ एक संयुक्त उद्यम में प्रवेश किया था और भारत सरकार की सेमीकंडक्टर निर्माण योजना के लिए आवेदन किया था.
अनिल अग्रवाल ने किया ये ट्वीट
वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर इस डील की जानकारी दी है. उन्होंने लिखा, ‘ऐतिहासिक मौका, मुझे यह ऐलान करते हुए खुशी हो रही है कि गुजरात में नया वेदांता-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित किया जाएगा. वेदांता ग्रुप का 1.54 लाख करोड़ रुपये का निवेश भारत की आत्मनिर्भर सिलिकॉन वैली को वास्तविकता बनाने में मदद करेगा.
वेदांता ग्रुप की 60% हिस्सेदारी
बिजनेस टुडे के मुताबिक, Vedanta और Foxconn के इस संयुक्त उद्यम में जहां अनिल अग्रवाल के समूह की 60 फीसदी हिस्सेदारी है, वहीं फॉक्सकॉन का 40 फीसदी हिस्सा है. इसमें कहा गया कि अगले दो वर्षों में सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र स्थापित किए जाने की उम्मीद है. इस डील के बारे में वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने भी ट्वीट के जरिए जानकारी साझा की है.






